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	<title>Uncategorized &#8211; Bihar Board Solutions</title>
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	<description>Bihar Board Solutions for Class 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11 and 12</description>
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		<title>Bihar Board Class 12th Political Science Notes Chapter 17 क्षेत्रीय आकांक्षाएँ</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Priyanshu]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 28 Apr 2021 06:13:16 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uncategorized]]></category>
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					<description><![CDATA[Bihar Board Class 12th Political Science Notes Chapter 15 लोकतांत्रिक व्यवस्था का संकट → 1980 के दशक को स्वायत्तता की माँग के दशक के रूप में देखा जा सकता है। भारत सरकार ने लोगों की मांगों को दबाने के लिए जवाबी कार्रवाई की। → भारत ने विविधता के प्रश्न पर लोकतान्त्रिक दृष्टिकोण अपनाया। लोकतन्त्र में ... <a title="Bihar Board Class 12th Political Science Notes Chapter 17 क्षेत्रीय आकांक्षाएँ" class="read-more" href="https://biharboard.guru/bihar-board-class-12th-political-science-notes-chapter-17/" aria-label="Read more about Bihar Board Class 12th Political Science Notes Chapter 17 क्षेत्रीय आकांक्षाएँ">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h2 class="entry-title">Bihar Board Class 12th Political Science Notes Chapter 15 लोकतांत्रिक व्यवस्था का संकट</h2>
<p>→ 1980 के दशक को स्वायत्तता की माँग के दशक के रूप में देखा जा सकता है। भारत सरकार ने लोगों की मांगों को दबाने के लिए जवाबी कार्रवाई की।</p>
<p>→ भारत ने विविधता के प्रश्न पर लोकतान्त्रिक दृष्टिकोण अपनाया। लोकतन्त्र में क्षेत्रीय आकांक्षाओं की राजनीतिक अभिव्यक्ति की अनुमति है और लोकतन्त्र क्षेत्रीयता को राष्ट्र विरोधी नहीं मानता।</p>
<p>→ स्वतन्त्रता के तुरन्त बाद जम्मू-कश्मीर का मसला सामने आया। यह केवल भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष का मामला नहीं था। कश्मीर घाटी के लोगों की राजनीतिक आकांक्षाओं का सवाल भी इससे जुड़ा हुआ है।</p>
<p>→ अलगाव के आन्दोलनों के अलावा देश में भाषा के आधार पर राज्यों के गठन की माँग करते हुए जन-आन्दोलन चले। मौजूदा आन्ध्र प्रदेश, कर्नाटक, महाराष्ट्र और गुजरात ऐसे ही आन्दोलनों वाले राज्य हैं।</p>
<p>→ जम्मू-कश्मीर में जारी हिंसा के कारण अनेक लोगों की जान गई और सैकड़ों परिवारों का विस्थापन हुआ। कश्मीर मुद्दा भारत और पाकिस्तान के बीच एक बड़ा मुद्दा रहा है।</p>
<p>→ सन् 1947 से पहले जम्मू एवं कश्मीर में राजशाही थी। इसके हिन्दू शासक हरिसिंह भारत में शामिल नहीं होना चाहते थे और इन्होंने अपने स्वतन्त्र राज्य के लिए भारत और पाकिस्तान के साथ समझौता करने की कोशिश की। अन्ततः कश्मीर का भारत में विलय हुआ।</p>
<p>→ भारत जम्मू एवं कश्मीर की स्वायत्तता को बरकरार रखने पर सहमत हो गया। इसे संविधान की धारा-370 का प्रावधान करके संवैधानिक दर्जा दिया गया। उस समय से जम्मू-कश्मीर की राजनीति सदैव विवादग्रस्त एवं संघर्षयुक्त रही।</p>
<p>→ धारा-370 में जम्मू-कश्मीर को भारत के अन्य राज्यों के मुकाबले ज्यादा स्वायत्तता दी गई है। जम्मू-कश्मीर राज्य का अपना संविधान है। भारतीय संविधान की सारी व्यवस्थाएँ इस राज्य में लागू नहीं होतीं। संसद द्वारा पारित कानून राज्य में उसकी सहमति के बाद ही लागू होता है।</p>
<p>→ जम्मू-कश्मीर में सन् 1987 के विधानसभा चुनाव के बाद फारुख अब्दुल्ला मुख्यमन्त्री बने।</p>
<p>→ 1980 के दशक में पंजाब में कई बड़े परिवर्तन आए। बाद में इसके कुछ हिस्सों से हरियाणा और हिमाचल प्रदेश नामक राज्य बनाए गए। सन् 1966 में पंजाबी-भाषी प्रान्त का निर्माण हुआ।</p>
<p>→ 1970 के दशक में अकालियों के एक वर्ग ने पंजाब के लिए स्वायत्तता की माँग उठाई।</p>
<p>→ जून 1984 में भारत सरकार ने &#8216;ऑपरेशन ब्लू स्टार&#8217; चलाया। यह अमृतसर के स्वर्ण मन्दिर में की गई सैन्य कार्रवाई का कूट नाम था।</p>
<p>→ तत्कालीन प्रधानमन्त्री इन्दिरा गांधी की हत्या उन्हीं के अंगरक्षकों ने उनके आवास के बाहर 31 अक्टूबर, 1984 को कर दी। ये अंगरक्षक सिक्ख थे और ऑपरेशन ब्लू स्टार का बदला लेना चाहते थे। इस घटना के बाद भारत के उत्तरी भाग में सिक्ख समुदाय के विरुद्ध हिंसा भड़क उठी।</p>
<p>→ पूर्वोत्तर में क्षेत्रीय आकांक्षाएँ 1980 के दशक में एक निर्णायक मोड़ पर आ गई थीं। पूर्वोत्तर क्षेत्र में सात राज्य हैं जिन्हें &#8216;सात बहनों के नाम से जाना जाता है।</p>
<p>→ नागालैण्ड को सन् 1960 में; मेघालय, मणिपुर और त्रिपुरा को सन् 1972 में तथा अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम को सन् 1987 में राज्य का दर्जा दिया गया।</p>
<p>→ सन् 1986 में राजीव गांधी और लालडेंगा के बीच एक शान्ति समझौता हुआ। समझौते में मिजोरम को पूर्ण राज्य का दर्जा मिला और उसे कुछ विशेष अधिकार दिए गए। लालडेंगा मुख्यमन्त्री बने।</p>
<p>→ सन् 1979 से सन् 1985 तक चला असम आन्दोलन बाहरी लोगों के विरुद्ध चले आन्दोलनों का सबसे अच्छा उदाहरण है।</p>
<p>→ क्षेत्रीय आकांक्षाएँ लोकतान्त्रिक राजनीति का अभिन्न अंग है।</p>
<p>→ क्षेत्रीय आकांक्षाएँ-क्षेत्रीय आकांक्षाएँ, लोकतन्त्र में क्षेत्रीय आकांक्षाओं की अभिव्यक्ति की अनुमति है और लोकतन्त्र क्षेत्रीयता को राष्ट्र-विरोधी नहीं मानता। विभिन्न दल और समूह क्षेत्रीय पहचान, आकांक्षा अथवा किसी विशेष क्षेत्रीय समस्या को आधार बनाकर लोगों की भावनाओं का प्रतिनिधित्व करते हैं।</p>
<p>→ नेशनल कॉन्फ्रेंस-नेशनल कॉन्फ्रेंस जम्मू एवं कश्मीर की एक प्रमुख राजनीतिक पार्टी है। शेख मुहम्मद अब्दुल्ला इसके प्रमुख नेता थे। नेशनल कॉन्फ्रेंस एक धर्मनिरपेक्ष संगठन था और इसका कांग्रेस के साथ काफी समय तक गठबन्धन रहा।</p>
<p>→ धारा-370 का प्रावधान-कश्मीर को संविधान में धारा-370 के अन्तर्गत विशेष दर्जा दिया गया है। धारा-370 के तहत जम्मू एवं कश्मीर को भारत के अन्य राज्यों की अपेक्षा अधिक स्वायत्तता दी गई है। राज्य का अपना संविधान है। भारतीय संविधान की समस्त व्यवस्थाएँ इस राज्य में लागू नहीं होती। संसद द्वारा पारित कानून राज्य में उसकी सहमति के बाद ही लागू हो सकते हैं।</p>
<p>→ आजाद कश्मीर-सन् 1947 में जम्मू एवं कश्मीर राज्य में पाकिस्तान ने कबायली हमला करवाया था इसके फलस्वरूप राज्य का हिस्सा पाकिस्तानी नियन्त्रण में आ गया। भारत ने दावा किया कि यह क्षेत्र का अवैध अधिग्रहण है। पाकिस्तान ने इस क्षेत्र को &#8216;आजाद कश्मीर&#8217; कहा।</p>
<p>→ अकाली दल-सिक्खों की राजनीतिक शाखा के रूप में 1920 के दशक में अकाली दल का गठन हुआ था। मास्टर तारा सिंह अकाली आन्दोलन के प्रमुख नेता थे। अकाली दल को पंजाब के हिन्दुओं के बीच कुछ विशेष समर्थन हासिल नहीं था। सन् 1980 में अकाली दल ने पंजाब तथा पड़ोसी राज्यों के बीच पानी के बँटवारे के मुद्दे पर एक आन्दोलन चलाया।</p>
<p>→ ऑपरेशन ब्लू स्टार-जून 1984 में भारत सरकार ने &#8216;ऑपरेशन ब्लू स्टार&#8217; चलाया। यह अमृतसर के स्वर्ण मन्दिर में की गई सैन्य कार्रवाई का कूट नाम था। इस सैन्य अभियान में सरकार ने उग्रवादियों को सफलतापूर्वक मार भगाया लेकिन सैन्य कार्रवाई से ऐतिहासिक स्वर्ण मन्दिर को भी क्षति पहुंची।</p>
<p>→ राजीव गांधी-लोंगोवाल समझौता-अकाली दल के तत्कालीन अध्यक्ष हरचन्द सिंह लोंगोवाल के साथ जुलाई 1985 में एक समझौता हुआ। इसे राजीव गांधी-लोंगोवाल अथवा पंजाब समझौता कहा जाता है। समझौता पंजाब में शान्ति स्थापित करने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम था।</p>
<p>→ पूर्वोत्तर के सात राज्य अथवा सात बहनें-पूर्वोत्तर में सात राज्य हैं-अरुणाचल प्रदेश, असम, नागालैण्ड, मणिपुर, मिजोरम, मेघालय, त्रिपुरा। इन राज्यों को ‘सात बहनें&#8217; कहा जाता है।</p>
<p>→ ई० वी० रामास्वामी नायकर-पेरियार के नाम से प्रसिद्ध। इन्होंने द्रविड़ कणकन की स्थापना की तथा हिन्दी व उत्तर भारतीय वर्चस्व का विरोध किया।</p>
<p>→ शेख मुहम्मद अब्दुल्ला&#8211;भारत में विलय के बाद जम्मू-कश्मीर के प्रधामन्त्री बने। इन्होंने जम्मू-कश्मीर की स्वायत्तता एवं धर्म-निरपेक्षता का समर्थन किया।</p>
<p>→ मास्टर तारा सिंह-सिक्खों के प्रमुख धार्मिक एवं राजनीतिक नेता। इन्होंने स्वतन्त्रता के बाद अलग पंजाब राज्य के निर्माण का समर्थन किया तथा अकाली आन्दोलन का नेतृत्व किया।</p>
<p>→ लालडेंगा-मिजो नेशनल फ्रंट के संस्थापक व नेता। इन्होंने भारत के विरुद्ध दो दशक तक सशक्त संघर्ष का नेतृत्व किया तथा नव-निर्मित मिजोरम राज्य के मुख्यमन्त्री बने।</p>
<p>→ अंगमी जाप फिजो-नागालैण्ड के स्वतन्त्रता आन्दोलन के नेता। इन्होंने भारत सरकार के विरुद्ध सशस्त्र संघर्ष की शुरुआत की।</p>
<p>→ काजी लैंदुप दोरजी खांगसरपा–सिक्किम के लोकतन्त्र बहाली आन्दोलन के नेता। इन्होंने सिक्किम के भारत में विलय का समर्थन किया।</p>
<p><a href="https://biharboard.guru/bihar-board-class-12th-political-science-notes/">Bihar Board Class 12th Political Science Notes</a></p>
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		<title>Bihar Board Class 12th Political Science Notes Chapter 12 नियोजित विकास की राजनीति</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Priyanshu]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 27 Apr 2021 12:53:35 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uncategorized]]></category>
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					<description><![CDATA[Bihar Board Class 12th Political Science Notes Chapter 12 नियोजित विकास की राजनीति → लौह-अयस्क के अधिकांश भण्डार ओडिशा राज्य के आदिवासी बहुल जिलों में हैं जिनका दोहन होना अभी शेष है। → इस्पात की विश्वव्यापी माँग बढ़ने से निवेश की दृष्टि से ओडिशा एक महत्त्वपूर्ण स्थान के रूप में उभरा है। → ओडिशा सरकार ... <a title="Bihar Board Class 12th Political Science Notes Chapter 12 नियोजित विकास की राजनीति" class="read-more" href="https://biharboard.guru/bihar-board-class-12th-political-science-notes-chapter-12/" aria-label="Read more about Bihar Board Class 12th Political Science Notes Chapter 12 नियोजित विकास की राजनीति">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h2 class="entry-title">Bihar Board Class 12th Political Science Notes Chapter 12 नियोजित विकास की राजनीति</h2>
<p>→ लौह-अयस्क के अधिकांश भण्डार ओडिशा राज्य के आदिवासी बहुल जिलों में हैं जिनका दोहन होना अभी शेष है।</p>
<p>→ इस्पात की विश्वव्यापी माँग बढ़ने से निवेश की दृष्टि से ओडिशा एक महत्त्वपूर्ण स्थान के रूप में उभरा है।</p>
<p>→ ओडिशा सरकार ने अन्तर्राष्ट्रीय इस्पात-निर्माताओं व राष्ट्रीय स्तर के इस्पात-निर्माताओं के साथ सहमति-पत्र पर हस्ताक्षर किए। आदिवासियों को डर था कि यदि यहाँ उद्योग स्थापित हो गए तो उन्हें अपने घर से विस्थापित होना पड़ेगा और आजीविका छिन जाएगी।</p>
<p>→ विकास से जुड़े फैसलों में एक सामाजिक समूह के हितों को दूसरे सामाजिक समूह के हितों की तुलना में तौला जाता है। साथ ही वर्तमान पीढ़ी के हितों और आने वाली पीढ़ी के हितों को भी लाभ-हानि के तराजू पर तौलना पड़ता है।</p>
<p>→ स्वतन्त्रता के बाद देश में कई फैसले लिए गए। सभी फैसले परस्पर आर्थिक विकास के एक मॉडल या &#8216;विजन&#8217; से जुड़े हुए थे।</p>
<p>→ भारत के विकास का अर्थ आर्थिक संवृद्धि तथा आर्थिक सामाजिक-न्याय ही है। इस बात पर भी सहमति थी कि इस मामले को व्यवसायी, उद्योगपति तथा किसानों के भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता। सरकार को इस मसले पर महत्त्वपूर्ण भूमिका का निर्वाह करना था।</p>
<p>→ स्वतन्त्रता से पूर्व &#8216;विकास&#8217; की बात आते ही &#8216;विकास&#8217; का पैमाना पश्चिमी देशों को मानते थे। विकास का अर्थ था-अधिक-से-अधिक आधुनिक होना तथा आधुनिक होने का अर्थ था&#8211;पश्चिमी औद्योगिक देशों के समान होना।</p>
<p>→ स्वतन्त्रता प्राप्ति के समय भारत के समक्ष विकास के दो मॉडल थे पहला उदारवादी पूँजीवादी मॉडल था। यूरोप के अधिकांश देशों और संयुक्त राज्य अमेरिका में यही मॉडल अपनाया गया था। दूसरा समाजवादी मॉडल था जिसे सोवियत संघ ने अपनाया था। इन दोनों महाशक्तियों (सोवियत संघ व संयुक्त राज्य अमेरिका) के बीच &#8216;शीत युद्ध&#8217; का दौर चल रहा था।</p>
<p>→ स्वतन्त्रता आन्दोलन के दौरान यह बात स्पष्ट हो गई थी कि गरीबी को समाप्त करने व सामाजिक-आर्थिक पुनर्वितरण के कार्य का प्रमुख दायित्व सरकार का होगा।</p>
<p>→ अर्थव्यवस्था के पुनर्निर्माण के लिए नियोजन के विचार को 1940 और 1950 के दशकों में सम्पूर्ण विश्व में जनसमर्थन प्राप्त हुआ था।</p>
<p>→ सन् 1944 में भारत में उद्योगपतियों का एक समूह एकजुट हुआ। इस समूह ने देश में नियोजित अर्थव्यवस्था चलाने का एक संयुक्त प्रस्ताव तैयार किया, जिसे &#8216;बॉम्बे प्लान&#8217; के नाम से जाना जाता है। इस प्लान की मुख्य बात यह थी कि सरकार औद्योगिक व अन्य आर्थिक निवेश के क्षेत्रों में बड़े कदम उठाए।</p>
<p>→ सोवियत संघ की तरह भारत के योजना आयोग ने भी पंचवर्षीय योजनाओं के विकल्प का चयन किया।</p>
<p>→ सन् 1951 में पहली पंचवर्षीय योजना का प्रारूप जारी हुआ तथा इसी वर्ष नवम्बर में इस योजना का वास्तविक दस्तावेज जारी किया गया।</p>
<p>→ पहली पंचवर्षीय योजना में सर्वाधिक बल कृषि-क्षेत्र पर दिया गया था।</p>
<p>→ योजनाकारों का मूलभूत लक्ष्य राष्ट्रीय आय के स्तर को ऊँचा करना था। यह तभी सम्भव था, जब लोगों की बचतें उनके खर्चों से अधिक हों।</p>
<p>→ दूसरी पंचवर्षीय योजना (1956) में भारी उद्योग के विकास पर जोर दिया गया। पी० सी० महालनोबिस के नेतृत्व में अर्थशास्त्रियों और योजनाकारों के एक दल ने यह योजना तैयार की।</p>
<p>→ औद्योगीकरण पर दिए गए बल से भारतीय अर्थव्यवस्था के विकास को नया आयाम मिला।</p>
<p>→ जे० सी० कुमारप्पा जैसे गांधीवादी अर्थशास्त्रियों ने एक वैकल्पिक योजना का प्रारूप प्रस्तुत किया था जिसमें ग्रामीण औद्योगीकरण पर बल दिया गया था।</p>
<p>→ चौधरी चरणसिंह ने भारतीय अर्थव्यवस्था के नियोजन में कृषि को केन्द्र में रखने की बात अत्यन्त सुविचारित और सशक्त ढंग से उठाई थी।</p>
<p>→ कई लोगों का मत था कि औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि दर को तीव्र किए बिना गरीबी से छुटकारा नहीं मिल सकता।</p>
<p>→ भारतीय अर्थव्यवस्था को &#8216;मिश्रित अर्थव्यवस्था&#8217; कहा जाता है।</p>
<p>→ नियोजित विकास के इसी दौर में भारत के आगामी आर्थिक विकास की बुनियाद पड़ी। भारत के इतिहास की कुछ सबसे बड़ी विकास परियोजनाएँ इसी अवधि में प्रारम्भ हुईं; जैसे-भाखड़ा-नांगल परियोजना व हीराकुड परियोजना।</p>
<p>→ सार्वजनिक क्षेत्र के कुछ भारी उद्योग; जैसे—इस्पात संयन्त्र, तेलशोधक कारखाने, विनिर्माण इकाइयाँ, रक्षा उत्पादन आदि इसी अवधि में प्रारम्भ हुए।</p>
<p>→ भारत में सरकार ने खाद्य सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए कृषि की एक नई रणनीति अपनाई। सरकार ने उन क्षेत्रों पर ज्यादा संसाधन स्थापित करने का फैसला किया जहाँ सिंचाई सुविधा उपलब्ध थीं। सरकार ने उच्च गुणवत्ता के बीज, उर्वरक, कीटनाशक तथा बेहतर सिंचाई सुविधा बड़े अनुदानित मूल्य पर उपलब्ध कराना शुरू किया। यही उस घटना की शुरुआत थी जिसे &#8216;हरित क्रान्ति&#8217; के नाम से जाना जाता है।</p>
<p>→ हरित क्रान्ति से देश में खाद्यान्न की उपलब्धता में वृद्धि हुई।</p>
<p>→ सन् 1969 में 14 निजी बैंकों का राष्ट्रीयकरण कर दिया गया।</p>
<p>→ सार्वजनिक क्षेत्र के उद्योगों में बढ़ते भ्रष्टाचार व अकुशलता तथा नौकरशाही द्वारा आर्थिक विकास में अधिक सकारात्मक भूमिका नहीं निभाने के कारण जनता का विश्वास टूट गया। फलस्वरूप देश के नीति-निर्माताओं ने सन् 1980 के दशक के बाद से अर्थव्यवस्था में राज्य की भूमिका को कम कर दिया।</p>
<p>→ पंचवर्षीय योजनाओं का क्रम चलता रहा लेकिन 1961-66 की तीसरी पंचवर्षीय योजना के बाद अड़चनें आने लगीं। यही कारण है कि तीन वर्ष की अवधि का विराम आया, फिर एकवर्षीय योजनाएँ चलती रहीं, इसको &#8216;नियोजन अवकाश&#8217; कहा गया।</p>
<p>→ वामपन्थ-&#8216;वामपन्थ&#8217; में मुख्यत: उन लोगों की तरफ संकेत किया जाता है जो गरीब और पिछड़े सामाजिक समूह को महत्त्व प्रदान करते हैं तथा इन वर्गों को लाभ पहुंचाने वाली सरकारी नीतियों का समर्थन करते हैं।</p>
<p>→ दक्षिणपन्थ-&#8216;दक्षिणपन्थी&#8217; रुझान वाली विचारधारा से उन लोगों की ओर संकेत किया जाता है जो यह मानते हैं कि खुली प्रतिस्पर्धा और बाजारमूलक अर्थव्यवस्था के द्वारा ही प्रगति हो सकती है।</p>
<p>→ विजन-विजन से तात्पर्य नजरिया या दृष्टिकोण से है।</p>
<p>→ विकास-विकास का अर्थ अधिकाधिक आधुनिक होना और आधुनिक होने का अर्थ था पश्चिमी औद्योगिक देशों के समान होना।</p>
<p>→ नियोजन-नियोजन का अर्थ कम-से-कम व्यय द्वारा उपलब्ध साधनों का प्रयोग करते हुए पूर्व निश्चित लक्ष्य को प्राप्त करने से है।</p>
<p>→ पूँजीवाद-पूँजीवाद शब्द से तात्पर्य उस आर्थिक प्रणाली से है जिसमें कारखानों एवं खेतों पर निजी व्यक्तियों का स्वामित्व होता है तथा वे संगृहीत पूँजी का उपयोग अपने लिए करते हैं।</p>
<p>→ उदारवाद-प्रशासकीय नियन्त्रणों को कम करके स्वतन्त्र व्यापार की नीतियों को अपनाना उदारवाद कहलाता है।</p>
<p>→ समाजवाद-समाजवादी आर्थिक प्रणाली में उत्पत्ति के साधनों पर व्यक्तिगत स्वामित्व न होकर सामाजिक स्वामित्व होता है।</p>
<p>→ समाजवादी प्रणाली में केन्द्रीय नियोजन का महत्त्वपूर्ण स्थान होता है। उत्पादन के साधनों पर राज्य का नियन्त्रण होता है।</p>
<p>→ औद्योगीकरण&#8211;औद्योगीकरण के अन्तर्गत प्राकृतिक उत्पादों को विनिर्माण प्रणाली के माध्यम से अन्य रूपों में परिवर्तित किया जाता है।</p>
<p>→ शीतयुद्ध-दोनों महाशक्तियों (सोवियत संघ एवं संयुक्त राज्य अमेरिका) के मध्य विचारधाराओं का युद्ध &#8216;शीतयुद्ध&#8217; कहलाता है।</p>
<p>→ योजना आयोग-योजना आयोग की स्थापना मार्च 1950 में भारत सरकार द्वारा की गई। यह एक सलाहकार की भूमिका निभाता है।</p>
<p>→ बॉम्बे प्लान-सन् 1944 में भारत में उद्योगपतियों का एक वर्ग बम्बई (वर्तमान मुम्बई) में एकत्रित<br />
हुआ। इस समूह ने देश में नियोजित अर्थव्यवस्था को चलाने का एक संयुक्त प्रस्ताव तैयार किया। इसे &#8216;बॉम्बे प्लान&#8217; कहा जाता है। इस प्लान की इच्छा थी कि सरकार औद्योगिक व अन्य आर्थिक निवेश के क्षेत्र में बड़े कदम उठाए।</p>
<p>→ बजट-सरकारी आय-व्यय का वार्षिक वितरण बजट कहलाता है।</p>
<p>→ गैर-योजना व्यय-गैर-योजना व्यय में वार्षिक आधार पर दैनंदिनी मदों पर खर्च किया जाता है। यह केन्द्र सरकार और राज्य सरकारों के बजट का हिस्सा होता है।</p>
<p>→ योजना व्यय-केन्द्र सरकार और सभी राज्य सरकारों के बजट का दूसरा हिस्सा योजना व्यय का होता है। योजना में तय की गई प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए इसे पाँच वर्ष की अवधि में खर्च किया जाता है।</p>
<p>→ केरल मॉडल केरल में विकास और नियोजन के लिए जो रास्ता चुना गया उसे &#8216;केरल मॉडल&#8217; कहा जाता है। इस मॉडल में शिक्षा, स्वास्थ्य, भूमि सुधार, कारगर खाद्य वितरण तथा गरीबी उन्मूलन पर बल दिया जाता है।</p>
<p>→ हरित क्रान्ति-हरित क्रान्ति से आशय कृषि उत्पादन में होने वाली उस भारी वृद्धि से है जो कृषि की नयी नीति अपनाने के कारण हुई। &#8216;हरित क्रान्ति&#8217; में सरकार ने उच्च गुणवत्ता के बीज, उर्वरक, कीटनाशक तथा बेहतर सिंचाई सुविधा बड़े अनुदानित मूल्य पर उपलब्ध कराना प्रारम्भ किया।</p>
<p>→ मिश्रित अर्थव्यवस्था-इस अर्थव्यवस्था में पूँजीवादी व समाजवादी अर्थव्यवस्था के गुणों का समावेश होता है। भारत की अर्थव्यवस्था &#8216;मिश्रित अर्थव्यवस्था&#8217; है।</p>
<p>→ ऑपरेशन फ्लड-सन् 1970 में ऑपरेशन फ्लड के नाम से एक ग्रामीण विकास कार्यक्रम प्रारम्भ हुआ था। ऑपरेशन फ्लड में सहकारी दुग्ध उत्पादकों को उत्पादन और विपणन के एक राष्ट्रव्यापी तन्त्र को जोड़ा गया।</p>
<p>→ वर्गीज कुरियन–&#8217;मिल्कमैन ऑफ इण्डिया&#8217; के नाम से प्रसिद्ध वर्गीज कुरियन ने &#8216;गुजरात सहकारी दुग्ध एवं विपणन परिसंघ&#8217; के विकास में मुख्य भूमिका निभाई और अमूल की स्थापना की।</p>
<p>→ पी० सी० महालनोबिस–अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के विख्यात वैज्ञानिक एवं सांख्यिकीविद्। इन्हें भारत की दूसरी पंचवर्षीय योजना का योजनाकार माना जाता है। ये तीव्र औद्योगीकरण एवं सार्वजनिक क्षेत्र की सक्रिय भूमिका के समर्थक थे।</p>
<p>→ जे० सी० कुमारप्पा-इन्होंने गांधीवादी आर्थिक नीतियों को लागू करने की कोशिश की तथा योजना आयोग के सदस्य के रूप में योजना प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग लिया।</p>
<p><a href="https://biharboard.guru/bihar-board-class-12th-political-science-notes/">Bihar Board Class 12th Political Science Notes</a></p>
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		<title>Bihar Board Class 12th Political Science Notes Chapter 2 दो ध्रुवीयता का अन्त</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Priyanshu]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 27 Apr 2021 09:54:30 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uncategorized]]></category>
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					<description><![CDATA[Bihar Board Class 12th Political Science Notes Chapter 2 दो ध्रुवीयता का अन्त → शीतयुद्ध के सबसे गम्भीर काल में बर्लिन की दीवार खड़ी की गई थी। यह दीवार शीतयुद्ध का सबसे बड़ा प्रतीक थी। → बर्लिन की दीवार को 9 नवम्बर, 1989 को जनता ने तोड़ दिया। यह दीवार पूँजीवादी दुनिया एवं साम्यवादी दुनिया ... <a title="Bihar Board Class 12th Political Science Notes Chapter 2 दो ध्रुवीयता का अन्त" class="read-more" href="https://biharboard.guru/bihar-board-class-12th-political-science-notes-chapter-2/" aria-label="Read more about Bihar Board Class 12th Political Science Notes Chapter 2 दो ध्रुवीयता का अन्त">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h2 class="entry-title">Bihar Board Class 12th Political Science Notes Chapter 2 दो ध्रुवीयता का अन्त</h2>
<p>→ शीतयुद्ध के सबसे गम्भीर काल में बर्लिन की दीवार खड़ी की गई थी। यह दीवार शीतयुद्ध का सबसे बड़ा प्रतीक थी।</p>
<p>→ बर्लिन की दीवार को 9 नवम्बर, 1989 को जनता ने तोड़ दिया। यह दीवार पूँजीवादी दुनिया एवं साम्यवादी दुनिया के बीच विभाजन का प्रतीक थी।</p>
<p>→ समाजवादी सोवियत गणराज्य (रूस) सन् 1917 की समाजवादी क्रान्ति के बाद अस्तित्व में आया।</p>
<p>→ सोवियत राजनीतिक प्रणाली का आधार स्तम्भ कम्युनिस्ट पार्टी थी।</p>
<p>→ सन् 1979 में अफगानिस्तान के हस्तक्षेप की वजह से सोवियत संघ की व्यवस्था कमजोर पड़ गयी।</p>
<p>→ 1980 के दशक के मध्य में मिखाइल गोर्बाचेव सोवियत संघ की कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव बने।</p>
<p>→ गोर्बाचेव ने पश्चिमी देशों के साथ सम्बन्धों को सामान्य बनाने, सोवियत संघ को लोकतान्त्रिक रूप देने एवं वहाँ सुधार करने का फैसला किया।</p>
<p>→ सन् 1991 में बोरिस येल्तसिन के नेतृत्व में सोवियत संघ के तीन बड़े गणराज्यों रूस, यूक्रेन व बेलारूस ने सोवियत संघ से अलग होकर सोवियत संघ की समाप्ति की घोषणा की।</p>
<p>→ रूस, यूक्रेन एवं बेलारूस ने पूँजीवाद एवं लोकतन्त्र को अपना आधार बनाया। इन्होंने स्वतन्त्र देशों के राष्ट्रकुल का गठन किया। शेष गणराज्यों को राष्ट्रकुल का संस्थापक सदस्य बनाया गया।</p>
<p>→ द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद सोवियत संघ एक महाशक्ति के रूप में उभरा।</p>
<p>→ सोवियत संघ के 15 गणराज्यों में रूसी गणराज्य का प्रत्येक मामले में प्रभुत्व था।</p>
<p>→ रूस को संयुक्त राष्ट्र संघ की सुरक्षा परिषद् में सोवियत संघ की स्थायी सीट मिली।</p>
<p>→ सोवियत संघ के विघटन के बाद के समय में पूर्ववर्ती गणराज्यों के मध्य एकमात्र परमाणु शक्ति सम्पन्न देश का दर्जा रूस को ही प्राप्त हुआ।</p>
<p>→ सोवियत संघ के पतन का मुख्य कारण यह रहा कि सोवियत संघ की राजनीतिक एवं आर्थिक संस्थाएँ आन्तरिक कमजोरी के कारण लोगों की आकांक्षाएँ पूरी नहीं कर सकीं।</p>
<p>→ सोवियत संघ के विघटन का सबसे महत्त्वपूर्ण परिणाम यह निकला कि शीतयुद्ध की समाप्ति हो गयी, जो संयुक्त राज्य अमेरिका और सोवियत संघ के मध्य चल रहा था।</p>
<p>→ सोवियत संघ के पतन के बाद संयुक्त राज्य अमेरिका विश्व की एकमात्र महाशक्ति बन बैठा।</p>
<p>→ रूस, मध्य एशिया के गणराज्य एवं पूर्वी यूरोप के देशों ने पूँजीवाद की ओर . रुख कर एक विशेष मॉडल अपनाया, जिसे &#8216;शॉक थेरेपी&#8217; कहा गया।</p>
<p>→ शॉक थेरेपी से सम्पूर्ण क्षेत्र की अर्थव्यवस्था तहस-नहस हो गयी और इस क्षेत्र की जनता को बर्बादी की मार झेलनी पड़ी।</p>
<p>→ रूस सहित अधिकांश देशों की अर्थव्यवस्था के पुनर्जीवन का आधार खनिज तेल, प्राकृतिक गैस एवं धातु जैसे प्राकृतिक संसाधनों का निर्यात है।</p>
<p>→ रूस तथा भारत दोनों देशों का सपना बहुध्रुवीय विश्व का है।</p>
<p>→ यू०एस०एस०आर०-यूनियन ऑफ सोशलिस्ट सोवियत रिपब्लिक अथवा सोवियत समाजवादी गणराज्य को संक्षेप में यू०एस०एस०आर० के नाम से जाना जाता है।</p>
<p>→ ध्रुवीकरण-इसका अर्थ सैन्य शक्ति के केन्द्रों से है।</p>
<p>→ बहुध्रुवीय विश्व-इसका अर्थ अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर कई शक्तियों के मौजूद होने से है।</p>
<p>→ शॉक थेरेपी-इसका अर्थ आघात पहुँचाकर उपचार करना है।</p>
<p>→ ब्लादिमीर लेनिन-ये बोल्शेविक कम्युनिस्ट पार्टी के संस्थापक थे। इन्होंने सन् 1917 की क्रान्ति का सफल नेतृत्व किया। ये सम्पूर्ण विश्व में मार्क्सवाद के प्रेरणा-स्रोत थे।</p>
<p>→ जोजेफ स्टालिन-ये लेनिन के उत्तराधिकारी थे। इन्होंने खेती का बलपूर्वक हिकीकरण किया। इनको द्वितीय विश्वयुद्ध में जीत का श्रेय दिया गया।</p>
<p>→ निकिता खुश्चेव-ये सोवियत संघ के राष्ट्रपति रहे। इन्होंने हंगरी के जन-विद्रोह का दमन किया तथा क्यूबा के मिसाइल संकट में महत्त्वपूर्ण भूमिका का निर्वाह किया।</p>
<p>→ लिओनिड ब्रेझनेव-ये सोवियत संघ के राष्ट्रपति रहे। इन्होंने चेकोस्लोवाकिया के जन-विद्रोह का दमन किया था।</p>
<p>→ मिखाइल गोर्बाचेव&#8211;ये सोवियत संघ के अन्तिम राष्ट्रपति रहे। इन पर सोवियत संघ के विघटन का आरोप लगा।</p>
<p>→ बोरिस येल्तसिन–सोवियत संघ के विघटन के बाद अलग हुए देश के ये प्रथम राष्ट्रपति बने।</p>
<p><a href="https://biharboard.guru/bihar-board-class-12th-political-science-notes/">Bihar Board Class 12th Political Science Notes</a></p>
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		<title>Bihar Board Class 12th Geography Notes Chapter 10 मानव बस्तियाँ</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Priyanshu]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 26 Apr 2021 11:36:29 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uncategorized]]></category>
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					<description><![CDATA[Bihar Board Class 12th Geography Notes Chapter 10 मानव बस्तियाँ → मानव बस्ती मानव बस्ती का अध्ययन मानव भूगोल का मूल है क्योंकि किसी भी क्षेत्र में बस्तियों का रूप उस क्षेत्र के वातावरण से मानव का सम्बन्ध दर्शाता है। एक स्थान जो साधारणतया स्थायी रूप से बसा हुआ हो, उसे &#8216;मानव बस्ती&#8217; कहते हैं। ... <a title="Bihar Board Class 12th Geography Notes Chapter 10 मानव बस्तियाँ" class="read-more" href="https://biharboard.guru/bihar-board-class-12th-geography-notes-chapter-10/" aria-label="Read more about Bihar Board Class 12th Geography Notes Chapter 10 मानव बस्तियाँ">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h2 class="entry-title">Bihar Board Class 12th Geography Notes Chapter 10 मानव बस्तियाँ</h2>
<p>→ मानव बस्ती</p>
<ul>
<li>मानव बस्ती का अध्ययन मानव भूगोल का मूल है क्योंकि किसी भी क्षेत्र में बस्तियों का रूप उस क्षेत्र के वातावरण से मानव का सम्बन्ध दर्शाता है।</li>
<li>एक स्थान जो साधारणतया स्थायी रूप से बसा हुआ हो, उसे &#8216;मानव बस्ती&#8217; कहते हैं।</li>
<li>बस्ती स्थायी और अस्थायी हो सकती है।</li>
</ul>
<p>→ बस्तियों का वर्गीकरण-ग्रामीण व नगरीय</p>
<ul>
<li>नगरों/शहरों में निवासियों का मुख्य व्यवसाय द्वितीयक एवं तृतीयक गतिविधियों से सम्बन्धित है।</li>
<li>गाँवों में रहने वाले निवासियों का मुख्य व्यवसाय प्राथमिक गतिविधियों जैसे कृषि, मछली पकड़ना, लकड़ी काटना, खनन कार्य, पशुपालन इत्यादि से सम्बन्धित होता है।</li>
<li>ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में अन्तर. उनके द्वारा सम्पन्न कार्यों के आधार पर किया जाता है।</li>
</ul>
<p>→ बस्तियों के प्रकार एवं प्रतिरूप</p>
<ul>
<li>• आकृति के आधार पर बस्तियों के दो प्रकार हैं
<ol>
<li>संहत बस्ती-इन बस्तियों में मकान एक-दूसरे के समीप बनाए जाते हैं। ये बस्तियाँ नदी घाटियों के सहारे या उपजाऊ मैदानों में होती हैं।</li>
<li>प्रकीर्ण बस्ती-इन बस्तियों में मकान दूर-दूर होते हैं तथा प्रायः खेतों के द्वारा अलग होते हैं।</li>
</ol>
</li>
<li>आर्थिक कार्यों की प्रकृति के आधार पर बस्तियों के दो प्रकार हैं
<ol>
<li>ग्रामीण बस्ती-ग्रामीण बस्ती के निवासी अधिकांशतया प्राथमिक गतिविधियों में लगे होते हैं; जैसे&#8211;कृषि, पशुपालन<br />
एवं मत्स्य पालन आदि।</li>
<li>नगरीय बस्ती-नगरीय बस्ती के निवासी अधिकांशतया गैर-कृषि कार्यों में लगे होते हैं।</li>
</ol>
</li>
</ul>
<p>→ ग्रामीण बस्तियों को प्रभावित करने वाले कारक<br />
(1) जलापूर्ति, (2) भूमि, (3) उच्च भूमि के क्षेत्र, (4) गृह निर्माण सामग्री, (5) सुरक्षा, एवं (6) नियोजित बस्तियाँ।</p>
<p>→  ग्रामीण बस्तियों के प्रतिरूप</p>
<ul>
<li>विन्यास के आधार पर-मैदानी ग्राम, पठारी ग्राम, तटीय ग्राम, वन ग्राम एवं मरुस्थलीय ग्राम।</li>
<li>कार्य के आधार पर—कृषि ग्राम, मछुआरों के ग्राम, लकड़हारों के ग्राम, पशुपालक ग्राम आदि।</li>
<li>बस्तियों की आकृति के आधार पर-रेखीय, आयताकार, वृत्ताकार, तारे के आकार की, &#8216;टी&#8217;, &#8216;वाई&#8217;, &#8216;क्रॉस&#8217; के आकार की, चौकपट्टी एवं दोहरे ग्राम आदि।</li>
</ul>
<p>→   ग्रामीण बस्तियों की समस्याएँ (1) जलापूर्ति की समस्या, (2) स्वच्छता का अभाव, (3) कच्चे मकान, (4) संवातन की कमी,<br />
(5) सड़कों एवं आधुनिक संचार के साधनों का अभाव, एवं (6) भूमि अधिग्रहण आदि।</p>
<p>→ नगरीय बस्तियों के वर्गीकरण के आधार<br />
(1) जनसंख्या का आकार, (2) व्यावसायिक संरचना, एवं (3) प्रशासनिक निर्णय।</p>
<p>→   नगरों का प्रकार्यात्मक वर्गीकरण किए जाने वाले विशेष अथवा प्रमुख कार्यों के आधार पर नगरों को निम्नलिखित कार्यों में बाँटा जा सकता है&#8211;(1) प्रशासनिक नगर, (2) व्यापारिक एवं व्यावसायिक नगर, (3) सांस्कृतिक नगर, (4) स्वास्थ्य एवं मनोरंजन नगर, (5) औद्योगिक नगर, (6) खनन नगर, एवं (7) परिवहन नगर आदि।</p>
<p>→ आकृति के आधार पर नगरों के प्रकार<br />
(1) रेखीय, (2) वर्गाकार, (3) तारे के आकार या अर्द्धचन्द्राकार (चापाकार)।</p>
<p>→ नगरीय बस्तियों के प्रकार<br />
(1) नगर, (2) शहर, (3) मिलियन सिटी, (4) सन्नगर, एवं (5) विश्वनगरी।</p>
<p>→ विकासशील देशों में मानव बस्तियों की समस्याएँ<br />
(1) रोजगार का अभाव, (2) नागरिक सुविधाओं का अभाव, (3) गन्दी बस्तियाँ, एवं (4) अवैध बस्तियाँ<br />
आदि।</p>
<p>→   नगरीय बस्तियों की समस्याएँ<br />
(1) अनधिकृत एवं मलिन बस्तियाँ, (2) आर्थिक समस्याएँ, (3) सार्वजनिक सुविधाओं की समस्याएँ, &#8230; (4) पर्यावरण सम्बन्धी समस्याएँ, एवं (5) सामाजिक-सांस्कृतिक समस्याएँ।</p>
<p>→ बस्तियाँ-मानव अधिवास जिनमें एक से अधिक मकान हों। ये मुख्यतया दो प्रकार की होती हैं (1) ग्रामीण एवं (2) नगरीय।</p>
<p>→ स्थल-किसी नगर अथवा भवन-बस्ती द्वारा अधिकृत वास्तविक भूमि क्षेत्र।</p>
<p>→  स्थिति-वृहत्तर परिवेश के सन्दर्भ में किसी ग्राम अथवा नगर की अवस्थिति।</p>
<p>→ ग्रामीण जनसंख्या-जनसंख्या जो ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करती है।</p>
<p>→ नगरीय जनसंख्या-किसी नगरीय क्षेत्र में रहने वाले लोग।</p>
<p>→ ग्रामीण बस्ती-ग्रामीण बस्ती के लोग प्राथमिक क्रियाकलाप में संलग्न होते हैं।</p>
<p>→ नगरीय बस्ती-नगरीय बस्ती के लोग गैर-कृषि कार्यों में संलग्न होते हैं।</p>
<p>→ संहत बस्ती-सीमित क्षेत्र में बसी सघन बस्ती।</p>
<p>→ प्रकीर्ण बस्ती-दूर-दूर तक बिखरी मानव बस्ती।</p>
<p>→ आयताकार बस्तियाँ-वे बस्तियाँ जिनकी योजना आयताकार होती है।</p>
<p>→  त्रिभुजाकार बस्तियाँ-वे बस्तियाँ जो त्रिभुज के रूप में दिखाई देती हैं, क्योंकि ये रेलवे लाइन, सड़क या नदियों आदि के मिलन स्थल पर बनी होती हैं।</p>
<p>→  तारक बस्तियाँ-वे बस्तियाँ जिनका प्रतिरूप तारे के समान दिखाई देता है।</p>
<p>→ प्रतिरक्षा नगर-नगर जो सैन्य गतिविधियों के केन्द्र होते हैं।</p>
<p>→  व्यापारिक नगर-नगर जिनका व्यापारिक महत्त्व है।</p>
<p>→  नगरीकरण-ग्रामीण जनसंख्या की नगरीय जनसंख्या में परिवर्तन की प्रक्रिया।</p>
<p>→  अवैध बस्ती-निजी भूमि खरीदने के स्थान पर जब लोग किसी और की जमीन अथवा खाली पड़ी सार्वजनिक भूमि पर घर बना लेते हैं।</p>
<p>→ मलिन बस्ती-यह घना बसा नगरीय आवास क्षेत्र जिसमें अस्वच्छ घर होते हैं, जिनमें समाज के कमजोर वर्गों के लोग रहते हैं तथा जिनमें सामाजिक विघटन की प्रवृत्तियाँ पायी जाती हैं।</p>
<p><a href="https://biharboard.guru/bihar-board-class-12th-geography-notes/">Bihar Board Class 12th Geography Notes</a></p>
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		<title>Bihar Board Class 12th Geography Notes Chapter 1 मानव भूगोल – प्रकृति एवं विषय क्षेत्र</title>
		<link>https://biharboard.guru/bihar-board-class-12th-geography-notes-chapter-1/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Veerendra]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 26 Apr 2021 05:47:42 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uncategorized]]></category>
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					<description><![CDATA[Bihar Board Class 12th Geography Notes Chapter 1 मानव भूगोल – प्रकृति एवं विषय क्षेत्र → &#8216;भूगोल : मानव एवं प्रकृति के बीच अन्योन्यक्रिया भूगोल पृथ्वी के भौतिक एवं मानवीय तत्त्वों का अध्ययन करता है। यह एक समाकलात्मक, आनुभविक एवं व्यावहारिक विषय है और दिक् एवं काल के सम्बन्ध में परिवर्तित होने वाली घटनाओं एवं ... <a title="Bihar Board Class 12th Geography Notes Chapter 1 मानव भूगोल – प्रकृति एवं विषय क्षेत्र" class="read-more" href="https://biharboard.guru/bihar-board-class-12th-geography-notes-chapter-1/" aria-label="Read more about Bihar Board Class 12th Geography Notes Chapter 1 मानव भूगोल – प्रकृति एवं विषय क्षेत्र">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h2 class="entry-title">Bihar Board Class 12th Geography Notes Chapter 1 मानव भूगोल – प्रकृति एवं विषय क्षेत्र</h2>
<p>→ &#8216;भूगोल : मानव एवं प्रकृति के बीच अन्योन्यक्रिया</p>
<ul>
<li>भूगोल पृथ्वी के भौतिक एवं मानवीय तत्त्वों का अध्ययन करता है। यह एक समाकलात्मक, आनुभविक एवं व्यावहारिक विषय है और दिक् एवं काल के सम्बन्ध में परिवर्तित होने वाली घटनाओं एवं परिघटनाओं का अध्ययन करता है।</li>
<li>भूगोल की दो प्रमुख शाखाएँ हैं<br />
1. भौतिक भूगोल एवं 2. मानव भूगोल।</li>
</ul>
<p>→ भौतिक भूगोल पृथ्वी के भौतिक तत्त्वों के अध्ययन से सम्बन्धित है। पर्वत, पठार, मैदान, घाटियाँ, वायुमण्डल, महासागर आदि भौतिक भूगोल के मुख्य तत्त्व हैं।</p>
<p>→ मानव भूगोल प्राकृतिक एवं मानवीय जगत् के. बीच सम्बन्ध, मानवीय परिघटनाओं के स्थानिक वितरण तथा उनके घटित होने के कारण एवं विश्व के विभिन्न भागों में सामाजिक और आर्थिक विभिन्नताओं का अध्ययन करता है।&#8221;</p>
<p>→भूगोल में मानव और प्रकृति के बीच सतत परिवर्तनशील अन्योन्यक्रिया से उत्पन्न सांस्कृतिक लक्षणों की स्थिति, वितरण की .<br />
विशेषताओं एवं कारणों का अध्ययन किया जाता है।</p>
<p>→ मानव भूगोल की परिभाषाएँ</p>
<p>विद्वानों द्वारा मानव भूगोल की दी गई परिभाषाएँ इस प्रकार हैं</p>
<ul>
<li>रैटजेल को &#8216;आधुनिक मानव भूगोल का जनक&#8217; कहा जाता है। इन्होंने अपनी पुस्तक &#8216;एंथोपोज्याग्राफी&#8217; (Anthropogeo graphie) ग्रन्थ में मानव भूगोल की परिभाषा इस प्रकार दी “मानव भूगोल मानव समाजों और धरातल के बीच सम्बन्धों का संश्लेषित अध्ययन है।&#8221;</li>
<li>कु० एलेन सैम्पल रैटजेल की शिष्या और विख्यात अमेरिकन भूगोलवेत्ता थीं। ये पर्यावरण निश्चयवाद की कट्टर समर्थक थीं। उनके अनुसार, “मानव भूगोल; अस्थिर पृथ्वी एवं क्रियाशील मानव . के बीच परिवर्तनशील सम्बन्धों का अध्ययन है।&#8221;</li>
<li>पॉल विडाल-डी-ला ब्लाश फ्रांस के भूगोलवेत्ता थे। उन्होंने अपनी प्रसिद्ध पुस्तक &#8216;प्रिंसिपल्स डी ज्यॉग्राफी ह्यूमेन&#8217; (Principles de Geographic Homaine) में बताया है- &#8220;हमारी पृथ्वी को नियन्त्रित करने वाले भौतिक नियमों तथा इस पर रहने वाले जीवों के मध्य सम्बन्धों के अधिक संश्लेषित ज्ञान से उत्पन्न संकल्पना।&#8221;</li>
</ul>
<p>→ मानव भूगोल की प्रकृति<br />
मानव भूगोल भौतिक पर्यावरण तथा मानवजनित सामाजिक-सांस्कृतिक पर्यावरण के अन्तर्सम्बन्धों का अध्ययन उनकी परस्पर अन्योन्यक्रिया के द्वारा करता है।</p>
<p>→ मानव का प्राकृतीकरण और प्रकृति का मानवीकरण</p>
<ul>
<li>ऐसी परिस्थिति जिसमें मानव के समस्त क्रियाकलाप पर्यावरण की शक्तियों से नियन्त्रित होते हैं, उसे &#8216;पर्यावरणीय निश्चयवाद&#8217; कहा जाता है।</li>
<li>ऐसी परिस्थिति जिसमें मानव विकास की सम्भावनाएँ परिलक्षित होती हैं, &#8216;सम्भवाद&#8217; के नाम से पुकारी जाती हैं।</li>
<li>जब मानव प्रकृति द्वारा प्रदत्त अवसरों का लाभ उठाता है, तो उसके क्रियाकलापों की छाप प्राकृतिक पर्यावरण पर पड़ती है। इस परिस्थिति को &#8216;प्रकृति का मानवीकरण&#8217; कहते हैं।</li>
</ul>
<p>→ नव-निश्चयवाद&#8212;इसे आधुनिक निश्चयवाद/वैज्ञानिक निश्चयबाद भी कहते हैं। यह निश्चयवाद और सम्भावनावाद की चरम सीमाओं के बीच की विचारधारा है। टेलर ने नव-निश्चयवाद को &#8216;रुको और जाओ निश्चयवाद.&#8217; (Stop and go determinism) का नाम भी दिया है। इसके अनुसार टेलर ने मनुष्य पर प्रकृति के प्रभाव को स्वीकार किया, परन्तु साथ ही यह भी तर्क दिया कि मनुष्य अपनी दासता, मानसिक क्षमता तथा विज्ञान व प्रौद्योगिकी के विकास के आधार पर अपनी आवश्यकताओं के अनुसार प्रकृति का उपयोग भी कर सकता है।</p>
<p>→ समय के गलियारे में मानव भूगोल (मानव भूगोल का इतिहास)</p>
<p>मानव भूगोल के अध्ययन का इतिहास तब से चला आ रहा है, जब मानव पृथ्वी पर पैदा हुआ था।<br />
मानव भूगोल के अध्ययन की संकल्पना उस समय से की जा सकती है, जब मानव ने भौतिक पर्यावरण के साथ अन्योन्यक्रिया करना शुरू किया। उपनिवेशवाद के युग से आधुनिक युग तक मानव भूगोल ने बहुत उन्नति की है।</p>
<p>→ मानव भूगोल के क्षेत्र और उपक्षेत्र<br />
मानव भूगोल अत्यधिक अन्तर-विषयक विषय है, क्योंकि यह मानव और प्राकृतिक पर्यावरण के अन्तर-सम्बन्धों का अध्ययन करता है। ज्यों-ज्यों ज्ञान का विस्तार होता है, त्यों-त्यों मानव भूगोल के. नए उपक्षेत्रों का विकास होता है और मानव भूगोल के नए आयाम जुड़ते हैं।</p>
<p><img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone wp-image-27059" src="https://biharboard.guru/wp-content/uploads/2021/04/Bihar-Board-Class-12th-Geography-Notes-Chapter-1-मानव-भूगोल-–-प्रकृति-एवं-विषय-क्षेत्र-1.png" alt="Bihar Board Class 12th Geography Notes Chapter 1 मानव भूगोल – प्रकृति एवं विषय क्षेत्र 1" width="613" height="273" srcset="https://biharboard.guru/wp-content/uploads/2021/04/Bihar-Board-Class-12th-Geography-Notes-Chapter-1-मानव-भूगोल-–-प्रकृति-एवं-विषय-क्षेत्र-1.png 737w, https://biharboard.guru/wp-content/uploads/2021/04/Bihar-Board-Class-12th-Geography-Notes-Chapter-1-मानव-भूगोल-–-प्रकृति-एवं-विषय-क्षेत्र-1-300x134.png 300w" sizes="(max-width: 613px) 100vw, 613px" /><br />
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<p><strong>→ </strong>निश्चयवाद &#8211; मानव शक्तियों की अपेक्षा प्राकृतिक शक्तियों की प्रधानता स्वीकार करने वाला दर्शन।<br />
इस विचारधारा के अनुसार मानव जीवन और उसके व्यवहार को विशेष रूप से भौतिक वातावरण के तत्त्व प्रभावित और निर्धारित करते हैं।</p>
<p>→ सम्भववाद-प्राकृतिक शक्तियों की अपेक्षा मानव-शक्तियों की प्रधानता स्वीकार करने वाला दर्शन, जिसके अनुसार वातावरण मानव क्रियाओं को नियन्त्रित तो करता है किन्तु इन सीमाओं में कुछ सम्भावनाएँ और अवसर प्रस्तुत करता है जिसमें मानवीय छाँट महत्त्वपूर्ण होती है।</p>
<p>→ कार्य-कारण सम्बन्ध-मानव द्वारा किया कोई उद्यम और उसके द्वारा उत्पन्न प्रभाव या परिणाम के बीच सम्बन्धों का होना।</p>
<p>→ क्रमबद्ध भूगोल-भूगोल की वह शाखा, जिसमें भौगोलिक तत्त्वों की क्षेत्रीय विषमताओं का क्रमबद्ध अध्ययन किया जाता है।</p>
<p>→ प्रादेशिक भूगोल-भू-पृष्ठ पर विभिन्न प्राकृतिक प्रदेशों; जैसे-मानसून प्रदेश, टुण्ड्रा प्रदेश आदि का भौगोलिक अध्ययन।</p>
<p>→ नव-नियतिवाद-यह विचारधारा मानव भूगोल के नियतिवाद तथा सम्भावनावाद की चरम स्थितियों के बीच का मार्ग है। इसके अनुसार मानव प्रकृति के विकास के लिए एक सीमा तक ही जा सकता है और उसे प्रकृति के साथ समझौता करना पड़ता है।</p>
<p>→ मानवतावाद-वह अध्ययन जिसमें मानव जागृति, मानव संसाधन, मानव चेतना और मानव की सृजनात्मकता के सन्दर्भ में मनुष्य की केन्द्रीय एवं क्रियाशील भूमिका पर बल दिया जाता है।</p>
<p>→ प्रत्यक्षवाद-वह विचारधारा जिसमें मात्रात्मक विधियों के उपयोग पर बल दिया गया है जिससे विभिन्न कारकों के भौगोलिक प्रतिरूपों के अध्ययन के समय विश्लेषण को अधिक वस्तुनिष्ठ बनाया जा सके।</p>
<p>→ कल्याणपरक विचारधारा-इस विचारधारा से तात्पर्य मानव भूगोल में पूँजीवाद से उत्पन्न ऐसी सामाजिक समस्याओं का समावेश है जिसमें सामाजिक तथा प्रादेशिक असमानता, निर्धनता, नगरीय स्लम आदि का अध्ययन किया जाता है ताकि निराकरण पर बल दिया जा सके।</p>
<p>→ मानव भूगोल-क्रमबद्ध भूगोल की एक शाखा जिसमें मानव और पृथ्वी के बीच परिवर्तनशील पारस्परिक क्रिया से उत्पन्न सांस्कृतिक लक्षणों की स्थिति तथा वितरण की विशेषताओं का अध्ययन किया जाता है।</p>
<p><a href="https://biharboard.guru/bihar-board-class-12th-geography-notes/">Bihar Board Class 12th Geography Notes</a></p>
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		<title>Bihar Board Class 7 Sanskrit व्याकरण कारक</title>
		<link>https://biharboard.guru/bihar-board-class-7-sanskrit-vyakaran-karak/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Priyanshu]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 04 Sep 2020 06:58:49 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uncategorized]]></category>
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					<description><![CDATA[Bihar Board Class 7 Sanskrit Solutions व्याकरण कारक Bihar Board Class 7 Sanskrit व्याकरण कारक किसी क्रिया के साथ जिसका प्रत्यक्ष संबंध होता है, उसे &#8216;कारक&#8217; कहते हैं । &#8216;कारक&#8217; के छह भेद होते हैं- कर्ता, कर्म, करण, सम्प्रदान, अपादान एवं अधिकरण । &#8216;क्रिया&#8217; के साथ प्रत्यक्ष सम्बन्ध नहीं रहने के कारण संस्कृत भाषा में ... <a title="Bihar Board Class 7 Sanskrit व्याकरण कारक" class="read-more" href="https://biharboard.guru/bihar-board-class-7-sanskrit-vyakaran-karak/" aria-label="Read more about Bihar Board Class 7 Sanskrit व्याकरण कारक">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><a href="https://biharboard.guru/bihar-board-class-7th-sanskrit-solutions/">Bihar Board Class 7 Sanskrit Solutions</a> व्याकरण कारक</p>
<h2>Bihar Board Class 7 Sanskrit व्याकरण कारक</h2>
<p>किसी क्रिया के साथ जिसका प्रत्यक्ष संबंध होता है, उसे &#8216;कारक&#8217; कहते हैं । &#8216;कारक&#8217; के छह भेद होते हैं- कर्ता, कर्म, करण, सम्प्रदान, अपादान एवं अधिकरण । &#8216;क्रिया&#8217; के साथ प्रत्यक्ष सम्बन्ध नहीं रहने के कारण संस्कृत भाषा में &#8216;सम्बन्ध&#8217; और &#8216;सम्बोधन&#8217; कारक नहीं कहलाते हैं । इन्हें मात्र &#8216;विभक्ति&#8217; माना जाता है, जबकि उपर्युक्त छह को कारक-विभक्ति । हिन्दी भाषा में इन आठों को ही &#8216;कारक&#8217; माना जाता है ।</p>
<p>आगे की पंक्तियों में इन सभी कारकों पर अलग-अलग संक्षेप में सोदाहरण विचार किया जाता है ।</p>
<p><span style="color: #0000ff;">कर्ता कारक</span></p>
<p>किसी &#8216;क्रिया&#8217; को करने वाले को &#8216;कर्ता कारक&#8217; कहा जाता है। कर्तवाच्य और कर्मवाच्य, दोनों में ही कर्ता-पद प्रधान होता है । कर्तवाच्य में कर्ता-पद प्रधान होता है और कर्म-पद गौण । कर्मवाच्य में कर्ता-पद गौण होता है और कर्मपद प्रधान । उदाहरण के लिए नीचे के वाक्यों को देखा जा सकता है</p>
<ul>
<li>कर्तवाच्य &#8211; रामः फलम् खादति । (राम फल खाता है ।)</li>
<li>कर्तृवाच्य- रामेण फलम् खाद्यते । (राम द्वारा फल खाया जाता है ।)</li>
</ul>
<p>कर्तृवाच्य के कर्ताकारक में प्रथमा विभक्ति होती है । यथा-बालक: खादति । (बालक खाता है ।) यहाँ &#8216;खादति&#8217; क्रिया का सम्पादक &#8216;बालक&#8217; है, इसलिए &#8216;बालक&#8217; कर्ता हुआ और उसमें प्रथमा विभक्ति हुई। ऐसे ही-सीता पठति, रमा गच्छति आदि में समझना चाहिए । सम्बोधन में भी प्रथमा विभक्ति होती है । यथा- हे बालक । (हे बालक) अयि सीते (हे सीते) । अरे बालकाः (ओ लड़के) इत्यादि ।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://biharboard.guru/wp-content/uploads/2020/04/Bihar-Board-Solutions.png" alt="Bihar Board Class 7 Sanskrit व्याकरण कारक" width="222" height="17" /></p>
<p>&#8216;कर्ता कारक&#8217; के वाक्यों के अन्य उदाहरण हैं &#8211;</p>
<ol>
<li>बालकः क्रीडति । (लड़का खेलता है।)</li>
<li>मयूरः नृत्यति । (मोर नाचता है ।)</li>
<li>नदी प्रवहति । (नदी बहता है ।)</li>
<li>धेनुः रचति । (गाय चरती है।)</li>
<li>फलम् पतति । (फल गिरता है ।)</li>
<li>पत्रम् तरति । (पत्ता तैरता है।)</li>
</ol>
<p><span style="color: #0000ff;">करण कारक</span></p>
<p>कोई क्रिया करने में जो अत्यन्त सहायक हो, उसे &#8216;करण कारक&#8217; कहते हैं। &#8216;करण-कारक&#8217; में तृतीया विभक्ति होती है । यथा- रामः लगडेन ताडयति । (राम पैने से मारता है ।) यहाँ &#8216;ताडयति&#8217; क्रिया का अत्यन्त सहायक . &#8216;लगुड&#8217; (पैना) है, इसीलिए यह करण कारक हुआ और इसमें तृतीया विभक्ति</p>
<p>&#8216;सह&#8217;, &#8216;साकम्&#8217;, &#8216;सार्द्धम्&#8217; (साथ) जैसे शब्दों में योग में भी तृतीया विभक्ति होती है । यथा- भ्रात्रा सह सोहनः आगच्छति (भाई के साथ सोहन आता है ।) त्वया साकं गीता गमिष्यति&#8217;। (तुम्हारे साथ गीता जायेगी ।) यहाँ &#8216;सह&#8217; का योग रहने के कारण &#8216;भ्राता&#8217; और &#8216;त्वया&#8217; में तृतीया विभक्ति हुई है।</p>
<p>&#8216;करण कारक&#8217; के अन्य उदाहरण:लेखक:</p>
<ol>
<li>लेखन्या पत्रं लिखति । (लेखक कलम से चिट्ठी लिखता है।)</li>
<li>रवीन्द्रः नयनाभ्यां चन्द्रं पश्यति । (रवीन्द्र आँखों से चन्द्रमा को देखता है।)</li>
<li>अश्वः पादैः चलति । (घोड़ा पैरों से चलता है ।)</li>
<li>त्वं कर्णाभ्यां शृणोषि । (तुम कानों से सुनते हैं ।)</li>
<li>भवान् कराभ्यां गृह्णाति । (आप हाथों से ग्रहण करते हैं ।)</li>
<li>सः शस्त्रेण छिन्दति । (वह शस्त्र से काटता है।)</li>
</ol>
<p><span style="color: #0000ff;">सम्प्रदान कारक</span></p>
<p>जिस व्यक्ति को कुछ दिया जाय, उसे &#8216;सम्प्रदान&#8217; कहते हैं । सम्प्रदान में चतुर्थी विभक्ति होती है। यथा- विप्राय गां देहि (ब्राह्मण को गाय दो ।) यहाँ &#8216;ब्राह्मण&#8217; (व्यक्ति) को कुछ (गाय) दिया रहा है।</p>
<p>अत: इसमें चतुर्थी विभक्ति हुई है।</p>
<p>नमः स्वस्ति, स्वाहा, स्वधा आदि के योग में चतुर्थी विभक्ति होती है; जैसे</p>
<ul>
<li>श्री महादेवाय नमः । (महादेव जी को प्रणाम है ।)</li>
<li>अग्नये स्वाहा । (अग्निदेव को समिधा स्वीकार हो ।)</li>
</ul>
<p>सम्प्रदान कारक के अन्य उदाहरण:-</p>
<ol>
<li>बालकाय मोदकं देहि । &#8211; (लडके को लड्डू दो ।)</li>
<li>भिक्षुकाय अन्नं देहि । (भिक्षुक को अन्न दो ।)</li>
<li>दरिद्राय धनं देहि । (दरिद्र को धन दो.)</li>
<li>श्रीहरये नमः (श्रीहरि को नमस्कार है।)</li>
<li>सोमाय स्वाहा । (सोम देवता को समिधा स्वीकार हो ।)</li>
<li>विवादाय अलम् । (विवाद करना बेकार है ।)</li>
</ol>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://biharboard.guru/wp-content/uploads/2020/04/Bihar-Board-Solutions.png" alt="Bihar Board Class 7 Sanskrit व्याकरण कारक" width="222" height="17" /></p>
<p><span style="color: #0000ff;">अपादान कारक</span></p>
<p>जहाँ व्यक्ति, वस्तु, स्थान आदि को किसी व्यक्ति, वस्तु आदि का अलग होना या उत्पन्न होना सूचित हो, उसे &#8216;आपादान कारक&#8217; कहते हैं । अपादान कारक में पंचमी विभक्ति होती है । यथा- वृक्षात् फलं पतति । (पेड़ से फल गिरता है।) यहाँ वृक्ष से फल गिरकर अलग होता है, इसीलिए &#8216;वृक्ष&#8217; में पंचमी विभक्ति हुई है । ऐसे ही-ज्ञानात् सुखं भवति । (ज्ञान से सुख होता है।) दुग्धात् दधि जायते । (दूध से दही तैयार होता है।) आदि वाक्यों में समझना चाहिए।&#8217;</p>
<p>&#8216;आपादान कारक&#8217; के अन्य उदाहरण:-</p>
<ol>
<li>वृक्षात् पत्राणि पतन्ति । (पेड़ से पत्ते गिरते हैं ।)</li>
<li>सः पाटलिपुत्रात् आगच्छति । (वह पटने से आता है ।)</li>
<li>गंगा हिमालयात प्रभवति । (गंगा हिमालय से निकलती है।)</li>
<li>ते काशीत: गच्छन्ति । (वे काशी से जाते हैं ।)</li>
</ol>
<p><span style="color: #0000ff;">सम्बन्ध (विभक्ति)</span></p>
<p>संस्कृत भाषा में &#8216;सम्बन्ध&#8217; को कारक नहीं माना जाता । कारण कर्ता कारक से इसका सीधा सम्बन्ध नहीं होता । इससे किसी व्यक्ति, वस्तु, भाव आदि का दूसरे व्यक्ति, वस्तु, भाव आदि से संबंध ही सूचित होता है । अतः</p>
<p>&#8216;सम्बन्ध&#8217; में षष्ठी विभक्ति होती है । यथा- गोपालस्य भ्राता अस्ति । (गोपाल का भाई है।) यहाँ गोपाल के साथ &#8216;भाई&#8217; का सम्बन्ध है, अतः &#8216;गोपाल&#8217; में षष्ठी विभक्ति हुई है । ऐसे ही &#8216;तव पुस्तिका&#8217; (तुम्हारी पुस्तिका), &#8216;मम उद्यानम्&#8217;, (मेरा बगीचा), तस्य गृहम् (उसका घर), &#8216;राधाया आभूषणम्&#8217; (राधा का आभूषण) आदि उदाहरणों को देखा जा सकता है।</p>
<p>सम्बन्ध-विभक्ति के अन्य उदाहरण-</p>
<ol>
<li>अस्मांक देशः भारतवर्षम् (हमलोगों का देश भारतवर्ष है।)</li>
<li>गायत्री शिवशंकरस्य भगिनी । (गायत्री शिवशंकर की बहन है ।)</li>
<li>सुग्रीवस्य मित्रं गच्छति । (सुग्रीव का मित्र जाता है ।)</li>
<li>उद्यानस्य पुष्पाणि विकसन्ति । (उद्यान के फूल खिलते हैं।)</li>
<li>गोपेशस्य पुस्तकानि सन्ति । (गोपेश की पुस्तकें हैं ।)</li>
</ol>
<p><span style="color: #0000ff;">अधिकरण कारक</span></p>
<p>किसी भी क्रिया, वस्तु, भाव आदि के आधार को &#8216;अधिकरण&#8217; कहते हैं। अधिकरण कारक में सप्तमी विभक्ति होती है । यथा &#8216;शिक्षक&#8217; विद्यालये अस्ति ।&#8217; (विद्यालय में शिक्षक है ।) यहाँ &#8216;शिक्षक&#8217; का आधार या पढ़ाने का अधिष्ठान विद्यालय है। इसीलिए यह अधिकरण कारक हुआ तथा इसमें सप्तमी विभक्ति हुई है । ऐसे ही &#8216;स्वर्णपात्रे दुग्धम् अस्ति ।&#8217; (स्वर्णपात्र में दुध है।) &#8216;कृषक: गृहे तिष्ठति ।&#8217; (किसान घर में रहता है ।) आदि उदाहरणों को देखा जा सकता है।</p>
<p>अधिकरण कारके के कुछ आदर्श उदाहरण:-</p>
<ol>
<li>जनाः गृहे वसन्ति । (लोग घर में रहते हैं ।)</li>
<li>छात्राः कक्षायां पठति । (छात्र वर्ग में पढ़ते हैं )</li>
<li>मत्स्याः नद्यां तरन्ति । (मछलियाँ नदी में तैरती हैं</li>
<li>अश्वाः पथि धावन्ति । (घोड़े सड़क पर दौड़ते हैं ।)</li>
<li>रथाः मार्गे चलन्ति । (रथ रास्ते पर चलते हैं ।)</li>
</ol>
<p><span style="color: #0000ff;">सूत्रों का सोदाहरण अर्थ-लेखन</span></p>
<p>1. कर्तरि प्रथमा-कर्तृवाच्य में जहाँ कर्ता उक्त अर्थात् कर्ता के अनुसार क्रिया के लिंग, वचन और पुरुष हों, तो ऐसे कर्ता में प्रथमा विभक्ति होती है। यथा-बालकः विद्यालयं गच्छति ।</p>
<p>2. कर्मणि द्वितीया-कर्मकारक को द्वितीया विभक्ति होती है। यथा-रामः महाभारतं पठति</p>
<p>3. क्रियाविशेषणे द्वितीया-क्रिया-विशेषण में द्वितीय विभक्ति होती है। क्रियाविशेषण शब्द सदा द्वितीया विभक्ति में एकवचनान्त और नपुंसकलिंग वाला होता है। यथा-सा, मन्द-मन्दं धावति ।</p>
<p>4. करणे तृतीया-क्रिया की सिद्धि में कर्ता के साधक को &#8216;करण&#8217; कहते हैं और करण कारक में तृतीया विभक्ति होती है। यथा-बालकः लेखन्या लिखिति।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://biharboard.guru/wp-content/uploads/2020/04/Bihar-Board-Solutions.png" alt="Bihar Board Class 7 Sanskrit व्याकरण कारक" width="222" height="17" /></p>
<p>5. योनगाङ्गविकारः-जिस अंग के विकार में वर्णित अंगों का विकार प्रकट हो, उस विकृतं अंगवाचक शब्द में तृतीया विभक्ति होती है। यथा-सः पादेन खञ्जः अस्ति ।</p>
<p>6. &#8216;ध्रुवमपायेऽपादानम्&#8217;-&#8216;अपाय&#8217; में अर्थात् पृथक् या अलग होने में जिस निश्चित (ध्रुव) वस्तु से कोई पृथक् होती है, वह अपादान कारक होती है। जैसे-बालकः ग्रामात् आयाति । (बालक गाँव से आता है।) यहाँ &#8216;ग्रामात्&#8217; में पंचमी कारक-विभक्ति है।</p>
<p>7. प्रकृत्यादिभ्यः उपसंख्यानम्-प्रकृति, जाति, आकृति, गोत्र, नाम आदि के वाचक शब्दों के योग में तृतीया विभक्ति होती है। यथा-गोत्रेण वत्सः</p>
<p>8. हेतौ तृतीया-किसी कार्य के हेतु अर्थात् कारण में तृतीया विभक्ति होती है। यथा-दण्डेन घटः भवति ।</p>
<p>9. सहयुक्तेऽप्रधाने-&#8216;सह&#8217; अथवा &#8216;सह&#8217; (साथ) के अर्थवाले शब्दों के योग में जो &#8216;अप्रधान&#8217; (गौण) व्यक्ति होता है, उसके बोधक पद के साथ तृतीया विभक्ति होती है। जैसे-पुत्रेण सह पिता गच्छति ।</p>
<p>10. सम्प्रदाने चतुर्थी-सम्प्रदान कारक में चतुर्थी वभिक्ति होती है। यथा-सः विप्राय भोजनं पचति ।।</p>
<p>11. स्पृहेरीप्सिततः-&#8216;स्पृह्&#8217; धातु के योग में जिस वस्तु की इच्छा की जाए, उसमें चतुर्थी विभक्ति होती है। यथा-योगिनः ज्ञानाय स्पृह्यति।</p>
<p>12. यतश्च निर्धारणम्-किसी व्यक्ति या व्यक्ति-समूह समुदायवाचक शब्द में षष्ठी अथवा सप्तमी विभक्ति होती है। यथा-नदीषु नदीनां वा गंगा पवित्रतमा । अथवा कविषु कविनां वा कालिदासः श्रेष्ठः।</p>
<p>13. दानार्थे चतुर्थी-(यस्मै दानं सम्प्रदानम्)-जिसे कोई वस्तु दानस्वरूप दी जाए, उसमें चतुर्थी विभक्ति होती है। यथा-नृपः विप्राय धनं ददाति ।</p>
<p>14. इत्थं भूतलक्षणे-किसी विशेष चिह्न से यदि किसी की पहचान की जाती है तो उसके लिए प्रयुक्त शब्द के साथ तृतीया विभक्ति होती है। यथा-जहाभिः तापसः।</p>
<p>15. अपवर्गे तृतीया-क्रिया की समाप्ति और फल की प्राप्ति के होने पर &#8216;काल&#8217; वाचक और &#8216;मार्ग&#8217; वाचक शब्दों के साथ तृतीया विभक्ति होती है। यथा-सोहनः मासेन व्याकरणं पठितवान् । क्रोशेन कथा समाप्ता जाता।</p>
<p>16. रुच्यर्थानां प्रीयमाण:-&#8216;रुच्&#8217; धातु और उसके समानार्थक धातुओं के योग में चतुर्थी विभक्ति होती है। यथा बालकाय मोदकं रोचते । हरयं भक्तिः रोचते।</p>
<p>17. भीत्रार्थानां भयहेतुः-भयार्थक और सार्थक धातुओं के योग में जो &#8216;भय&#8217; &#8216; का कारण हो, उसमें पचमी विभक्ति होती है। यथा-मनुष्यः व्याघ्रात् बिभेति ।</p>
<p>18. अपादाने पञ्चमी-अपादान कारक में पज्ञमी विभक्ति हुआ करती है। यथा-&#8216;वृक्षात्&#8217; फलानि पतन्ति ।</p>
<p>19. सप्तम्यधिकरणे च (आधारोऽधिकरणम्)-कर्ता और कर्म के आश्रय को अधिकरण&#8217; कहते हैं। जिस स्थान पर क्रिया होती है, उसे &#8216;आधार&#8217; कहते हैं। आधार के साथ सप्तमी विभक्ति होती है। यथा-छात्राः विद्यालये पठन्ति ।।</p>
<p>20. &#8216;धारि&#8217; धातु के साथ उत्तमर्ण (साहुकार या ऋण देनेवाल) सम्प्रदान कारक होता है। जैसे-रामः श्यामाय शतं धारयति (राम श्याम के सौ रुपये कर्ज धारता है।) यहाँ कर्ज देनेवाला श्याम सम्प्रदाय कारक (श्यामाय) है। किया.</p>
<p>21. भावे सप्तमी ( यस्य च भावेन भावलक्षणम्)-यदि किसी पूर्वकालिक क्रिया के काल से दूसरी क्रिया और उसके कर्ता में सप्तमी विभक्ति लगती है। यथा-&#8216;अस्तं गते सूर्ये बालकाः स्वगृहान् अगच्छन्।</p>
<p><span style="color: #0000ff;">कारक-संबंधी प्रश्न एवं उनके उत्तर-</span></p>
<p>प्रश्न 1.<br />
&#8216;कोशं दुटिला नदी-इस वाक्य में &#8216;क्रोशं&#8217; पद में कौन-सी विभक्ति है और किस सूत्र के आधार पर यह विभक्ति है और किस सूत्र के आधार यह विभक्ति हुई है ? विभक्ति एवं सूत्र लिखें।<br />
उत्तर-<br />
&#8216;क्रोश&#8217; कुटिला नदी के &#8216;क्रोशं&#8217; पद में द्वितीया विभक्ति है और वह &#8216;कालाध्वनोरत्यन्तसंयोगे&#8217; सूत्र के अनुसार हुई है। अत्यन्त संयोग होने पर &#8216;मार्ग&#8221;के वाचक को द्वितीया विभक्ति होती है।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://biharboard.guru/wp-content/uploads/2020/04/Bihar-Board-Solutions.png" alt="Bihar Board Class 7 Sanskrit व्याकरण कारक" width="222" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 2.<br />
पुत्रेण सह पिता विपणिम् अगच्छत् ।&#8217;-इस वाक्य में &#8216;पुत्रेण&#8217; पद में कौन-सी विभक्ति है?<br />
(क) प्रथमा विभक्ति<br />
(ख) तृतीया विभक्ति<br />
(ग) पञ्चमी विभक्ति<br />
(घ) षष्ठी विभक्ति<br />
उत्तर-<br />
(ख) तृतीया विभक्ति</p>
<p>प्रश्न 3.<br />
(क) रामः पित्रा सह विद्यालयं गच्छति&#8217;-इस वाक्य में &#8216;पित्रा&#8217; पद में कौन-विभक्ति है ? यह विभक्ति किस सूत्र के आधार पर हुई है। उस सूत्र को लिखें।<br />
उत्तर-<br />
&#8216;पित्रा&#8217; में तृतीया विभक्ति हुई है। यहाँ &#8216;सहार्थे तृतीया&#8217; इस सूत्र के आधार पर &#8216;पित्रा&#8217; में तृतीया विभक्ति हुई है।</p>
<p>(ख) &#8216;राभ: सीतया लक्ष्मणेन सह वनम् अगच्छत् ।-इस वाक्य के<br />
&#8216;सीतया&#8217; शब्द में कौन-सी विभक्ति है और यह विभक्ति किस कारक-सूत्र के अनुसार हुई है?<br />
उत्तर &#8211;<br />
तृतीया विभक्ति है और &#8216;सहार्थे तृतीया&#8217; इस सूत्र के अनुसार</p>
<p>प्रश्न 4.<br />
कविना कालिदासः श्रेष्ठः।&#8217;-इस वाक्य में &#8216;कवीनां&#8217; पद में कौन-सी विभक्ति है ?<br />
(क) पञ्चमी<br />
(ख) तृतीया<br />
(ग) षष्ठी<br />
(घ) द्वितीया<br />
उत्तर-<br />
(ग) षष्ठी</p>
<p>प्रश्न 5.<br />
&#8216;बालिका मन्द-मन्दं गायति ।-इस वाक्य में &#8216;मन्द-मन्दं&#8217; पद में कौन-सी विभक्ति है ?<br />
(क) प्रथमा विभक्ति<br />
(ख) सप्तमी विभक्ति<br />
(ग) तृतीया विभक्ति<br />
(घ) द्वितीया विभक्ति<br />
उत्तर-<br />
(क) प्रथमा विभक्ति</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://biharboard.guru/wp-content/uploads/2020/04/Bihar-Board-Solutions.png" alt="Bihar Board Class 7 Sanskrit व्याकरण कारक" width="222" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 6.<br />
&#8216;बालकाय फलं रोचते।&#8217;-इस वाक्य में &#8216;बालकाय&#8217; पद में कौन-सी विभक्ति लगी है और ऐसा किस कारक-सूत्र के अनुसार हुआ है।<br />
उत्तर-<br />
चतुर्थी विभक्ति,-&#8216;रुच्याणां प्रीयमाणः&#8217; इस सूत्र के आधार पर ।</p>
<p>प्रश्न 7.<br />
गोपालः सर्पात् विभेति ।&#8217;-इस वाक्य में &#8216;सत्&#8217; पद में कौन-सी विभदित लगी है और ऐसा किस कारक-सूत्र के आधार पर हुआ है?<br />
उत्तर-<br />
पचमी विभक्ति &#8211; &#8216;भीत्राणां भयहेतुः&#8217; इस सूत्र के आधार पर ।</p>
<p>प्रश्न 8.<br />
&#8216;श्रमेण विना विद्या न भवति।&#8217;-इस वाक्य में &#8216;श्रमेण&#8217; पद में कौन-सी विभक्ति है और किस सूत्र के आधार पर हुई है ?<br />
उत्तर-<br />
&#8216;श्रमेण&#8217; में तृतीया विभक्ति लगी हुई है, जो &#8216;पृथकविनानानाभ-स्तृतीयान्यतरस्याम&#8217; सूत्र के आधार पर हुई है।</p>
<p>प्रश्न 9.<br />
&#8216;ल्यब्लोपे कर्मण्यधिकरणे।&#8217; सत्र की सोदाहरण व्याख्या करें।<br />
उत्तर-<br />
ल्यप्-प्रत्ययान्त शब्दों के लोप होने पर कर्म और अधिकरण कारक में पंचमी विभक्ति होती है। जैसे-गणेशः प्रासादात् पश्यति ।</p>
<p>प्रश्न 10.<br />
&#8216;ईश्वरः पापात् त्रायते -इस वाक्य में &#8216;पापात्&#8217; में कौन-सी विभक्ति है?<br />
उत्तर-<br />
&#8216;पपात्&#8217; में पंचमी विभक्ति है, जो &#8216;भीत्राणां भयहेतुः&#8217; से</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://biharboard.guru/wp-content/uploads/2020/04/Bihar-Board-Solutions.png" alt="Bihar Board Class 7 Sanskrit व्याकरण कारक" width="222" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 11.<br />
&#8216;ग्रामम् अभितः वृक्षाः सन्ति&#8217;-इस वाक्य में &#8216;ग्रामम्&#8217; शब्द में कौन-सी विभक्ति है ?<br />
उत्तर-<br />
&#8216;ग्रामम्&#8217; में द्वितीया विभक्ति है।</p>
<p>प्रश्न 12.<br />
&#8216;सः मोहनाय शतं धारयति&#8217;-इस वाक्य में &#8216;मोहनाय&#8217; में कौन-सी विभक्ति हैं तथा किस सूत्र से हुई है ?<br />
उत्तर-<br />
&#8216;मोहनाय&#8217; में चतुर्थ विभक्ति है तथा यह धारेत्तमर्णः&#8217; सूत्र के आधार पर हुई है।</p>
<p>प्रश्न 13.<br />
&#8216;यस्य भावेन भावलक्षणम्&#8217; सत्र की सोदाहरण व्याख्या करें।<br />
उत्तर-<br />
जब एक कार्य के पूर्ण होने के बाद दूसरा कार्य होता हो तो जो कार्य हो चुका है उसमें षष्ठी या सप्तमी विभक्ति होती है। जैसे-उदिते उदितस्य वा सूर्ये सूर्यस्य वा सः गृहात् प्रस्थितः।</p>
<p>प्रश्न 14.<br />
&#8216;अस्तं गते सूर्ये सः आगतः&#8217;-इस वाक्य में &#8216;अस्तं गते&#8217; में कौन-सी विभक्ति लगी हुई है?<br />
उत्तर-<br />
सप्तमी विभक्ति । &#8216;यस्य भावेन भावलक्षणम्&#8217; के आधार पर।</p>
<p>प्रश्न 15.<br />
&#8216;उपाध्यायादधीते&#8217; इस वाक्य में &#8216;उपाध्यायात&#8217; पद में कौन-सी विभक्ति है और यह विभक्ति किस सूत्र के आधार पर हुई है?<br />
उत्तर-<br />
&#8216;उपाध्यायात् अधीते&#8217; में &#8216;उपाध्यायात्&#8217; में पज्ञमी विभक्ति है और यह &#8216;आख्यातोपयोगे&#8217; सूत्र के आधार पर हुई है। उपाध्याय&#8217; आख्यात है और । उससे पञ्चमी विभक्ति हुई है।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://biharboard.guru/wp-content/uploads/2020/04/Bihar-Board-Solutions.png" alt="Bihar Board Class 7 Sanskrit व्याकरण कारक" width="222" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 16.<br />
(क) &#8216;पितृभ्यः स्वधा&#8217;-इस वाक्य के पितृभ्यः पद में कौन-सी<br />
विभक्ति है और यह विभक्ति किस सूत्र के आधार पर हुई है? (उस सूत्र को लिखें।)<br />
उत्तर-<br />
पितृभ्यः स्वधा&#8217; इस वाक्य में चतुर्थी विभक्ति है और वह &#8216;नमः स्वस्तिस्वाहा &#8211; स्वधालंवषट् योगाच्च&#8217; इस सत्र के कारण हुई है।</p>
<p>(ख) &#8216;हनुमते नमः&#8217; इस वाक्य के &#8216;हनुमते&#8217; पद में कौन-सी विभक्ति है ? यह विभक्ति किस सूत्र के आधार पर हुई है ?<br />
उत्तर-<br />
हनुमते&#8217; में चतुर्थी विभक्ति होती है और &#8216;नमः स्वस्ति-स्वाहास्वधा&#8217;, सूत्र के अनुसार होती है।</p>
]]></content:encoded>
					
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		<title>Bihar Board Class 7 Sanskrit Solutions Chapter 14 बोधगया</title>
		<link>https://biharboard.guru/bihar-board-class-7-sanskrit-solutions-chapter-14/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Priyanshu]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 31 Aug 2020 11:39:13 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uncategorized]]></category>
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					<description><![CDATA[Bihar Board Class 7 Sanskrit Solutions Amrita Bhag 2 Chapter 14 बोधगया Text Book Questions and Answers, Summary. BSEB Bihar Board Class 7 Sanskrit Solutions Chapter 14 बोधगया Bihar Board Class 7 Sanskrit बोधगया Text Book Questions and Answers अभ्यासः मौखिकः प्रश्न 1. अधोलिखितानां पदानाम् उच्चारणं कुरुत प्रसिद्धिम् श्रद्धाम् अश्वत्थवृक्षः सहस्राधिकाः निरञ्जना शुष्यति भ्रमणम् । ... <a title="Bihar Board Class 7 Sanskrit Solutions Chapter 14 बोधगया" class="read-more" href="https://biharboard.guru/bihar-board-class-7-sanskrit-solutions-chapter-14/" aria-label="Read more about Bihar Board Class 7 Sanskrit Solutions Chapter 14 बोधगया">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><a href="https://biharboard.guru/bihar-board-class-7th-sanskrit-solutions/">Bihar Board Class 7 Sanskrit Solutions</a> Amrita Bhag 2 Chapter 14 बोधगया Text Book Questions and Answers, Summary.</p>
<h2>BSEB Bihar Board Class 7 Sanskrit Solutions Chapter 14 बोधगया</h2>
<h3>Bihar Board Class 7 Sanskrit बोधगया Text Book Questions and Answers</h3>
<p><span style="color: #0000ff;">अभ्यासः</span></p>
<p>मौखिकः</p>
<p>प्रश्न 1.<br />
अधोलिखितानां पदानाम् उच्चारणं कुरुत</p>
<ol>
<li>प्रसिद्धिम्</li>
<li>श्रद्धाम्</li>
<li>अश्वत्थवृक्षः</li>
<li>सहस्राधिकाः</li>
<li>निरञ्जना</li>
<li>शुष्यति</li>
<li>भ्रमणम् ।</li>
</ol>
<p>नोट : उच्चारण छात्र स्वयं करें ।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://biharboard.guru/wp-content/uploads/2020/04/Bihar-Board-Solutions.png" alt="Bihar Board Class 7 Sanskrit Solutions Chapter 14 बोधगया" width="222" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 2.<br />
निम्नलिखितानां पदानाम् अर्थ वदत &#8211;</p>
<ol>
<li>अवस्थितः</li>
<li>अद्य</li>
<li>ततः परम्</li>
<li>उपविष्टस्य</li>
<li>सम्पति</li>
<li>अधुना</li>
</ol>
<p>उत्तराणि &#8211;</p>
<ol>
<li>अवस्थितः &#8211; स्थित विद्यमान</li>
<li>अद्य &#8211; आज</li>
<li>ततः परम्- इसके बाद</li>
<li>उपविष्टस्य-बैठे हुए का</li>
<li>सम्प्रति-वर्तमान में</li>
<li>अधुना-इस समय</li>
</ol>
<p><span style="color: #0000ff;">लिखितः</span></p>
<p>प्रश्न 3.<br />
निम्नलिखिताना प्रश्नानाम् उत्तरम् एकेन पदेन लिखत</p>
<ol>
<li>बोधगया कस्मिन् मण्डले अस्ति ?</li>
<li>सिद्धार्थः कदा बोधि प्राप्तवान् ?</li>
<li>कस्य छायायां बुद्धं तपस्यां कृतवान् ?</li>
<li>मन्दिरे बुद्धस्य पाषाणमूर्तिः कस्मिन् आसने वर्तते ?</li>
<li>बोधगयापार्वे का नदी प्रवहति ?</li>
</ol>
<p>उत्तराणि</p>
<ol>
<li>गया मण्डले</li>
<li>वैशाख-पूर्णिमायां</li>
<li>अश्वत्थवृक्षस्य</li>
<li>पद्मासने</li>
<li>निरञ्जना</li>
</ol>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://biharboard.guru/wp-content/uploads/2020/04/Bihar-Board-Solutions.png" alt="Bihar Board Class 7 Sanskrit Solutions Chapter 14 बोधगया" width="222" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 4.<br />
कोष्ठात् उचितरूपं चित्वा रिक्तस्थानं पूरयत</p>
<ol>
<li>विहारराज्यस्य &#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;.. मण्डले बोधगया अस्ति । (गया, नवादा)</li>
<li>सिद्धार्थः &#8230;&#8230;&#8230;&#8230;. पूर्णिमायां बोधि प्राप्तवान् । (आषाढ, वैशाख)</li>
<li>बोधगयायां प्राचीनः &#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;. वृक्षः वर्तते । (वट, अश्वत्थ)</li>
<li>बुद्धस्य पाषाणमूर्तिः &#8230;&#8230;&#8230;&#8230;.. आसने वर्तते । (पद्म, सिंह)</li>
<li>मगधविश्वविद्यालयस्य मुख्यपरिसरः &#8230;&#8230;&#8230;&#8230;. वर्तते । (गयायाम्, बोधगयायाम्)</li>
</ol>
<p>उत्तराणि-</p>
<ol>
<li>गया</li>
<li>वैशाख</li>
<li>अश्वत्थ</li>
<li>पद्म</li>
<li>बोध गयायाम् ।</li>
</ol>
<p>प्रश्न 5.<br />
निम्नलिखिताना शब्दानां प्रयोगेण संस्कृते वाक्यानि रचयत। ।</p>
<ol>
<li>बोधगया</li>
<li>अद्य</li>
<li>पाषाणमूर्तिः</li>
<li>भक्तः</li>
<li>प्रशासनम् ।</li>
</ol>
<p>उत्तराणि</p>
<ol>
<li>बोधगया-बोधगया बिहार राज्ये अस्ति ।।</li>
<li>अद्य &#8211; अद्य अहं विद्यालयं गमिष्यामि ।</li>
<li>पाषाणमूर्ति: &#8211; मन्दिरे पाषाणमूर्ति वर्तते ।</li>
<li>भक्तः &#8211; भक्तः भजनं करोति ।</li>
<li>प्रशासनम् &#8211; प्रशासनं राज्यस्य विकासाय प्रयासं करोति ।</li>
</ol>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://biharboard.guru/wp-content/uploads/2020/04/Bihar-Board-Solutions.png" alt="Bihar Board Class 7 Sanskrit Solutions Chapter 14 बोधगया" width="222" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 6.<br />
अर्थानुसारेण पदानि सुमेलयत</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-22933" src="https://biharboard.guru/wp-content/uploads/2020/08/Bihar-Board-Class-7-Sanskrit-Solutions-Chapter-14-बोधगया-1.png" alt="Bihar Board Class 7 Sanskrit Solutions Chapter 14 बोधगया 1" width="301" height="144" /></p>
<p>उत्तराणि-<br />
(क) &#8211; (ii)<br />
(ख) &#8211; (i)<br />
(ग) &#8211; (iv)<br />
(घ) &#8211; (iii)<br />
(ङ) &#8211; (vi)<br />
(च) &#8211; (v)</p>
<p>प्रश्न 7.<br />
रिक्तस्थानानि पूरयत &#8211;</p>
<p>एकवचनम् &#8211; द्विवचन &#8211; बहुवचन</p>
<p>(क) ग्रामः &#8211; &#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;. &#8211; &#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;..<br />
(ख) उपासकः &#8211; उपासको &#8211; &#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;.<br />
(ग) धारयति &#8211; धारयत: &#8211; &#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;.<br />
(घ) करोति &#8211; &#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;. &#8211; &#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;.<br />
उत्तराणि &#8211;<br />
एकवचनम् &#8211; द्विवचन &#8211; बहुवचन</p>
<p>(क) ग्रामः &#8211; ग्रामौ &#8211; ग्रामाः<br />
(ख) उपासकः &#8211; उपासको &#8211; उपासका:<br />
(ग) धारयति &#8211; धारयत: &#8211; धारयन्ति<br />
(घ) करोति &#8211; कुरुतः &#8211; कुर्वन्ति</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://biharboard.guru/wp-content/uploads/2020/04/Bihar-Board-Solutions.png" alt="Bihar Board Class 7 Sanskrit Solutions Chapter 14 बोधगया" width="222" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 8.<br />
अधोलिखितानां पदानां सन्धि सन्धिविच्छेदं वा कुरुत &#8211;</p>
<ol>
<li>तस्य + एव । = &#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;</li>
<li>पद्म + आसने = &#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;</li>
<li>सहस्राधिका: = &#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;</li>
<li>करुणायुक्तश्च = &#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;</li>
<li>तत्रैव = &#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;</li>
</ol>
<p>उत्तराणि &#8211;</p>
<ol>
<li>तस्य + एव = तस्यैव</li>
<li>पद्म + आसने = पद्मासने</li>
<li>सहस्राधिकाः = सहस्र + अधिका:</li>
<li>करुणायुक्तश्च = करुणायुक्तः + च</li>
<li>तत्रैव = तंत्र + एव</li>
</ol>
<p>प्रश्न 9.<br />
सत्यम् अथ्रवा असत्यम् लिखत &#8211;</p>
<ol>
<li>बोधगया बिहारस्य गयामण्डले अस्ति ।</li>
<li>राजकुमारः सिद्धार्थः आषाढपूर्णिमायां बोधि प्राप्तवान् ।</li>
<li>अश्वत्थवृक्षस्य समीपमेव बुद्धस्य प्राचीनं महाबोधिमन्दिरं वर्तते ।</li>
<li>बुद्धः वटवृक्षस्य छायायां तपस्यां कृतवान् ।</li>
<li>बोधगयायां जलभन्दिरम् अस्ति ।</li>
</ol>
<p>उत्तराणि &#8211;</p>
<ol>
<li>बोधगया बिहारस्य गयामण्डले अस्ति । (सत्यम)</li>
<li>राजकुमारः सिद्धार्थः आषाढ़पूर्णिमायां बोधि प्राप्तवान् । (असत्यम्)</li>
<li>अश्वत्थवृक्षस्य ममीपमेव बुद्धस्य प्राचीनं महाबोधिमन्दिरं वर्तते। (सत्यम्)</li>
<li>बुद्धः वटवृक्षस्य छायायां तपस्यां कृतवान् ।। (असत्यम।)</li>
<li>बोधगयायां जलमन्दिरम् अस्ति । (अस्म)</li>
</ol>
<h3>Bihar Board Class 7 Sanskrit बोधगया Summary</h3>
<p>[बौद्धधर्म अन्तरराष्ट्रीय स्थिति के कारण महत्त्वपूर्ण है । इस धर्म के अनुयायी बोधगया को भगवान् बुद्ध को ज्ञानस्थली के कारण बहुत आदर की दृष्टि से देखते हैं तथा यहाँ की यात्रा को अपने जीवन का परम लक्ष्य मानते हैं । बोधगया में भगवान बुद्ध का प्राय: चौदह सौ वर्ष पुराना मन्दिर तथा बोधि वृक्ष वर्तमान है । प्रस्तुत पाठ में बोधगया के धार्मिक महत्त्व तथा वर्तमान परिवेश का संक्षिप्त परिचय है ।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://biharboard.guru/wp-content/uploads/2020/04/Bihar-Board-Solutions.png" alt="Bihar Board Class 7 Sanskrit Solutions Chapter 14 बोधगया" width="222" height="17" /></p>
<p>बिहारराज्यस्य गयामण्डले &#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;. तस्य दर्शनाय आयान्ति ।</p>
<p>शब्दार्थ-बिहारराज्यस्य = बिहार राज्य के । गयामण्डले = गया जिले में । अवस्थितः &#8211; स्थित । महतीम् = बड़ी (को) । बोधिम् &#8211; ज्ञान को । प्राप्तवान् &#8211; प्राप्त किया । ततः परम् = उसके बाद । धारयन्ति &#8211; धारण करते हैं/करती हैं । अश्वत्थवृक्षः &#8211; पीपल का पेड़ । तस्यैव (तस्य + एव) &#8211; उसका ही/उसी का । छायायाम् = छाया में । कृतवान् &#8211; किया । तस्मिन् &#8211; उसमें । पद्मासने = कमलासन / पद्मासन की अवस्था में । उपविष्टस्य &#8211; बैठे हुए का / की । पाषाणमूर्तिः &#8211; पत्थर की मूर्ति । सहस्राधिकाः &#8211; हजार से अधिक । दर्शनाय &#8211; दर्शन के, लिए । आयान्ति = आते हैं।</p>
<p>सरलार्थ-बिहार राज्य के गया जिला में स्थित बोधगया नामक गाँव आज बड़ी प्रसिद्धि प्राप्त कर रहा है । यहीं राजकुमार सिद्धार्थ ने वैशाख पूर्णिमा को ज्ञान प्राप्त किया । इसके पश्चात् वे भगवान् बुद्ध के नाम से प्रसिद्ध हो गए। बौद्धधर्म के सभी उपासक बोधगया के प्रति श्रद्धा धारण करते हैं। आज वहाँ पुराना पीपल का पेड़ है । उसी की छाया में बुद्ध ने तप किया । उस वृक्ष के समीप में ही बुद्ध का प्राचीन महाबोधि मंदिर है । मन्दिर में पद्मासन की अवस्था में बैठे हुए बुद्ध का पत्थर की मूर्ति है । प्रतिदिन हजारों से अधिक भक्तगण उनके दर्शन के लिए आते हैं।</p>
<p>तस्य मन्दिरस्य परिसरः &#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;. परिसरस्य भ्रमणं कुर्याम ।</p>
<p>शब्दार्थ-परिसरः &#8211; आहाता, स्थान । करुणा &#8211; दया । सम्प्रति &#8211; इस &#8211; समय । निवासिभिः = निवासियों के द्वारा । कृतानि &#8211; बनाये गये । शोभन्ने = शोभते हैं । तत्रैव (तत्र + एव) वहीं । अधुना &#8211; आजकल । रमणीयम् .. &#8211; सुन्दर, मनमोहक । दर्शनीयम् &#8211; दर्शन योग्य । स्थलम् &#8211; जगह । स्वच्छता । &#8211; सफाई। वर्ष यावत् = सालों भर / पूरे साल । पर्यटकाः &#8211; यात्री । आत्मानम् = अपने आप को । मन्यन्ते &#8211; मानते हैं। समझते हैं । पार्वे &#8211; बगल में । प्रवहति &#8211; बहती है । शुष्यति = सूख जाती/ जाता है । विकासाय &#8211; विकास के लिए । विकास को। भ्रमणम् &#8211; घूमना / घूमने का कार्य । परिसरस्य &#8211; आहाते का । कुर्याम = (हम) करें ।</p>
<p>सरलार्थ &#8211; उस मन्दिर के आहाता शान्तिमय और दया युक्त है । बोधगया में इस समय विभिन्न देशों को निवासियों द्वारा बनाए गए बुद्ध मन्दिर शोभायमान है । जैसे म्यांमार (बर्मा) मन्दिर, थाईमन्दिर, तिब्बत मन्दिर, जापान मन्दिर आदि । वहीं ही मगध विश्वविद्यालय का मुख्य आहाता है । आजकल बोधगया मनमोहक और दर्शनीय स्थान है ।</p>
<p>पूरे आहाता की सफाई और परिवहन की व्यवस्था सुन्दर है । वर्ष भर पर्यटक बोधगया जाकर अपने को धन्य मानते हैं । यहाँ समीप में ही निरंजना नामक नदी बहती है । गर्मी में वह सूख जाती है । प्रशासन बोध गया के विकास के लिए निरन्तर प्रयत्न कर रहा है । हमलोग भी वहाँ जाकर आहाता का दर्शन करें ।</p>
<p><span style="color: #0000ff;">व्याकरणम्</span></p>
<p>सन्धि-विच्छेदः</p>
<ol>
<li>तस्यैव = तस्य + एव (वृद्धि सन्धि, स्वर सन्धि)</li>
<li>पद्मासने = पद्म + आसने (दीर्घ सन्धि, स्वर सन्धि)</li>
<li>करुणायुक्तश्च = करुणायुक्तः + च (विसर्ग सन्धि)</li>
<li>सहस्राधिकाः = सहस्र + अधिकाः (दीर्घ सन्धि, स्वर सन्धि)</li>
</ol>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://biharboard.guru/wp-content/uploads/2020/04/Bihar-Board-Solutions.png" alt="Bihar Board Class 7 Sanskrit Solutions Chapter 14 बोधगया" width="222" height="17" /></p>
<p>प्रकृति &#8211; प्रत्यय-विभागः</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-22935" src="https://biharboard.guru/wp-content/uploads/2020/08/Bihar-Board-Class-7-Sanskrit-Solutions-Chapter-14-बोधगया-2.png" alt="Bihar Board Class 7 Sanskrit Solutions Chapter 14 बोधगया 2" width="394" height="271" srcset="https://biharboard.guru/wp-content/uploads/2020/08/Bihar-Board-Class-7-Sanskrit-Solutions-Chapter-14-बोधगया-2.png 394w, https://biharboard.guru/wp-content/uploads/2020/08/Bihar-Board-Class-7-Sanskrit-Solutions-Chapter-14-बोधगया-2-300x206.png 300w" sizes="auto, (max-width: 394px) 100vw, 394px" /></p>
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		<item>
		<title>Bihar Board Class 9 Economics Solutions Chapter 4 बेकारी</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Priyanshu]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 14 Aug 2020 06:07:08 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uncategorized]]></category>
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					<description><![CDATA[Bihar Board Class 9 Social Science Solutions Economics अर्थशास्त्र : हमारी अर्थव्यवस्था भाग 1 Chapter 4 बेकारी Text Book Questions and Answers, Additional Important Questions, Notes. BSEB Bihar Board Class 9 Social Science Economics Solutions Chapter 3 गरीबी Bihar Board Class 9 Economics बेकारी Text Book Questions and Answers वस्तुनिष्ठ प्रश्न बहुविकल्पीय प्रश्न : प्रश्न ... <a title="Bihar Board Class 9 Economics Solutions Chapter 4 बेकारी" class="read-more" href="https://biharboard.guru/bihar-board-class-9-economics-solutions-chapter-4/" aria-label="Read more about Bihar Board Class 9 Economics Solutions Chapter 4 बेकारी">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><a href="https://biharboard.guru/bihar-board-class-9th-social-science-solutions/">Bihar Board Class 9 Social Science Solutions</a> Economics अर्थशास्त्र : हमारी अर्थव्यवस्था भाग 1 Chapter 4 बेकारी Text Book Questions and Answers, Additional Important Questions, Notes.</p>
<h2>BSEB Bihar Board Class 9 Social Science Economics Solutions Chapter 3 गरीबी</h2>
<h3>Bihar Board Class 9 Economics बेकारी Text Book Questions and Answers</h3>
<p><span style="color: #0000ff;">वस्तुनिष्ठ प्रश्न</span></p>
<p>बहुविकल्पीय प्रश्न :</p>
<p>प्रश्न 1.<br />
देश की प्रमुख आर्थिक समस्या है ?<br />
(क) उच्चशिक्षा<br />
(ख) खाद्यान्न की प्रचुरता<br />
(ग) क्षेत्रीय समानता<br />
(घ) गरीबी तथा बेकारी<br />
उत्तर-<br />
(घ) गरीबी तथा बेकारी</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://biharboard.guru/wp-content/uploads/2020/04/Bihar-Board-Solutions.png" alt="Bihar Board Class 9 Economics Solutions Chapter 4 बेकारी" width="222" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 2.<br />
भारत में ग्रामीण क्षेत्र में पायी जाती है ?<br />
(क) शिक्षित बेकारी<br />
(ख) औद्योगिक बेकारी<br />
(ग) अदृश्य बेकारी<br />
(घ) चक्रीय बेकारी<br />
उत्तर-<br />
(ग) अदृश्य बेकारी</p>
<p>प्रश्न 3.<br />
बेकारी वह स्थिति है जब ?<br />
(क) पूर्णतः इच्छा से काम नहीं करते ।<br />
(ख) हम आलस्य से काम नहीं करते ।<br />
(ग) हमें इच्छा एवं योग्यता होते हुए भी काम नहीं मिलता।<br />
(घ) हम अशिक्षित एवं अपंग होते हैं।<br />
उत्तर-<br />
(ग) हमें इच्छा एवं योग्यता होते हुए भी काम नहीं मिलता।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://biharboard.guru/wp-content/uploads/2020/04/Bihar-Board-Solutions.png" alt="Bihar Board Class 9 Economics Solutions Chapter 4 बेकारी" width="222" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 4.<br />
बिहार में पाई जानेवाली बेरोजगारी है ?<br />
(क) घर्षणात्मक<br />
(ख) चक्रीय<br />
(ग) अदृश्य<br />
(घ) इनमें से कोई नहीं<br />
उत्तर-<br />
(ग) अदृश्य</p>
<p>प्रश्न 5.<br />
बिहार के ग्रामीण क्षेत्र में पाई जाती है ?<br />
(क) औद्योगिक बेकारी<br />
(ख) चक्रीय बेकारी<br />
(ग) अदृश्य एवं मौसमी बेकारी<br />
(घ) इनमें से कोई नहीं<br />
उत्तर-<br />
(ग) अदृश्य एवं मौसमी बेकारी</p>
<p>प्रश्न 6.<br />
बिहार में अशिक्षितों की संख्या करीब निम्न में कितना प्रतिशत है ?<br />
(क) 53 प्रतिशत<br />
(ख) 40 प्रतिशत<br />
(ग) 65 प्रतिशत<br />
(घ) 47 प्रतिशत<br />
उत्तर-<br />
(क) 53 प्रतिशत</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://biharboard.guru/wp-content/uploads/2020/04/Bihar-Board-Solutions.png" alt="Bihar Board Class 9 Economics Solutions Chapter 4 बेकारी" width="222" height="17" /></p>
<p><span style="color: #0000ff;">रिक्त स्थान की पूर्ति करें :</span></p>
<p>1. बेकारी वह स्थिति है जब काम चाहनेवाले तथा योग्य व्यक्ति को रोजगार &#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;.नहीं होता ।<br />
2. गरीबी तथा &#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;.. भारत की प्रमुख समस्याएँ हैं।<br />
3. ऐच्छिक बेकारी उस स्थिति को कहते हैं जब कोई व्यक्ति प्रचलित मजदूरी पर काम &#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230; चाहता है।<br />
4. छिपी हुई बेकारी की स्थिति में श्रमिक की सीमांत उत्पादकता नगण्य या &#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;..होती है।<br />
5. भारत में शिक्षित बेरोजगारी का एक प्रमुख कारण दोषपूर्ण &#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;.है।<br />
6. बिहार में छुपी हुई एवं &#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;.. बेकारी पाई जाती है।<br />
7. बिहार में बेरोजगारी का एक कारण &#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230; शिक्षा का अभाव है।<br />
उत्तर-<br />
1. उपलब्ध,<br />
2. बेकारी,<br />
3. नहीं,<br />
4. शून्य,<br />
5. शिक्षा प्रणाली<br />
6. मौसमी,<br />
7. पेशेवर।</p>
<p><span style="color: #0000ff;">लघु उत्तरीय प्रश्न</span></p>
<p>प्रश्न 1.<br />
आप बेरोजगारी से क्या समझते हैं ?<br />
उत्तर-<br />
काम करने वाले व्यक्तियों की इच्छा और योग्यता के अनुसार, प्रचलित मजदूरी पर काम नहीं मिल पाए तो ऐसी स्थिति को बेरोजगारी कहते हैं।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://biharboard.guru/wp-content/uploads/2020/04/Bihar-Board-Solutions.png" alt="Bihar Board Class 9 Economics Solutions Chapter 4 बेकारी" width="222" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 2.<br />
छिपी हुई बेकारी से आप क्या समझते हैं ?<br />
उत्तर-<br />
जिसमें उत्पादन क्रिया में आवश्यकता से अधिक व्यक्ति का लगा रहना, जहाँ उसकी उत्पादकता लगभग शून्य के बराबर होती है।</p>
<p>प्रश्न 3.<br />
न्यून रोजगार की समस्या का वर्णन करें।<br />
उत्तर-<br />
श्रम-शक्ति जनसंख्या का ही फल है। श्रम-शक्ति में वृद्धि होने से भारत में बेरोजगारी बढ़ रही है और न्यून रोजगार की समस्या जटिल हो गई है। संसाधन की कमी है सो अलग।</p>
<p>प्रश्न 4.<br />
भारत में रोजगार प्राप्ति की समस्या का वर्णन करें।<br />
उत्तर-<br />
अशिक्षा और प्रशिक्षण के अभाव में भारतीय मजदूर आधुनिक मशीनों से रु-ब-रु नहीं हो पाते हैं। रोजगार नहीं मिल पाता।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://biharboard.guru/wp-content/uploads/2020/04/Bihar-Board-Solutions.png" alt="Bihar Board Class 9 Economics Solutions Chapter 4 बेकारी" width="222" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 5.<br />
शिक्षित लोगों में बढ़ती हुई बेकारी के मुख्य कारण क्या हैं ? ।<br />
उत्तर-<br />
शिक्षित लोगों में बढ़ती हुई बेकारी का मुख्य कारण है हमारी दोषपूर्ण शिक्षा-प्रणाली।</p>
<p>प्रश्न 6.<br />
शिक्षा को पेशेवर बनाने से आप क्या समझते हैं ?<br />
उत्तर-<br />
भारत में शिक्षा को पेशवर बनाने की आवश्यकता है जिससे लोगों में कार्यकुशलता और क्षमता में वृद्धि होती है, स्वरोजगार से बेकारी की समस्या का बहुत कुछ हल संभव हो सकेगा।</p>
<p>प्रश्न 7.<br />
बेरोजगारी के चार कारणों का वर्णन करें।<br />
उत्तर-<br />
देंखे दीर्घ उत्तरीय प्रश्न संख्या 1 के दूसरे भाग में।</p>
<p>प्रश्न 8.<br />
बिहार में ग्रामीण बेकारी के समाधान के लिए कुछ उपाय बताएँ।<br />
उत्तर-<br />
दूर करने के उपाय-</p>
<p>(i) कृषि का विकास-बिहार की कृषि व्यवस्था बहुत उन्नतशील हो सकती है । पर अविकसित होने के कारण यहाँ मौसमी और छिपी हुई बेरोजगारी मिलती हैं । अतः कृषि का उचित एवं समुचित विकास होना जरूरी है। वहीं सिंचाई का साधन एवं वैज्ञानिक कृषि को प्रोत्साहन देना चाहिए।</p>
<p>(ii) ग्राम उद्योगों के विकास जैसे कुटीर एवं लघु उद्योगों की स्थापना । सब्जी एवं फल उत्पादन में बिहार एक अग्रणी राज्य है। इस पर पूर्ण ध्यान देना अनिवार्य है।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://biharboard.guru/wp-content/uploads/2020/04/Bihar-Board-Solutions.png" alt="Bihar Board Class 9 Economics Solutions Chapter 4 बेकारी" width="222" height="17" /></p>
<p><span style="color: #0000ff;">दीर्घ उत्तरीय प्रश्न</span></p>
<p>प्रश्न 1.<br />
बेकारी की परिभाषा दें। भारत में बेकारी के प्रमुख कारण क्या हैं ? समाधान के सुझाव दें।<br />
उत्तर-<br />
बेकारी की परिभाषा-जब काम चाहने वाले व्यक्तियों को उसकी इच्छा एवं योग्यता के अनुसार प्रचलित मजदूरी पर काम या रोजगार नहीं मिलता तब हम उसे बेरोजगारी की स्थिति कहते हैं। यही बेकारी है।</p>
<p>भारत में बेकारी के कारण-</p>
<ul>
<li>जनसंख्या में तेजी से बढ़ती हुई जनसंख्या के कारण विभिन्न प्रकार की बेकारी को जन्म दे रही है। शहरों तथा गाँवों में बेकारी बढ़ रही है।</li>
<li>अशिक्षा- भारत में अशिक्षितों की संख्या 53.0 है। अत: इसके कारण भी बेकारी की दर में वृद्धि देखी जाती है।</li>
<li>कृषि का पिछड़ा होना- भारत की कृपि मानसून पर आधारित है, जो एक जुए के खेल के समान है। और इससे कहीं सुखाड़ तो कहीं बाढ़ का प्रकोप बना रहता है।</li>
<li>औद्योगीकरण का अभाव-भारत में आर्थिक विकास एवं औद्योगीकरण की गति बहुत मंद रही है इसलिए रोजगार का अवसर कम प्राप्त होता है।</li>
</ul>
<p>पूँजी का अभाव-भारत में कृषि तथा अन्य उद्योगों में वांछित पूँजी का निवेश नहीं किया जा रहा है जिसके कारण प्रत्येक स्तर पर बेकारी देश एवं राज्य में फैल रही है । समाधान के सुझाव-</p>
<p>(क) सरकारी स्तर पर चलाई जा रही योजनाओं पर उचित ध्यान देकर उससे सहयोग प्राप्त करना चाहिए । 2006 से तीन योजनाओं को मिलाकर &#8216;सम्पूर्ण राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना 2006 संचालित है ।</p>
<p>(ख) गैर-सरकारी उपाय के अंतर्गत &#8216;कुटीर उद्योगों एवं लघु उद्योगों पर ध्यान देना चाहिए तथा व्यक्तिगत स्तर पर संसाधन जुटा कर स्वरोजगार का निर्माण करना चाहिए।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://biharboard.guru/wp-content/uploads/2020/04/Bihar-Board-Solutions.png" alt="Bihar Board Class 9 Economics Solutions Chapter 4 बेकारी" width="222" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 2.<br />
भारत में बेकारी की समस्या पर एक लेख लिखें। बेकारी की समस्या को कैसे दूर किया जा सकता है ?<br />
उत्तर-<br />
भारत में बेरोजगारी एक विकराल समस्या है। देश में बेकारी का यह स्वरूप है कि बेकारी बढ़ती ही जा रही है। भारत में बेकारी की समस्या का आकार निम्नलिखित हैनमूने का सर्वेक्षण और जनगणना रिपोर्ट I.N.S.S.O. (55 वे राउंड) के अनुसार भारत में 1999-2000 ई० में बेरोजगार लोगों की संख्या लगभग 26.6 मिलियन थी। बेरोजगार लोगों की इस कुल संख्या में लगभग 19.5 मिलियन ग्रामीण क्षेत्र में थे और 7.1 मिलियन शहरी क्षेत्र में। 19992000 ई० में बेरोजगारी दर 7.3% थी। 1987-88से 1999-2000 ई० के बीच बेरोजगारी दर में आए परिवर्तन इस प्रकार है<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-18688" src="https://biharboard.guru/wp-content/uploads/2020/08/Bihar-Board-Class-9-Economics-Solutions-Chapter-4-बेकारी-1.png" alt="Bihar Board Class 9 Economics Solutions Chapter 4 बेकारी - 1" width="431" height="139" srcset="https://biharboard.guru/wp-content/uploads/2020/08/Bihar-Board-Class-9-Economics-Solutions-Chapter-4-बेकारी-1.png 431w, https://biharboard.guru/wp-content/uploads/2020/08/Bihar-Board-Class-9-Economics-Solutions-Chapter-4-बेकारी-1-300x97.png 300w" sizes="auto, (max-width: 431px) 100vw, 431px" /><br />
तालिका से स्पष्ट है 1987-88 से 1999-2000 के बीच ग्रामीण क्षेत्र में बेरोजगारी बहुत तेजी से बढ़ी है। पर शहरी क्षेत्र में गिरावट आई।</p>
<p>समस्या को दूर करने के उपाय-समस्या को दूर करने क निम्नलिखित उपाय हैं-</p>
<p>(i) रोजगार केन्द्रित एवं उत्पादन कार्यक्रम-उत्पादन तथा रोजगार दोनों को ही बढ़ावा मिलना चाहिए। साथ ही कुटीर उद्योगों, कृषि पर आधारित ग्रामीण उद्योगों, सिंचाई, डेयरी, मछली पालन आदि कार्यक्रम किए जा सकते हैं।</p>
<p>(ii) शिक्षा में सुधार-रोजगारों को प्रोत्साहन, पूँजी निर्माण की : में वृद्धि, विशिष्ट रोजगार सृजन कार्यक्रम आदि व्यवस्था होनी ताकि रोजगार मिल सके।</p>
<p>प्रश्न 3.<br />
भारत में पाई जानेवाली विभिन्न प्रकार की बेकारी का विवरण : इसके समाधान के लिए आप क्या सुझाव देंगे।<br />
उत्तर-<br />
भारत में पाई जानेवाली विभिन्न प्रकार की बेकारी अग्रलिखित है-</p>
<p>(i) ग्रामीण बेरोजगारी-वैसी वेरोजगारी जो गाँवों में है। इसके भी दो प्रकार हैं<br />
(क) मौसमी बेरोजगारी-मौसम में परिवर्तन द्वारा उत्पन्न बेकारी जैसे खेती के मौसम में काम मिलना और खेती का मौसम न होने पर बेकार हो जाना । गाँवों में रोपनी, पटौनी तथा कटनी के बाद कृषक मजदूर बैठ जाते हैं।</p>
<p>(ख) छिपी हुई बेरोजगारी-किसी काम में पाँच लोगों की आवश्यकता है लेकिन उनमें आठ लोग काम पर लगे होते हैं। इनमें तीन लोग अतिरिक्त हैं, इन तीनों द्वारा किया गया अंशदान पाँच लोगों द्वारा किए गये योगदान में वृद्धि नहीं करता, यानि कुल उत्पादकता में वृद्धि नहीं करता । इसे ही छिपी हुई बेरोजगारी कहते हैं।</p>
<p>(ii) शहरी बेरोजगारी-शहरों में पाई जानेवाली बेरोजगारी है । यह तीन तरह की होती हैं।</p>
<p>(क) शिक्षित बेरोजगारी-पढ़े-लिखे लोगों को जब रोजगार नहीं मिलता तब वह शिक्षित बेरोजगारी है ।</p>
<p>(ख) औद्योगिक बेरोजगारी-आधुनिक मशीनों के प्रयोग से बड़े-बड़े कारखानों से मजदूरों को हटाया जाना औद्योगिक बेरोजगारी है। कपड़ा मिलों से बड़ी संख्या में हैण्डलूम-बुनकर बेकार हो गए।</p>
<p>(ग) तकनीकी बेरोजगारी-अत्यधिक तकनीक के मशीनों के लगने से भी मजदूरों का हटाया जाना तकनीकी बेरोजगारी है। समाधान के उपाय-देंखे दीर्घ उत्तरीय प्रश्न 1 का तीसरा भाग।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://biharboard.guru/wp-content/uploads/2020/04/Bihar-Board-Solutions.png" alt="Bihar Board Class 9 Economics Solutions Chapter 4 बेकारी" width="222" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 4.<br />
&#8216;समेकित ग्रामीण विकास कार्यक्रम&#8217; के विशेष संदर्भ में विभिन्न रोजगार-सृजन कार्यक्रमों का परीक्षण करें। इसके क्रियान्वयन में सुधार के उपाय बताएँ।<br />
उत्तर-<br />
समेकित ग्रामीण विकास कार्यक्रम (IRDP-Integrated Rural Development Programme) गरीबी निवारण के लिए समन्वित ग्रामीण विकास का कार्यक्रम 1980 ई० से देश के सभी प्रखंडों में लागू किया गया । छठी पंचवर्षीय योजना का एक प्रमुख उद्देश्य गरीब वर्ग के व्यक्तियों के साधन तथा आय में वृद्धि कराना था। इसके लिए ग्रामीण क्षेत्रों के उत्पादन एवं उत्पादकता में वृद्धि के उद्देश्य से समन्वित ग्रामीण विकास कार्यक्रम लागू किया गया । इस कार्यक्रम में देश के लगभग 5000 प्रखंड शामिल किए गए थे । इसका उद्देश्य 1.5 करोड़ ऐसे गरीब परिवारों को लाभ पहुँचाना था जो गरीबी रेखा के नीचे थे। इस कार्यक्रम का 50 . प्रतिशत खर्च सरकार वहन करती है। छठी पंचवर्षीय योजना में इस कार्यक्रम को पर्याप्त सफलता मिली। इस योजना में 1,500 करोड़ रु० व्यय का आयोजन था, जबकि वास्तविक व्यय 1,787 करोड़ रु० हुआ। सातवीं पंचवर्षीय योजना तक इसका विस्तार 2 करोड ग्रामीण परिवारों को लाभ पहुँचाने का था। ग्रामीण क्षेत्रों में सबसे अधिक संख्या गरीब भूमिहीन किसान, मजदूरों, छोटे किसानों, ग्रामीण शिल्पकारों, अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जन जाति के लोगों का है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य इसी वर्ग के लोगों को लाभ पहुँचाने का है। इसमें सुधार की कोई गुंजाइश नहीं।</p>
<p>प्रश्न 5.<br />
भारत में शिक्षित बेरोजगारी के कारणों का वर्णन करें। इस समस्या का निराकरण कैसे किया जा सकता है।<br />
उत्तर-<br />
शिक्षा प्राप्त व्यक्ति को रोजगार नहीं मिलता तब उसे शिक्षित बेरोजगार कहते हैं । इस प्रकार की बेरोजगारी मुख्यतः शहरों में पाई जाती है तथा युवा वर्ग के व्यक्ति इसके शिकार हैं। इसका मुख्य कारण है</p>
<ul>
<li>शिक्षा प्रणाली रोजगारोन्मुख नहीं</li>
<li>जनसंख्या में तेजी से वृद्धि के कारण मैट्रिक, स्नातक और स्नातकोत्तरों की संख्या में तेजी से वृद्धि हो रही है</li>
<li>रोजगार की समुचित व्यवस्था का न होना ।</li>
</ul>
<p>निराकरण-</p>
<ul>
<li>शिक्षा प्रणाली में सुधार-वर्तमान शिक्षा प्रणाली को रोजगारोन्मुख बनाने की आवश्यकता है ताकि लोग अपने पैरों पर खड़ा हो सके।</li>
<li>श्रम शक्ति का नियोजन-शिक्षित व्यक्ति एक श्रम है जिसका नियोजन आवश्यक हैं । व्यक्तियों के नियोजन के लिए उपयुक्त बाजार की व्यवस्था भी होनी चाहिए।</li>
<li>दृष्टिकोण में बदलाव-शिक्षित वर्ग की दृष्टि में बदलाव लाना आवश्यक है। उन्हें आवश्यकता पड़ने पर शारीरिक श्रम भी करना पड़ सकता है, अतः इसे करने में नहीं हिचकना चाहिए।</li>
</ul>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://biharboard.guru/wp-content/uploads/2020/04/Bihar-Board-Solutions.png" alt="Bihar Board Class 9 Economics Solutions Chapter 4 बेकारी" width="222" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 6.<br />
आप अदृश्य बेकारी से क्या समझते हैं ? समाधान के लिए उपाय बताएँ।<br />
उत्तर-<br />
कृषि के क्षेत्र में आवश्यकता से अधिक व्यक्ति लगे होने के कारण छिपी हुई या अदृश्य बेरोजगारी भी पाई जाती है । इसमें लोग प्रकट रूप से काम पर लगे हुए दिखाई पड़ते हैं पर उनकी उत्पादकता नगण्य या शून्य होती है । यदि उन्हें काम से हटा भी दिया जाए तो कृषि उत्पादन में कोई कमी नहीं होगी।</p>
<p>अदृश्य बेरोजगारी की समस्या के समाधान के लिए कृषि पर से जनसंख्या के भार को कम करना आवश्यक होगा। इसके लिए ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अन्य साधनों का विस्तार करना होगा। आज विश्व के अनेक अर्द्धविकसित देशों में कृषि-आधारित छोटे एवं घरेलू उद्योगों का शीघ्रता से विकास हो रहा है। ये उद्योग श्रम प्रधान होते हैं तथा इनमें ग्रामीण जनशक्ति का विस्तारपूर्वक प्रयोग किया जा सकता है ।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://biharboard.guru/wp-content/uploads/2020/04/Bihar-Board-Solutions.png" alt="Bihar Board Class 9 Economics Solutions Chapter 4 बेकारी" width="222" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 7.<br />
बिहार में ग्रामीण बेरोजगारी की समस्या के प्रमुख कारण क्या हैं ? आप इसे कैसे दूर करेंगे? .<br />
उत्तर-<br />
बिहार में ग्रामीण बेरोजगारी की समस्या जटिल है। इसके निम्नलिखित कारण हैं-<br />
(i) कृषि का पिछड़ापन-समुचित जल प्रबंधन तथा शक्ति, परिवहन और विपणन से चारण के आभाव में कृषि का आधुनिकीकरण एवं वयवसायीकरण संभव नहीं हो सका । अतः राज्य अर्थव्यवस्था के सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण क्षेत्र में रोजगार के अवसरों का विस्तार नहीं हो सका है।</p>
<p>(ii) कृषि की प्रधानता-कृषि बिहार की अर्थ व्यवस्था का आधार है। गैर कृषि क्षेत्र विशेषकर उद्योग-धंधों के अविकसित होने के कारण रोजगार के बहुत कम अवसर उपलब्ध हैं। राज्य की लगभग 80% जनसंख्या कृषि एवं उससे संबंधित क्रियाकलाप में लगी हुई है। कृषि पर जनसंख्या के इस बोझ के कारण ही गाँवों में बेरोजगारी की समस्या है।</p>
<p>(iii) कृषि आधारित उद्योगों का अविकसित होना-बिहार में कृषि उत्पादन पर आधारित उद्योग विकसित नहीं हैं। जिसके कारण बिहार की चीनी, जूट और कागज की मिलें बंद हो चुकी हैं। इससे बेरोजगारों की संख्या में वृद्धि हुई है।</p>
<p>दूर करने के उपाय-</p>
<p>(i) कृषि का विकास-बिहार की कृषि व्यवस्था बहुत उन्नतशील हो सकती है । पर अविकसित होने के कारण यहाँ मौसमी और छिपी हुई बेरोजगारी मिलती हैं । अतः कृषि का उचित एवं समुचित विकास होना जरूरी है। वहीं सिंचाई का साधन एवं वैज्ञानिक कृषि को प्रोत्साहन देना चाहिए।</p>
<p>(ii) ग्राम उद्योगों के विकास जैसे कुटीर एवं लघु उद्योगों की स्थापना । सब्जी एवं फल उत्पादन में बिहार एक अग्रणी राज्य है। इस पर पूर्ण ध्यान देना अनिवार्य है।</p>
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		<title>Bihar Board Class 6 Sanskrit Solutions Chapter 11 गंगा नदी</title>
		<link>https://biharboard.guru/bihar-board-class-6-sanskrit-solutions-chapter-11/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Priyanshu]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 13 Aug 2020 08:51:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uncategorized]]></category>
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					<description><![CDATA[Bihar Board Class 6 Sanskrit Solutions Amrita Bhag 1 Chapter 11 गंगा नदी Text Book Questions and Answers, Summary. BSEB Bihar Board Class 6 Sanskrit Solutions Chapter 11 गंगा नदी Bihar Board Class 6 Sanskrit गंगा नदी Text Book Questions and Answers अभ्यासः मौखिक: प्रश्न 1. निम्नलिखित शब्दों का शुद्ध उच्चारण करें &#8211; गङ्गायाः &#8211; ... <a title="Bihar Board Class 6 Sanskrit Solutions Chapter 11 गंगा नदी" class="read-more" href="https://biharboard.guru/bihar-board-class-6-sanskrit-solutions-chapter-11/" aria-label="Read more about Bihar Board Class 6 Sanskrit Solutions Chapter 11 गंगा नदी">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><a href="https://biharboard.guru/bihar-board-class-6th-sanskrit-solutions/">Bihar Board Class 6 Sanskrit Solutions</a> Amrita Bhag 1 Chapter 11 गंगा नदी Text Book Questions and Answers, Summary.</p>
<h2>BSEB Bihar Board Class 6 Sanskrit Solutions Chapter 11 गंगा नदी</h2>
<h3>Bihar Board Class 6 Sanskrit गंगा नदी Text Book Questions and Answers</h3>
<p><span style="color: #0000ff;">अभ्यासः</span></p>
<p>मौखिक:</p>
<p>प्रश्न 1.<br />
निम्नलिखित शब्दों का शुद्ध उच्चारण करें &#8211;</p>
<ol>
<li>गङ्गायाः &#8211; गङ्गायाम् &#8211; गङ्गया</li>
<li>लतायाः &#8211; लतायाम् &#8211; लतया</li>
<li>सीतायाः &#8211; सीतायाम् &#8211; सीतया</li>
<li>अयोध्यायाः &#8211; अयोध्यायाम् &#8211; अयोध्यया</li>
<li>गीतायाः &#8211; गीतायाम् &#8211; गीतया</li>
</ol>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://biharboard.guru/wp-content/uploads/2020/04/Bihar-Board-Solutions.png" alt="Bihar Board Class 6 Sanskrit Solutions Chapter 11 गंगा नदी" width="222" height="17" /></p>
<p>(ख ) शब्द &#8211; द्वितीया &#8211; तृतीया &#8211; पंचमी</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-23117" src="https://biharboard.guru/wp-content/uploads/2020/08/Bihar-Board-Class-6-Sanskrit-Solutions-Chapter-11-गंगा-नदी-1.png" alt="Bihar Board Class 6 Sanskrit Solutions Chapter 11 गंगा नदी 1" width="403" height="156" srcset="https://biharboard.guru/wp-content/uploads/2020/08/Bihar-Board-Class-6-Sanskrit-Solutions-Chapter-11-गंगा-नदी-1.png 403w, https://biharboard.guru/wp-content/uploads/2020/08/Bihar-Board-Class-6-Sanskrit-Solutions-Chapter-11-गंगा-नदी-1-300x116.png 300w" sizes="auto, (max-width: 403px) 100vw, 403px" /></p>
<p><span style="color: #0000ff;">लिखितः</span></p>
<p>प्रश्न 2.<br />
कोष्ठ में दिये गये शब्दों से तृतीया विभक्ति का रूप देकर रिक्त स्थानों को भरें</p>
<p>जैसे -सीता रामेण सह वनम् अगच्छत् (राम)</p>
<ol>
<li>मोहनः &#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230; मह विद्यालय गच्छाति। (सोहन)</li>
<li>लता &#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;.. सह वाटिकां गच्छति। (सीता)</li>
<li>सीता &#8230;&#8230;&#8230;&#8230;. सह पुस्तक पठति। (गीता)</li>
<li>रमेशः &#8230;&#8230;&#8230;&#8230;.. लिखांता कलम)</li>
<li>मुकेशः &#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;.. सह खादति। (मित्र)</li>
</ol>
<p>उत्तर-</p>
<ol>
<li>मोहनः सोहनेन सह विद्यालयं गच्छाति।</li>
<li>लता सीतया सह वाटिका गच्छति।</li>
<li>सीता गीतया सह पुस्तक पठति।</li>
<li>रमेशः कलमेन लिखति।</li>
<li>मुकेशः मिण सह खादति।</li>
</ol>
<p>प्रश्न 3.<br />
सुमेलित करें-</p>
<ol>
<li>कृषकः &#8211; (क) प्रवहति।</li>
<li>छात्र &#8211; (ख) उपचारं करोति।</li>
<li>चिकित्सकः &#8211; (ग) कृषिकार्य करोति।</li>
<li>गङ्गा &#8211; (घ) भवनम्।</li>
<li>विद्यालयस्य &#8211; (ङ) पठति।</li>
</ol>
<p>उत्तर-</p>
<ol>
<li>कृषक: &#8211; (ग) कृषिकार्य करोति।</li>
<li>छात्रः &#8211; (ङ) पठति।</li>
<li>चिकित्सक &#8211; (ख) उपचारं करोति।</li>
<li>गंगा &#8211; (क) प्रवहति ।</li>
<li>विद्यालयस्य &#8211; (घ) भवनम्।</li>
</ol>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://biharboard.guru/wp-content/uploads/2020/04/Bihar-Board-Solutions.png" alt="Bihar Board Class 6 Sanskrit Solutions Chapter 11 गंगा नदी" width="222" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 4.<br />
मंजूषा में से सही शब्द चुनकर रिक्त स्थानों को भरें &#8211;</p>
<p>(सन्ति, बहूनि, पवित्रतमा, पातयन्ति गंगाजलम्, प्रभवति, गंगाजलेन)</p>
<ol>
<li>गंगा हिमालयात् &#8230;&#8230;&#8230;. ।</li>
<li>नदीषु गंगा &#8230;&#8230;.. अस्ति।</li>
<li>गंगातटे &#8230;&#8230;&#8230;. नगराणि &#8230;&#8230;.</li>
<li>&#8230;&#8230;&#8230; जनाः पिबन्ति । ।</li>
<li>&#8230;&#8230;&#8230;. कृषि-भूमेः सेचनं भवति।</li>
<li>जनाः मलजलानि गंगायां &#8230;&#8230;&#8230;. ।</li>
</ol>
<p>उत्तर-</p>
<ol>
<li>गंगा हिमालयात् प्रभवति ।</li>
<li>नदीषु गंगा पवित्रतमा अस्ति।</li>
<li>गंगातटे बहूनि नगराणि सन्ति।</li>
<li>गंगाजलम् जनाः पिबन्ति ।</li>
<li>गंगाजलेन कृषिभूमेः संचन भवति।</li>
<li>जनाः मलजलानि गंगायां पातयन्ति।</li>
</ol>
<p>प्रश्न 5.<br />
निम्नलिखित शब्दों का वर्ण-विच्छेद करें &#8211;<br />
जैस &#8211; रामः &#8211; र् + आ + म् + अः</p>
<p>(गंगा हिमालयः, गोमुखम, नगरम्, भवति)<br />
उत्तर-</p>
<ul>
<li>गंगा- ग् + अं+ ग + आ।</li>
<li>हिमालयः-ह + इ + म् + आ + ल् + अ + य् + अः।</li>
<li>गोमुखम् &#8211; ग् + आ + म् + उ + ख् + अ + म्।</li>
<li>नगरम् &#8211; न् + अ + ग् + अ + र् + अ + म्। ।</li>
<li>भवति &#8211; भ् + अ + व् + अ + त् + इ।</li>
</ul>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://biharboard.guru/wp-content/uploads/2020/04/Bihar-Board-Solutions.png" alt="Bihar Board Class 6 Sanskrit Solutions Chapter 11 गंगा नदी" width="222" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 6.<br />
निम्नलिखित विषयों पर संस्कृत में पाँच-पाँच वाक्य लिखें &#8211;<br />
हिमालयः, विद्यालयः, दीपावली<br />
उत्तर-<br />
हिमालयः &#8211;</p>
<p>हिमालयः पर्वतेषु उन्नततमः अस्ति। अयं भारतस्य उत्तरदिशायां अस्ति। हिमालयात् गंगा निःसरति। हिमालयः भारतस्य रक्षकः अस्ति। हिमालयस्य रक्षणे भारतस्य रक्षणम्।</p>
<p>विद्यालयः &#8211;</p>
<p>विद्यायाः आलयः विद्यालयः कथ्यते। विद्यालये छात्राः पठन्ति। विद्यालये शिक्षकाः पाठयन्ति। विद्यालये छात्रान् अनुशासनस्य पाठं पाठयति। विद्यालयः ज्ञानकेन्द्रः भवति।</p>
<p>दीपावली &#8211;</p>
<p>दीपावली हिन्दुनां प्रमुख पर्व भवति। अस्मिन् अवसरे जनाः स्व-स्व गृहं दीपैः सुसज्जितं कुर्वन्ति। जनाः लक्ष्मी-गणेशयोः पूजयन्ति। जनाः मिष्टानं वितरन्ति खादन्ति च। महिलाजनाः अल्पनां कुर्वन्ति।</p>
<p>प्रश्न 7.<br />
उत्तराणि लिखतप्रश्न &#8211;</p>
<p>प्रश्न (क)<br />
भारतस्य पवित्रमा नदी का ?<br />
उत्तर-<br />
भारतस्य पवित्रमा नदी गंगा ।</p>
<p>प्रश्न (ख)<br />
गंगा कुतः प्रभवति ?<br />
उत्तर-<br />
गंगा हिमालयात् प्रभवति ।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://biharboard.guru/wp-content/uploads/2020/04/Bihar-Board-Solutions.png" alt="Bihar Board Class 6 Sanskrit Solutions Chapter 11 गंगा नदी" width="222" height="17" /></p>
<p>प्रश्न (ग)<br />
अस्याः जलं कीदृशं भवति?<br />
उत्तर-<br />
अस्याः जलं पवित्रं भवति।</p>
<p>प्रश्न (घ)<br />
शुभकार्येषु कस्याः जलस्य आवश्यकता भवति?<br />
उत्तर-<br />
शुभकार्येषु गंगायाः जलस्य आवश्यकता भवति ।</p>
<p>प्रश्न (ङ)<br />
अधुना जनाः गंगाजलं किं कुर्वन्ति ?<br />
उत्तर-<br />
अधुना जनाः गंगाजलं प्रदूषितं कुर्वन्ति ।</p>
<h3>Bihar Board Class 6 Sanskrit गंगा नदी Summary</h3>
<p>पाठ &#8211; गङ्गा भारतवर्षस्य पवित्रतमा नदी वर्तते। इयं हिमालयस्य गोमुख स्थानात् प्रभवति। बंगोपसागरे गंगासागरनामिके स्थाने इयं सागरजले मिलति।</p>
<p>अर्थ &#8211; गंगा भारतवर्ष की अत्यन्त पवित्र नदी है। यह हिमालय के गोमुख स्थान से निकलती है। बंगाल की खाडी में गंगा सागर नामक स्थान पर यह समुद्र जल में मिलती है।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://biharboard.guru/wp-content/uploads/2020/04/Bihar-Board-Solutions.png" alt="Bihar Board Class 6 Sanskrit Solutions Chapter 11 गंगा नदी" width="222" height="17" /></p>
<p>पाठ &#8211; गङ्गातटे बहूनि नगराणि सन्ति। अस्माकं बिहारस्य राजधानी पाटलिपुत्रमपि गङ्गायाः तटे स्थितम् अस्ति। गङ्गाजलम् अति पवित्रं भवति। अस्याः जलेन धार्मिक कार्यम् भवति । हिन्दूध विलम्बिनां सर्वेषु शुभकार्येषु गङ्गाजलस्य आवश्यकता</p>
<p>भवति। &#8211; गंगा तट पर बहुत नगर हैं। हमारे बिहार की राजधानी पटना भी गंगा के तट पर स्थित है। गंगा का जल बहुत पवित्र होता है। इसके जल से धार्मिक कार्य होता है। हिन्दू धर्म को मानने वालों के सभी शुभ कार्यों में गंगा जल की आवश्यकता होती</p>
<p>पाठ &#8211; गङ्गायाम् अनेकाः नद्यः मिलन्ति। तासु यमुना-सरयू गंडकी-कौशिकी प्रभृतयः सन्ति। गङ्गायाः तटे हरिद्वार-प्रयाग-काशी-प्रभृतीनि प्रसिद्ध तीर्थस्थानानि सन्ति। गङ्गाजलेन कृषिभूमेः सेचनं भवति।</p>
<p>अर्थ &#8211; गंगा में अनेक नदियाँ मिलती हैं। उनमें यमुना-सरयू-गंडकी, कौशिकी (कोसी) इत्यादि हैं। गंगा के तट पर हरिद्वार-प्रयाग-काशी इत्यादि प्रसिद्ध तीर्थ-स्थल हैं। गंगा जल से कृषि भूमि की सिंचाई होती है।</p>
<p>पाठ &#8211; अधुना जनाः गङ्गाजलं प्रदूषितं कुर्वन्ति। गङ्गातटे स्थितानां नगराणां सर्वाणि मलजलानि गङ्गायां पातयन्ति। केचन मनुष्याणां पशूनाञ्च मृतशरीराणि नद्यां प्रवाहयन्ति। इदं न साधु कार्यम् अस्ति। नदीजले मलानां क्षेपणं वैज्ञानिकविचारेण धार्मिकविचारेण च न शोभनम्।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://biharboard.guru/wp-content/uploads/2020/04/Bihar-Board-Solutions.png" alt="Bihar Board Class 6 Sanskrit Solutions Chapter 11 गंगा नदी" width="222" height="17" /></p>
<p>अर्थ &#8211; आजकल लोग गंगाजल को गन्दा कर रहे हैं। गंगा किनारे स्थित शहरों के सभी गन्दे जल गंगा में गिराये जाते हैं। कुछ मनुष्यों के और पशुओं के मृत शरीरों को नदी में प्रवाहित किये (बहाये)जाते हैं। यह अच्छा काम नहीं है। नदी के जल में गन्दे वस्तुओं को फेंकना वैज्ञानिक-विचार और धार्मिक-विचार से अच्छा काम नहीं है।</p>
<p><span style="color: #0000ff;">शब्दार्थाः</span>-भारतवर्षस्य &#8211; भारतवर्ष के। पवित्रतमा &#8211; अत्यन्त पवित्र। वर्त्तते &#8211; है। हिमालयस्य &#8211; हिमालय के। गोमुखस्थानात् &#8211; गोमुख स्थान से। प्रभवति &#8211; निकलती है/निकलता है। बंगोपसागरे &#8211; बंगाल की खाड़ी में। गंगासागरनामके &#8211; गंगासागर नामक (स्थान) में। स्थाने &#8211; स्थान में। गंगातटे &#8211; गंगा के किनारे पर। बहूनि &#8211; बहुत(अनेक)। नगराणि &#8211; नगरे। सन्ति &#8211; हैं। अस्माकम &#8211; हमारे। बिहारस्य &#8211; बिहार के। पाटलिपुत्रम् &#8211; पटना। अपि &#8212; भी। गङ्गायाः &#8211; गंगा के । तटे &#8211; तीर पर। स्थितम् &#8211; स्थित। अस्ति -. है। अति &#8211; बहुत। पवित्रम् &#8211; पवित्र/स्वच्छ। भवति &#8211; होता है। अस्याः &#8211; इसकी । जलेन &#8211; जल से। शास्त्रानुसारेण &#8211; शास्त्र के अनुसार।</p>
<p>हिन्दूध र्मावलम्बिना &#8211; हिन्दू धर्म के मानने वाले। धर्मावलम्बिनाम् &#8211; धर्म को मानने वाले । शुभकार्येषु &#8211; शुभ कामों में । सर्वेषु &#8211; सभी में। गंगायाम् &#8211; गंगा में। अनेकाः &#8211; अनेक। नद्यः &#8211; नदियाँ। मिलन्ति &#8211; मिलते हैं। तासु &#8211; उनमें। कौशिकी &#8211; कोशी। प्रभृतयः &#8211; इत्यादि। प्रभृतीनि &#8211; इत्यादि(नपु0 में)। कृषि भूमेः &#8211; कृषि भूमि का। सेचनम् &#8211; सिंचाई। अधुना &#8211; आजकल। प्रदूषितं &#8211; गन्दा। कुर्वन्ति &#8211; करते हैं। मलजलानि &#8211; गन्दे पानी को। पातयन्ति &#8211; गिराते हैं। मनुष्याणाम् &#8211; मनुष्यों के । पशूनाज्य &#8211; और पशुओं के। मृत शरीराणि &#8211; मरे शरीर को । प्रवाहयन्ति &#8211; प्रवाहित करते हैं/बहाते हैं। साधु -उत्तम। क्षेपणम् &#8211; फेंकना । वैज्ञानिक विचारेण &#8211; वैज्ञानिक विचार से । शोभनम् &#8211; अच्छा। न &#8211; नहीं।</p>
<p><span style="color: #0000ff;">व्याकरणम्</span></p>
<p>पवित्रतमा (स्त्री.), पवित्रतमः (पु.), पवित्रतमम् (नपु०) प्रभवति &#8211; प्र + भू + लट् लकार</p>
<p>व्याख्या : &#8216;भू&#8217; धातु के लट् लकार में &#8220;भवति&#8221; रूप होता है जिसका अर्थ है- &#8220;होता है।&#8221; परंतु &#8216;प्र&#8217; उपसर्ग लगने पर &#8216;प्रभवति&#8217; शब्द का निर्माण होता है जिसका अर्थ है उत्पन्न होना। इसी प्रकार उपसर्ग लगने पर धातु का अर्थ बदल जाता है। बंग + उपसागरे -बंगोपसागरे । गंगाजलस्य + आवश्यकता &#8211; गंगाजलस्यावश्यकता। मिल् + लट् लकार &#8211; मिलति। अस् + लट् लकार &#8211; अस्ति। अस् + लट् लकार बहुवचन -सन्ति। कृ + लट् लकार, बहुवचन &#8211; कुर्वन्ति।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://biharboard.guru/wp-content/uploads/2020/04/Bihar-Board-Solutions.png" alt="Bihar Board Class 6 Sanskrit Solutions Chapter 11 गंगा नदी" width="222" height="17" /></p>
<p><span style="color: #0000ff;">प्रेरणार्थक क्रिया का प्रयोग </span></p>
<p>सामान्य क्रिया और अर्थ &#8211; प्रेरणार्थक क्रिया एवं अर्थ एकवचन में बहुवचन में पतति (गिरता है)-पातयति (गिराता है)-पातयन्ति (गिराते हैं) पठति (पढ़ता है)-पाठयति (पढ़ाता है)-पाठयन्ति (पढ़ाते हैं) लिखति (लिखता है) लेखयति (लिखाता है)-लेखयन्ति (लिखवाते हैं) चलति (चलता है)चालयति (चलाता है)-चालयन्ति (चलाते हैं)</p>
<p>वाक्य प्रयोग &#8211;</p>
<ol>
<li>पत्ता गिरता है &#8211; पत्रम् पतति।</li>
<li>बालक जल गिराता है &#8211; बालकः जलं पातयति।</li>
<li>छात्र पढ़ता है &#8211; छात्रः पठति।</li>
<li>शिक्षक पढ़ाते हैं &#8211; शिक्षकः पाठयति।</li>
<li>वह लिखता है &#8211; सः लिखति।</li>
<li>सीता पत्र लिखवाती है &#8211; सीता पत्रं लेखयति।</li>
<li>हाथी चलता है &#8211; गजः चलति।</li>
<li>वह साइकिल चलाता है &#8211; सः द्विचक्रीम चालयति।</li>
</ol>
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			</item>
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		<title>Bihar Board Class 9 Political Science Solutions Chapter 3 संविधान निर्माण</title>
		<link>https://biharboard.guru/bihar-board-class-9-political-science-solutions-chapter-3/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Priyanshu]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 13 Aug 2020 05:06:28 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uncategorized]]></category>
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					<description><![CDATA[Bihar Board Class 9 Social Science Solutions Political Science राजनीति विज्ञान : लोकतांत्रिक राजनीति भाग 1 Chapter 3 संविधान निर्माण Text Book Questions and Answers, Additional Important Questions, Notes. BSEB Bihar Board Class 9 Social Science Political Science Solutions Chapter 3 संविधान निर्माण Bihar Board Class 9 Political Science संविधान निर्माण Text Book Questions and ... <a title="Bihar Board Class 9 Political Science Solutions Chapter 3 संविधान निर्माण" class="read-more" href="https://biharboard.guru/bihar-board-class-9-political-science-solutions-chapter-3/" aria-label="Read more about Bihar Board Class 9 Political Science Solutions Chapter 3 संविधान निर्माण">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><a href="https://biharboard.guru/bihar-board-class-9th-social-science-solutions/">Bihar Board Class 9 Social Science Solutions</a> Political Science राजनीति विज्ञान : लोकतांत्रिक राजनीति भाग 1 Chapter 3 संविधान निर्माण Text Book Questions and Answers, Additional Important Questions, Notes.</p>
<h2>BSEB Bihar Board Class 9 Social Science Political Science Solutions Chapter 3 संविधान निर्माण</h2>
<h3>Bihar Board Class 9 Political Science संविधान निर्माण Text Book Questions and Answers</h3>
<p><span style="color: #0000ff;">वस्तुनिष्ठ प्रश्न</span></p>
<p>बहुविकल्पीय प्रश्न :</p>
<p>प्रश्न 1.<br />
संविधान सभा की पहली बैठक कब हुई ?<br />
(क) दिसम्बर 1940<br />
(ख) दिसम्बर 1942<br />
(ग) दिसम्बर 1945<br />
(घ) दिसम्बर 1946<br />
उत्तर-<br />
(ग) दिसम्बर 1945</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://biharboard.guru/wp-content/uploads/2020/04/Bihar-Board-Solutions.png" alt="Bihar Board Class 9 Political Science Solutions Chapter 3 संविधान निर्माण" width="222" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 2.<br />
भारतीय संविधान सभा के अध्यक्ष कौन थे?<br />
(क) डा० भीमराव अंबेदकर<br />
(ख) डा. राजेन्द्र प्रसाद<br />
(ग) सरदार पटेल<br />
(घ) पं. जवाहरलाल नेहरू<br />
उत्तर-<br />
(ग) सरदार पटेल</p>
<p>प्रश्न 3.<br />
भारतीय संविधान सभा के लिए चुनाव कब हुआ था ?<br />
(क) जुलाई 1950<br />
(ख) जुलाई 1946<br />
(ग) जुलाई 1935<br />
(घ) जुलाई 1940<br />
उत्तर-<br />
(ग) जुलाई 1935</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://biharboard.guru/wp-content/uploads/2020/04/Bihar-Board-Solutions.png" alt="Bihar Board Class 9 Political Science Solutions Chapter 3 संविधान निर्माण" width="222" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 4.<br />
भारतीय संविधान लिखने वाली सभा में कितने सदस्य थे?<br />
(क) 299<br />
(ख) 290<br />
(ग) 295<br />
(घ) 292<br />
उत्तर-<br />
(ग) 295</p>
<p>प्रश्न 5.<br />
भारतीय संविधान कब तैयार हुआ?<br />
(क) 26 नवंबर 1950 को<br />
(ख) 26 नवंबर 1947 को<br />
(ग) 26 नवंबर 1948 को<br />
(घ) 26 नवंबर 1949 को<br />
उत्तर-<br />
(ग) 26 नवंबर 1948 को</p>
<p>प्रश्न 6.<br />
भारतीय संविधान कब लागू हुआ?<br />
(क) 26 जनवरी 1948 को<br />
(ख) 26 जनवरी 1949 को<br />
(ग) 26 जनवरी 1950 को<br />
(घ) 26 जनवरी 1951 को<br />
उत्तर-<br />
(ग) 26 जनवरी 1950 को</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://biharboard.guru/wp-content/uploads/2020/04/Bihar-Board-Solutions.png" alt="Bihar Board Class 9 Political Science Solutions Chapter 3 संविधान निर्माण" width="222" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 7.<br />
भारत ब्रिटिश शासन से कब मुक्त हुआ?<br />
(क) 10 जनवरी 1947 को<br />
(ख) 15 अगस्त 1947 को<br />
(ग) 15 फरवरी 1947 को<br />
(घ) 15 दिसम्बर 1947 को<br />
उत्तर-<br />
(ग) 15 फरवरी 1947 को</p>
<p>प्रश्न 8.<br />
सन् 1931 में कांग्रेस का अधिवेशन कहाँ हुआ था ?<br />
(क) इलाहाबाद में<br />
(ख) बम्बई में<br />
(ग) इस्लामाबाद में<br />
(घ) कराची में<br />
उत्तर-<br />
(ग) इस्लामाबाद में</p>
<p>प्रश्न 9.<br />
कांग्रेस के किस अधिवेशन में भारत के संविधान की रूपरेखा रखी गयी थी?<br />
(क) सन् 1919<br />
(ख) सन् 1931<br />
(ग) सन् 1940<br />
(घ) सन् 1950<br />
उत्तर-<br />
(ग) सन् 1940</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://biharboard.guru/wp-content/uploads/2020/04/Bihar-Board-Solutions.png" alt="Bihar Board Class 9 Political Science Solutions Chapter 3 संविधान निर्माण" width="222" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 10.<br />
दक्षिण अफ्रीका का प्रधान नेता कौन था ?<br />
(क) महात्मा गाँधी<br />
(ख) नेल्सन मंडेला<br />
(ग) अबुल कलाम आजाद<br />
(घ) इनमें से कोई नहीं<br />
उत्तर-<br />
(ग) अबुल कलाम आजाद</p>
<p>प्रश्न 11.<br />
भारतीय संविधान के संशोधनों पर कितनी बार चर्चा हुई ?<br />
(क) 100 बार<br />
(ख) 2000 से ज्यादा<br />
(ग) 50 बार<br />
(घ) 1000 से ज्यादा<br />
उत्तर-<br />
(ग) 50 बार</p>
<p>प्रश्न 12.<br />
इनमें कौन-सा तत्व है, जो भारतीय संविधान की प्रस्तावना में नहीं<br />
(क) स्वतंत्रता<br />
(ख) लोकतंत्रात्मकता<br />
(ग) एकता और अखंडता<br />
(घ) सांप्रदायिकता<br />
उत्तर-<br />
(ग) एकता और अखंडता</p>
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<p>प्रश्न 13.<br />
दक्षिण अफ्रीका में अश्वेत, रंगीन, चमड़ीवाले और भारतीय मूल के लोगों ने रंगभेद प्रणाली के खिलाफ कब संघर्ष किया ?<br />
(क) 1940 से<br />
(ख) 1945 से<br />
(ग) 1947 से<br />
(घ) 1950 से<br />
उत्तर-<br />
(ग) 1947 से</p>
<p>प्रश्न 14.<br />
नेल्सन मंडेला को कितने वर्षों तक जेल में रखा गया था?<br />
(क). 20 वर्षों तक<br />
(ख) 25 वर्षों तक<br />
(ग) 28 वर्षों तक<br />
(घ) 15 वर्षों तक<br />
उत्तर-<br />
(ग) 28 वर्षों तक</p>
<p>प्रश्न 15.<br />
दक्षिण अफ्रीका को किस वर्ष स्वतंत्रता मिली?<br />
(क) 1964 में<br />
(ख) 1965 में<br />
(ग) 1970 में<br />
(घ) 1975 में<br />
उत्तर-<br />
(ग) 1970 में</p>
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<p>प्रश्न 16.<br />
दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति कौन बने ?<br />
(क) जैक्शन मंडेला<br />
(ख) जे. बी. मंडेला<br />
(ग) मि. एक्स<br />
(घ) नेल्सन मंडेला<br />
उत्तर-<br />
(ग) मि. एक्स</p>
<p>प्रश्न 17.<br />
भारतीय संविधान निर्माण करते समय कितने दिनों तक गंभीर चर्चा<br />
(क) 100 दिनों तक<br />
(ख) 114 दिनों तक<br />
(ग) 115 दिनों तक<br />
(घ) 200 दिनों तक<br />
उत्तर-<br />
(ग) 115 दिनों तक</p>
<p>प्रश्न 18.<br />
भारतीय संविधान को कितने खंडों में प्रकाशित किया गया ?<br />
(क) 10<br />
(ख) 15<br />
(ग) 12<br />
(घ) 20<br />
उत्तर-<br />
(ग) 12</p>
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<p>प्रश्न 19.<br />
किस संशोधन के द्वारा वयस्कता की उम्र को 21 से घटाकर 18 वर्ष कर दी गई?<br />
(क) 55 वें<br />
(ख) 60 वें<br />
(ग) 65 वें<br />
(घ) 66 वें<br />
उत्तर-<br />
(ग) 65 वें</p>
<p>प्रश्न 20.<br />
किसी कानूनी दस्तावेज का प्रारंभिक रूप क्या कहलाता है ?<br />
(क) धारा<br />
(ख) प्रारूप<br />
(ग) संविधान<br />
(घ) प्रस्तावना<br />
उत्तर-<br />
(ग) संविधान</p>
<p><span style="color: #0000ff;">रिक्त स्थान की पूर्ति करें :</span></p>
<p>प्रश्न 1.<br />
राज्य की कल्पना करना बेमानी है।<br />
उत्तर-<br />
संविधानहीन</p>
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<p>प्रश्न 2.<br />
नियमों के संग्रह को &#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;. कहा जाता है।<br />
उत्तर-<br />
संविधान</p>
<p>प्रश्न 3.<br />
&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;.वर्षों की चर्चा और बहस के बाद दक्षिण अफ्रीका एक बेमिसाल संविधान बनाने में सफल हुआ।<br />
उत्तर-<br />
दो</p>
<p>प्रश्न 4.<br />
दक्षिण अफ्रीका के स्थानीय लोगों की चमड़ी का रंग &#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;. होता है।<br />
उत्तर-<br />
काला</p>
<p>प्रश्न 5.<br />
दक्षिण अफ्रीकी संविधान से दुनिया भर के लोकतांत्रिक लोग &#8230;&#8230;&#8230;&#8230;.. लेते हैं।<br />
उत्तर-<br />
प्रेरणा</p>
<p>प्रश्न 6.<br />
संविधान स्पष्ट करती है कि &#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230; कैसे होगा। उत्तर-सरकार का गठन</p>
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<p>प्रश्न 7.<br />
&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;.. ई. में महात्मा गाँधी ने यह उद्गार व्यक्त किया कि &#8216;भारतीय संविधान भारतीयों की इच्छानुसार ही होगा।&#8217;<br />
उत्तर-<br />
1922</p>
<p>प्रश्न 8.<br />
1924 ई. में &#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;. द्वारा ब्रिटिश सरकार से यह मांग की गयी कि भारतीय संविधान के निर्माण के लिए संविधान सभा का गठन किया जाए।<br />
उत्तर-<br />
मोतीलाल नेहरू</p>
<p>प्रश्न 9.<br />
&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;. ई. में मोतीलाल नेहरू और आठ कांग्रेस नेताओं ने भारत का एक संविधान लिखा था ।<br />
उत्तर-<br />
1928</p>
<p>प्रश्न 10.<br />
संविधान सभा के सदस्यों की विचारधारा भी &#8230;&#8230;&#8230;&#8230;. थी।<br />
उत्तर-<br />
अलग-अलग.</p>
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<p>प्रश्न 11.<br />
महात्मा गाँधी के पत्रिका का नाम &#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230; था।<br />
उत्तर-<br />
यंग इंडिया</p>
<p>प्रश्न 12.<br />
हमारे संविधान में &#8230;&#8230;&#8230;&#8230;. वें संविधान संशोधन द्वारा प्रस्तावना में भारत को समाजवादी राज्य घोषित किया गया है।<br />
उत्तर-<br />
42</p>
<p>प्रश्न 13.<br />
42वें संवैधानिक संशोधन द्वारा प्रस्तावना में भारत को एक &#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;. राज्य घोषित किया गया है।<br />
उत्तर-<br />
समाजवादी</p>
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<p>प्रश्न 14.<br />
स्वतंत्र न्यायपालिका प्रजातंत्र की &#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;. है।<br />
उत्तर-<br />
आधारशिला</p>
<p>प्रश्न 15.<br />
अब सम्पत्ति का अधिकार एक &#8230;&#8230;&#8230;&#8230;.. अधिकार नहीं है ।<br />
उत्तर-<br />
मौलिक</p>
<p>प्रश्न 16.<br />
शिक्षा के अधिकार को &#8230;&#8230;&#8230;&#8230;.. के रूप में मान्यता प्राप्त है।<br />
उत्तर-<br />
मौलिक अधिकार</p>
<p>प्रश्न 17.<br />
जन-प्रतिनिधियों की वह सभा जो संविधान लिखने का काम करती है उसे &#8230;&#8230;&#8230;.. कहते हैं ।<br />
उत्तर-<br />
संविधान सभा</p>
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<p>प्रश्न 18.<br />
किसी सोच और काम को दिशा देने वाले सबसे बुनियादी विचार को &#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230; कहते हैं।<br />
उत्तर-<br />
दर्शन</p>
<p>प्रश्न 19.<br />
देश की सरकार को उखाड़ फेंकने की कोशिश करने के अपराध को &#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;. कहते हैं।<br />
उत्तर-<br />
देशद्रोह</p>
<p>प्रश्न 20.<br />
संविधान का वह पहला कथन जिसमें कोई अपने संविधान के &#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;.. बुनियादी मूल्यों और अवधारणाओं को स्पष्ट ढंग से कहता<br />
उत्तर-<br />
प्रस्तावना</p>
<p><span style="color: #0000ff;">अतिलघु उत्तरीय प्रश्न</span></p>
<p>प्रश्न 1.<br />
संविधान क्या है?<br />
उत्तर-<br />
किसी देश का शासन जिन नियमों एवं सिद्धान्तों के आधार पर चलता है, उन सिद्धान्तों या नियमों को संविधान कहते हैं।</p>
<p>प्रश्न 2.<br />
अफ्रीकी रंगभेद नीति का विरोध किस संगठन ने किया ?<br />
उत्तर-<br />
अफ्रीकी नेशनल कांग्रेस पार्टी ने।</p>
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<p>प्रश्न 3.<br />
भारत का संविधान किसने बनाया ?<br />
उत्तर-<br />
संविधान सभा ने।।</p>
<p>प्रश्न 4.<br />
भारतीय संविधान प्रारूप कमेटी के अध्यक्ष कौन थे? ।<br />
उत्तर-<br />
डा. अम्बेदकर।।</p>
<p>प्रश्न 5.<br />
संविधान सभा ने भारत का संविधान बनाने में कितना समय लगाया?<br />
उत्तर-<br />
2 वर्ष, 11 महीने एवं.18 दिन ।</p>
<p>प्रश्न 6.<br />
भारत में संसदीय प्रणाली किस देश से प्रभावित होकर ली गई है ?<br />
उत्तर-<br />
इंग्लैंड से।</p>
<p>प्रश्न 7.<br />
भारतीय संविधान की प्रस्तावना में किस वर्ष &#8216;धर्मनिरपेक्ष&#8217; शब्द जोड़ा गया ?<br />
उत्तर-<br />
1976 में।</p>
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<p>प्रश्न 8.<br />
भारतीय संविधान में कितने अनुच्छेद एवं अनुसूचियाँ हैं?<br />
उत्तर-<br />
कुल 395 अनुच्छेद, 22 भाग एवं 12 अनुसूचियाँ हैं।</p>
<p>प्रश्न 9.<br />
संविधान की आवश्यकता क्यों है ?<br />
उत्तर-<br />
संविधान के बिना लोकतंत्रात्मक शासन प्रणाली की कल्पना बेमानी है।</p>
<p>प्रश्न 10.<br />
संविधान निर्माण में निर्माता फ्रांस के संविधान से किस तरह प्रभावित थे ?<br />
उत्तर-<br />
फ्रांसीसी क्रान्ति के आदर्शों से।</p>
<p>प्रश्न 11.<br />
संविधान निर्माता किसके संसदीय कार्य से प्रभावित थे ?<br />
उत्तर-<br />
ब्रिटेन के संसदीय लोकतंत्र के कामकाज से ।</p>
<p>प्रश्न 12.<br />
संविधान निर्माता अमेरिका के संविधान से किस तरह प्रभावित थे ?<br />
उत्तर-<br />
अमेरिका के अधिकारों की सूची से काफी प्रभावित थे।</p>
<p>प्रश्न 13.<br />
संविधान निर्माता रूस के संविधान से किस तरह प्रभावित थे ?<br />
उत्तर-<br />
रूस की समाजवादी क्रान्ति से प्रभावित थे।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://biharboard.guru/wp-content/uploads/2020/04/Bihar-Board-Solutions.png" alt="Bihar Board Class 9 Political Science Solutions Chapter 3 संविधान निर्माण" width="222" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 14.<br />
स्वतंत्र भारत के पहले प्रधानमंत्री कौन थे?<br />
उत्तर-<br />
पं. जवाहरलाल नेहरू ।</p>
<p>प्रश्न 15.<br />
संविधान सभा के लिए कब चुनाव कराए गए ?<br />
उत्तर-<br />
जुलाई 1946 में।</p>
<p>प्रश्न 16.<br />
हम भारतवासी हर वर्ष गणतंत्र दिवस कब मनाते हैं ?<br />
उत्तर-<br />
प्रत्येक वर्ष 26 जनवरी को ।</p>
<p>प्रश्न 17.<br />
संविधान के अनुसार भारत किस प्रकार का राज्य है ?<br />
उत्तर-<br />
भारत एक संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न, समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष लोकतंत्रात्मक गणराज्य है।</p>
<p>प्रश्न 18.<br />
गणराज्य का क्या अर्थ है ?<br />
उत्तर-<br />
गणराज्य का अर्थ है, शक्ति का संपूर्ण स्रोत &#8216;गण&#8217; अर्थात् जनता में है।</p>
<p>प्रश्न 19.<br />
भारतीय संविधान के अनुसार संप्रभुता कहाँ निहित है ?<br />
उत्तर-<br />
भारत की जनता में।</p>
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<p>प्रश्न 20.<br />
पता लगाएं, स्वतंत्र भारत के प्रथम राष्ट्रपति कौन थे ?<br />
उत्तर-<br />
डा. राजेन्द्र प्रसाद ।।</p>
<p>प्रश्न 21.<br />
पता लगाएँ, ब्रिटिश भारत के अंतिम गवर्नर जनरल कौन थे ?<br />
उत्तर-<br />
लार्ड माउंटबेटन ।</p>
<p>प्रश्न 22.<br />
लार्ड माउंटबेटन के बाद स्वतंत्र भारत के प्रथम गवर्नर जनरल<br />
कौन थे?<br />
उत्तर-<br />
श्री सी. राजगोपालाचारी।</p>
<p><span style="color: #0000ff;">लघु उत्तरीय प्रश्न</span></p>
<p>प्रश्न 1.<br />
दक्षिण अफ्रीका में रंगीन चमड़ीवाला किसे कहा गया है ?<br />
उत्तर-<br />
दक्षिण अफ्रीका में मुख्य रूप से काले चमड़ी वाले लोग रहते हैं। आबादी में उनका हिस्सा तीन चौथाई है और उन्हें अश्वेत कहा जाता है। श्वेत गोरे लोग कहलाते हैं। श्वेत और अश्वेत के अलावा वहाँ मिश्रित नस्लों के लोग रहते हैं जिन्हें &#8216;रंगीन चमड़ी&#8217; वाला कहा जाता है। , इनकी त्वचा का रंग लाल होता है।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://biharboard.guru/wp-content/uploads/2020/04/Bihar-Board-Solutions.png" alt="Bihar Board Class 9 Political Science Solutions Chapter 3 संविधान निर्माण" width="222" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 2.<br />
रंगभेद नीति क्या थी?<br />
उत्तर-<br />
रंगभेद की नीति अश्वेतों के लिए खासतौर से दमनकारी थी। उन्हें गोरों की बस्तियों में रहने-बसने की इजाजत नहीं थी। परमिट होने पर ही वे वहाँ जाकर काम कर सकते थे। रेलगाड़ी, किसी भी सवारी, होटल, अस्पताल, स्कूल और कॉलेज, पुस्तकालय, सिनेमाघर, समुद्रतट, तरणताल तथा अन्य सार्वजनिक शौचालयों तक में गोरों और कालों के लिए एकदम अलग-अलग व्यवस्था थी । इसे पृथककरण या अलग-अलग करने का इंतजाम कहा जाता था । अश्वेतों को संगठन बनाने और इस भेदभावपूर्ण व्यवहार का विरोध करने का अधिकार नहीं था । इस तरह रंगभेद नीति अत्यन्त ही दमनकारी थी।</p>
<p>प्रश्न 3.<br />
रंगभेद नीति के खिलाफ किन लोगों ने संघर्ष किया?<br />
उत्तर-<br />
1950 ई. से ही अश्वेत, रंगीन चमड़ी वाले और भारतीय मूल के लोगों ने रंगभेद प्रणाली के खिलाफ संघर्ष किया। उन्होंने विरोध प्रदर्शन किए और हड़ताल आयोजित किया अफ्रीकी नेशनल कांग्रेस के झंडे तले एक जुट हुए इनमें कई मजदूर संगठन और कम्युनिस्ट पार्टी भी शामिल थी। अनेक समझदार और संवेदनशील गोरे नेशनल कांग्रेस के साथ आए और संघर्ष में साथ दिया । लेकिन गोरे सरकार ने रंगभेद में हजारों अश्वेतों और रंगीन चमड़ी वाले लोगों की हत्या और दमन कर डाला</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://biharboard.guru/wp-content/uploads/2020/04/Bihar-Board-Solutions.png" alt="Bihar Board Class 9 Political Science Solutions Chapter 3 संविधान निर्माण" width="222" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 4.<br />
नेल्सन मंडेला के विषय में संक्षेप में लिखें।<br />
उत्तर-<br />
नेल्सन मंडेला दक्षिण अफ्रीका के महान नेता थे । गोरों की सरकार ने मंडेला पर देशद्रोह का मुकदमा चलाकर जेल में बंद कर दिया ।<br />
मंडेला गोरों की सरकार का विरोध करते थे । नेल्सन को 28 वर्षों तक &#8211; जेल में बंद रहने के बाद आजाद कर दिया गया और दक्षिण अफ्रीका<br />
स्वतंत्र हो गया । नेल्सन मंडेला दक्षिण अफ्रीका के प्रथम राष्ट्रपति 1994 ई. में बने।</p>
<p>प्रश्न 5.<br />
दक्षिण अफ्रीका के उदय के साथ अश्वेत नेताओं ने अश्वेत समाज से क्या आग्रह किया?<br />
उत्तर-<br />
नए लोकतांत्रिक दक्षिण अफ्रीका के उदय के साथ ही अश्वेत नेताओं ने अश्वेत समाज से आग्रह किया कि सत्ता में रहते हुए गोरे लोगों ने जो जुल्म किये थे उन्हें भूल जाएँ और गोरों को माफ कर दें। यह भी आग्रह किया कि अब सभी नस्लों तथा स्त्री-पुरुष की समानता, लोकतांत्रिक मूल्यों, सामाजिक न्याय और “मानवाधिकार पर आधारित नए दक्षिण अफ्रीका का निर्माण करें।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://biharboard.guru/wp-content/uploads/2020/04/Bihar-Board-Solutions.png" alt="Bihar Board Class 9 Political Science Solutions Chapter 3 संविधान निर्माण" width="222" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 6.<br />
दक्षिण अफ्रीका का संविधान बेमिसाल संविधान है। कैसे?<br />
उत्तर-<br />
नए संविधान के निर्माण के लिए सभी साथ-साथ मिलकर बैठें। दो वर्षों की चर्चा और बहस के बाद एक बेमिसाल संविधान बनाने में वे सफल रहे । उनका संविधान अपने इतिहास अर्थात् भूतकाल एवं भविष्यतकाल के सुनहरे दिनों की बात करता है। इस संविधान में नागरिकों<br />
को व्यापक अधिकार दिये गये। अतीत के दुःस्वप्न से बाहर निकलकर &#8211; इस बात पर सहमति बनी कि अब से हर समस्या के समाधान में पूर्वाग्रह से मुक्त होकर सबकी भागीदारी होगी।<br />
दक्षिण अफ्रीकी संविधान ऐसा तैयार हुआ कि दुनिया भर के लोकतांत्रिक देश इससे प्रेरणा लेते हैं।</p>
<p>प्रश्न 7.<br />
संविधान की आवश्यकता क्यों है ? व्याख्या करें।<br />
उत्तर-<br />
लोकतंत्र की सफलता के लिए संविधान जरूरी है। किसी देश का शासन जिन नियमों एवं सिद्धान्तों के आधार पर चलता है, उन सिद्धान्तों या नियमों का संग्रह ही संविधान है। संविधानहीन राज्य की कल्पना करना बेमानी है। संविधान के अभाव में राज्य, राज्य न होकर एक प्रकार की अराजकता होगी। इसके अतिरिक्त संविधान नागरिकों को कुछ मौलिक अधिकार प्रदान करते हैं जिससे उनका सर्वांगीण विकास हो सके।</p>
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<p>प्रश्न 8.<br />
संविधान के कार्यों का उल्लेख करें।<br />
उत्तर-<br />
संविधान के निम्नलिखित कार्य हैं-(i) यह स्पष्ट करता है कि सरकार का गठन कैसे होगा और किसे फैसले लेने का अधिकार होगा । (ii) संविधान सरकार के अधिकारों की सीमा तय करता है और हमें बताता है कि नागरिकों के क्या अधिकार हैं । (iii) यह अच्छे समाज के गठन के लिए लोगों की आवश्यकताओं को व्यक्त करता है। (iv) संविधान एक ऐसा दस्तावेज है जिसे किसी देश के नागरिक स्वाभाविक रूप से मानते हैं । संविधान सर्वोच्च कानून है जिससे किसी क्षेत्र विशेष में रहने वाले लोगों के बीच आपसी संबंध तय होने के साथ-साथ लोगों और सरकार के बीच संबंध तय होते हैं।</p>
<p>प्रश्न 9.<br />
&#8216;यंग इंडिया&#8217; में गाँधीजी ने भारत के संविधान के विषय में क्या लिखा था?<br />
उत्तर-<br />
1931 ई. में अपनी पत्रिका &#8216;यंग इंडिया&#8217; में गाँधीजी ने संविधान में अपनी अपेक्षा के बारे में लिखा था, &#8220;मैं भारत के लिए ऐसा संविधान चाहता हूँ जो उसे गुलामी और अधीनता से मुक्त करें। मैं ऐसे भारत के लिए प्रयास करूंगा जिसे सबसे गरीब व्यक्ति भी अपना माने और उसे लगे कि देश को बनाने में उसकी भी भागीदारी है, ऐसा भारत जिसमें लोगों का उच्च वर्ग और निम्न वर्ग न रहे, सभी समुदाय के लोग पूरे मेल-जोल से रहें। जिसमें छुआछूत, शराब और नशीली चीजों के लिए कोई जगह न हो। औरतों को मदों जैसे अधिकार मिले । मैं इससे कम पर संतुष्ट नहीं होऊँगा ।&#8221;</p>
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<p>प्रश्न 10.<br />
डॉ. अम्बेडकर ने संविधान के विषय में क्या भाषण दिया था ?<br />
उत्तर-<br />
संविधान सभा में दिए गए अपने अंतिम भाषण में डॉ. अम्बेडकर ने स्पष्ट ढंग से कहा था-&#8220;26 जनवरी, 1950 को हम विशेषाधिकारों से भरे जीवन में प्रवेश करने जा रहे हैं । राजनीति के मामले में यहाँ समानता होगी पर आर्थिक और सामाजिक जीवन असमानताओं से भरा होगा । राजनीति में हम &#8216;एक व्यक्ति एक वोट&#8217; और &#8216;हर वोट का समान महत्व&#8217; के सिद्धान्त को मानेंगे।&#8221;</p>
<p>प्रश्न 11.<br />
संविधान की प्रस्तावना क्या है ? स्पष्ट करें।<br />
उत्तर-<br />
प्रस्तावना किसी देश के संविधान की कुंजी है। संविधान अपने बुनियादी मूल्यों की एक छोटी-सी उद्देशिका के साथ आरम्भ करता है। इसे ही संविधान की प्रस्तावना या उद्देशिका कहते हैं। अमेरिकी संविधान की प्रस्तावना से प्रेरणा लेकर समकालीन दुनिया के अधिकांश देश अपने संविधान की शुरूआत एक प्रस्तावना से करते हैं। वास्तव में प्रस्तावना में संविधान के स्रोतों, लक्ष्यों, आदर्शों और सरकार के बुनियादी राजनीतिक ढाँचों का संक्षिप्त विवरण होता है।</p>
<p>प्रश्न 12.<br />
संयुक्त राज्य के संविधान की प्रस्तावना के विषय में लिखें।<br />
उत्तर-<br />
संयुक्त राज्य के संविधान की प्रस्तावना कुछ इस प्रकार है&#8217;संयुक्त राज्य के हम सभी लोग अधिक अच्छा संघ बनाने, न्याय की स्थापना करने, घरेलू शांति बनाने, साझा सुरक्षा व्यवस्था बनाने, जन कल्याण को बढ़ावा देने, अपने और अपनी समृद्धि में स्वतंत्रता साथ लेने के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका के इस संविधान को स्थापित करते हैं और इसका अभिषेक करते हैं।</p>
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<p>प्रश्न 13.<br />
भारतीय संविधान की प्रस्तावना पर संक्षिप्त नोट लिखें।<br />
उत्तर-<br />
भारतीय संविधान की प्रस्तावना लोकतंत्र पर लिखित रूप में खूबसूरत कविता-सी लगती है। इसमें वह दर्शन शामिल है जिस पर पूरे संविधान का निर्माण हुआ है। यह दर्शन सरकार के किसी भी कानून और फैसले के मूल्यांकन और परीक्षण का मानक तय करता है । इसके सहारे परखा जा सकता है कि कौन कानून, कौन फैसला अच्छा या बुरा है। प्रस्तावना में ही भारतीय संविधान की आत्मा बसती है।</p>
<p>प्रश्न 14.<br />
क्या भारत एक धर्मनिरपेक्ष राज्य है ?<br />
उत्तर-<br />
धर्मनिरपेक्षता भारतीय संविधान की एक प्रमुख विशेषता है। 42वें संवैधानिक संशोधन द्वारा प्रस्तावना में भारत को एक धर्मनिरपेक्ष राज्य घोषित किया गया है। धर्मनिरपेक्ष राज्य का तात्पर्य यह है कि राज्य की दृष्टि में सभी धर्म समान हैं और राज्य के द्वारा विभिन्न धर्मावलम्बियों में कोई भेद-भाव नहीं किया जायगा। सभी नागरिक स्वेच्छा से कोई धर्म अपनाने और उपासना करने में स्वतंत्र हैं।</p>
<p>प्रश्न 15.<br />
संविधान किसे कहते हैं ?<br />
उत्तर-<br />
संविधान किसी भी देश के उन आधारभूत सिद्धान्तों का समूह होता है । संविधान वहाँ की सरकार के निर्माण, संचालन तथा कार्यपद्धति का ब्यौरा प्रस्तुत करता है । संविधान एक ऐसा लिखित दस्तावेज है जिसे किसी देश के नागरिक स्वाभाविक रूप से मानते हैं । संविधान सर्वोच्च कानून है जिससे किसी क्षेत्र विशेष में रहने वाले लोगों के बीच के आपसी संबंध तय होने के साथ-साथ लोगों और सरकार के बीच संबंध भी तय होते हैं।</p>
<p>प्रश्न 16.<br />
भारतीय संविधान जनता का संविधान क्यों माना जाता है ?<br />
उत्तर-<br />
भारतीय संविधान जनता का संविधान है । यह बात सत्य है कि संविधान सभा के सदस्य वयस्क मताधिकार के आधार पर ही चुने जाते हैं। संविधान सभा के सदस्य प्रांतीय विधानमंडल द्वारा चुने जाते हैं। वास्तव में देश के सभी महत्वपूर्ण नेता संविधान सभा के सदस्य होते हैं। सभी वर्गों (हिन्दू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, महिलाएँ) के प्रतिनिधि संविधान सभा में होते हैं । यदि वयस्क मताधिकार के आधार पर चुनाव होता तो यही व्यक्ति चुनाव जीतकर आते । अतः हमारा संविधान जनता का संविधान है।</p>
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<p>प्रश्न 17.<br />
संविधान के आधार पर गणतंत्र का अर्थ क्या है ?<br />
अथवा, भारत एक लोकतंत्रात्मक गणराज्य है ! कैसे ?<br />
उत्तर-<br />
सरकार की स्थापना जनता के प्रतिनिधियों द्वारा होती है और प्रतिनिधियों का चुनाव जनता संविधान द्वारा प्रदत्त वयस्क मताधिकार द्वारा करती है । गणराज्य से तात्पर्य ऐसे राज्य से है, जहाँ शासनाध्यक्ष चंशानुगत न होकर जनता द्वारा निश्चित अवधि के लिए चुना जाता है । गणराज्य का अर्थ ही यही है कि यहाँ शक्ति का संपूर्ण स्रोत &#8216;गण&#8217; अर्थात् जनता में है। &#8216;लोकतंत्रात्मक&#8217; शब्द इस बात का परिचायक है कि सरकार का स्रोत जनता में ही निहित है, लोकतंत्रात्मक सरकार जनता का, जनता के लिए तथा जनता द्वारा स्थापित होती है।</p>
<p>प्रश्न 18.<br />
संसदात्मक शासन प्रणाली क्या है ? भारत में किस प्रकार संसदीय शासन प्रणाली है ?<br />
उत्तर-<br />
संसदात्मक शासन प्रणाली वह शासन प्रणाली है जहाँ कार्यपालिका व विधानपालिका के बीच अटूट संबंध होता है। कार्यपालिका, विधानपालिका के प्रति उत्तरदायी होता है। कार्यपालिका अर्थात् मंत्रिपरिषद् के सदस्य संसद् के प्रति उत्तरदायी होते हैं। सभी मंत्री प्रधानमंत्री के नेतृत्व में कार्य करते हैं तथा उनका प्रधानमंत्री के प्रति निजी उत्तरदायित्व होता है। भारत में संसदात्मक प्रणाली अपनाई गई है। सभी मंत्रियों का लोकसभा के प्रति सामूहिक उत्तरदायित्व होता है।</p>
<p>प्रश्न 19.<br />
भारत में संघीय प्रणाली होते हुए भी एकल नागरिकता की व्यवस्था है, कैसे?<br />
उत्तर-<br />
हमारे देश में संघीय प्रणाली होते हुए भी एकल नागरिकता की ही व्यवस्था है। भारत का कोई भी निवासी चाहे वह किसी भी राज्य का हो, किसी भी धर्म या संप्रदाय को मानने वाला हो, किसी भी भाषा अथवा क्षेत्र से संबंध रखता है, भारत का नागरिक है। भारत में अखंडता के साथ-साथ मौलिक एकता पर जोर दिया गया है। इसलिए एकल नागरिकता की ही व्यवस्था की गई है।</p>
<p>प्रश्न 20.<br />
संविधान संशोधन प्रक्रिया क्या है, इसे क्यों आवश्यक बनाया गया?<br />
उत्तर-<br />
संविधान सिर्फ मूल्यों और दर्शन का बयान भर नहीं है। यह .एक बहुत ही लम्बा और विस्तृत दस्तावेज है। इसलिए समय-समय पर इसे नया रूप देने के लिए इसमें बदलाव की जरूरत पड़ती है। निर्माताओं को लगा कि इसे भावनाओं के अनुरूप चलना चाहिए और समाज में हो रहे बदलावों से दूर रहना चाहिए। उन्होंने इसे पवित्र स्थायी और न बदले जा सकने वाले कानून के रूप में नहीं देखा था। इसलिए उन्होंने बदलाओं को समय-समय पर शामिल करने का प्रावधान भी रखा । इन बदलावों को &#8216;संविधान संशोधन&#8217; कहते हैं।</p>
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<p>प्रश्न 21.<br />
संविधान में वर्णित समाजवादी सिद्धान्त क्या है ? स्पष्ट करें।<br />
उत्तर-<br />
भारतीय संविधान में प्रशासन के समाजवादी सिद्धान्त पर बल दिया गया है । जिस राजनीतिक प्रशासनिक सिद्धान्त के अन्तर्गत व्यक्ति की अपेक्षा सम्पूर्ण समाज को विकास का समान अवसर प्रदान किया जाता है, उसे &#8216;समाजवाद&#8217; कहते हैं। इसका उद्देश्य संपूर्ण समाज में आर्थिक, राजनीतिक और आधिकारिक दृष्टि से समानता स्थापित करना होता है । वास्तव में समाजवाद का तात्पर्य ऐसे सामाजिक नीति या सिद्धान्त से है, जो उत्पादन के साधनों, पूँजी, जमीन, सम्पत्ति आदि का सम्पूर्ण समुदाय द्वारा नियंत्रण तथा स्वामित्व का समर्थन करता है तथा सभी के हित में वितरण और प्रशासन की व्यवस्था करता है।</p>
<p>प्रश्न 22.<br />
संविधान सभा किसे कहते हैं ?<br />
उत्तर-<br />
जनता द्वारा चुने गए वैसे प्रतिनिधियों की सभा जो संविधान निर्माण का कार्य करती है संविधान सभा कहलाती है । भारतीय संविधान सभा ने 9 दिसम्बर, 1946 से अपना कार्य करना प्रारम्भ कर दिया था । भारत का संविधान 26 नवम्बर,च 1949 ई. को अपना काम पूरा कर . लिया । संविधान 26 जनवरी, 1950 ई. को लागू हुआ ।</p>
<p><span style="color: #0000ff;">दीर्घ उत्तरीय प्रश्न</span></p>
<p>प्रश्न 1.<br />
भारत का संविधान किस प्रकार बना?<br />
उत्तर-<br />
भारत का संविधान एक संविधान सभा ने निर्माण किया है। इसव निर्माण के तत्व इस प्रकार हैं<br />
(i) संविधान सभा का गठन-भारतीय नेता काफी समय से यह मांग करते आ रहे थे कि भारत का संविधान बनाने के लिए संविधान सभा बनाई गई। 1946 में हुई संविधान सभा में 299 सदस्य थे। इसमें बड़े-बड़े नेता थे। जैसे- पं. जवाहरलाल नेहरू, सरदार पटेल, मौलाना अबुल कलाम आजाद, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी श्रीमती सरोजनी नायडू । डॉ. राजेन्द्र प्रसाद संविधान सभा के अध्यक्ष थे।<br />
(ii) प्रारुप समिति की नियक्ति तथा संविधान का निर्माण२ प्रधान का प्रारुप तैयार करने के लिए एक समिति की नियुक्ति की गई। &#8211; 7 समिति के प्रधान डॉ. भीमराव अंबेदकर थे।</p>
<p>इस समिति ने विभिन्न देशों के संविधानों का अध्ययन करके बड़े परिश्रम से संविधान की रूप-रेखा बनाई। इसी रूप रेखा के आधार पर ही देश के लिए विशाल संविधान तैयार किया गया । संविधान तैयार करने में 2 वर्ष, 11 मास और 18 दिन का समय लगा। इस दौरान संविधान. सभा की 114 दिनों तक गंभीर चर्चा हुई। सभा में पेश हर प्रस्ताव, हर शब्द ओर वहाँ कही गई हर बात का रिकार्ड किया गया । इन्हें &#8220;कांस्टीट्यूट असेम्बली डिबेट्स&#8217; नाम से 12 मोटे खंडों में प्रकाशित किया गया । 26 नवंबर, 1949 ई० को संविधान पूरा हुआ और पारित किया गया । इसे 26 जनवरी 1950 ई. को लागू किया गया। इस प्रकार संविधान का गठन हुआ।</p>
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<p>प्रश्न 2.<br />
भारतीय संविधान की प्रस्तावना के महत्व की चर्चा करें।<br />
उत्तर-<br />
भारतीय संविधान की प्रस्तावना में भारतीय संविधान की आत्मा बसती है । इसलिए इसके बहुत महत्व हैं । वे निम्नलिखित हैं</p>
<ul>
<li>जनता का संविधान-प्रस्तावना का आरंभ &#8216;हम भारत के लोग&#8217; से किया गया है। इससे स्पष्ट है यह लोगों अर्थात् जनता का संविधान है, जिसका निर्माण जनता ने अपने प्रतिनिधियों के माध्यम से किया है।</li>
<li>आदर्श मूल्यों की चर्चा-प्रस्तावना के अध्ययन से पता चलता है कि भारतीय संविधान में राष्ट्रीय एकता, अखंडता, समानता, स्वतंत्रता, विश्वशांति आदि भारतीय संविधान के मूल आदर्श हैं।</li>
<li>धर्मनिरपेक्ष राज्य-संविधान के 42वें संशोधन द्वारा 1976 में भारतीय संविधान की प्रस्तावना में धर्म-निरपेक्ष शब्द को जोड़ा गया है। अतः धर्म के आधार पर भारत के किसी भी नागरिक के साथ कोई भेदभाव नहीं किया जा सकता है। कोई भी नागरिक किसी भी धर्म को मान सकता है।</li>
<li>सरकार की अभिव्यक्ति-प्रस्तावना में सरकार के स्वरूप की स्पष्ट झलक मिलती है, कि भारत एक संप्रभुता संपन्न लोकतांत्रिक गणराज्य है।</li>
</ul>
<p>प्रश्न 3.<br />
भारतीय संविधान की प्रमुख विशेषताओं का वर्णन करें।<br />
उत्तर-<br />
भारतीय संविधान की निम्नलिखित विशेषताएँ हैं</p>
<ul>
<li>लोकतांत्रिक गणराज्य-भारतीय संविधान की पहली विशेषता है कि यह लोकतांत्रिक गणराज्य है। यह बताता है कि सरकार की वास्तविक शक्ति का संपूर्ण स्रोत &#8216;गण&#8217; अर्थात् जनता में है।</li>
<li>विशाल एवं लिखित संविधान भारतीय संविधान विश्व का सर्वाधिक विशाल संविधान है। इसमें 395 अनुच्छेद, 22 भाग और 12 अनुसूचियाँ हैं । इसमें संघ और राज्यों की व्यापकता से वर्णन है।</li>
<li>समाजवादी राज्य-42वें संविधान संशोधन द्वारा प्रस्तावना में । भारत को समाजवादी राज्य घोषित किया गया । जो सामाजिक नीति पर आधारित है, जो उत्पादन के साधनों पूँजी, जमीन, सम्पत्ति आदि का सम्पूर्ण द्वारा नियंत्रण तथा स्वामित्व का समर्थन करता है।</li>
<li>सम्प्रभुता-भारत को सम्प्रभुत्व गणराज्य बनाया गया है। इस पर अब किसी बाहरी शक्ति का नियंत्रण नहीं रहा । यहाँ शासन की शक्ति जनता के हाथ में है; जिसका प्रयोग वह अपने प्रतिनिधियों के द्वारा करता है।</li>
<li>धर्मनिरपेक्षता यहाँ राज्य की दृष्टि में सभी धर्म समान हैं और राज्य के द्वारा विभिन्न धर्मावलम्बियों में कोई भेदभाव नहीं किया जाएगा।</li>
<li>संसदीय शासन प्रणाली—इस शासन व्यवस्था के अन्तर्गत शासन की वास्तविक सत्ता मंत्रिपरिषद् में निहित होती है और मंत्रिपरिषद् का नियंत्रण व्यवस्थापिका द्वारा होता है। राष्ट्रपति और राज्यपाल संवैधानिक प्रमुख होते हैं।</li>
<li>संघीय शासन प्रणाली-भारत राज्यों का एक संघ है । संविधान ने शासन शक्ति एक स्थान पर केन्द्रित न करके केन्द्र और राज्य सरकारों में विभाजित कर दी है। यहाँ भारतीय संविधान का स्वरूप संघात्मक है, तथापि व्यावहारिक रूप में उसकी आत्मा एकात्मक है।</li>
<li>स्वतंत्र न्यायपालिका-भारतीय संविधान सारे देश के लिए न्याय प्रशासन की एक व्यवस्था करता है जिसके शिखर पर उच्चतम न्यायालय है। न्यायपालिका को कार्यकारिणी के दबाव और नियंत्रण से स्वतंत्र होना आवश्यक है। स्वतंत्र न्यायपालिका प्रजातंत्र की आधारशिला है ।</li>
<li>मौलिक अधिकार एवं मूल कर्त्तव्य-संविधान द्वारा नागरिकों को, मौलिक अधिकार प्रदान किए गए हैं, जैसे&#8211;समानता, स्वतंत्रता, शोषण के विरुद्ध अधिकार, धार्मिक स्वतंत्रता, शिक्षा के अधिकार आदि 42वें संशोधन, 1976 में 10 मूल कर्त्तव्यों की चर्चा है जिनमें वैधानिक व्यवस्थाओं का पालन, राष्ट्रध्वज का सम्मान करना, राष्ट्रगान का सम्मान करना आदि कर्त्तव्य हैं।</li>
<li>राज्य के नीति निदेशक तत्व-इसका मुख्य लक्ष्य है लोक कल्याणकारी राज्य की स्थापना करना ।</li>
<li>वयस्क मताधिकार-हर 18 वर्ष से ऊपर पुरुष एवं स्त्री को मत देने का अधिकार प्राप्त है। इसमें किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं</li>
<li>एकल नागरिकता-सभी नागरिकों को एक ही नागरिकता प्राप्त है, वह है भारत की नागरिकता।</li>
<li>एक राष्ट्रभाषा की व्यवस्था भारतीय संविधान में कई भाषाओं को मान्यता प्राप्त है पर हिन्दी को राष्ट्रभाषा माना गया है।</li>
</ul>
<p>प्रश्न 4.<br />
15 अगस्त, 1947 की मध्यरात्रि के समय संविधान सभा में दिए पं. जवाहर लाल नेहरू के प्रसिद्ध भाषण का संक्षिप्त रूप प्रस्तुत करें।<br />
उत्तर-<br />
15 अगस्त, 1947 की मध्यरात्रि के समय संविधान में पं. जवाहर लाल नेहरू के भाषण कुछ इस प्रकार थे &#8220;वर्षों पहले हमने अपनी नियति के साथ साक्षात्कार किया था, और अब वक्त आ गया है कि हम अपने वायदों पर अमल करें-पूरी तरह, या हर तरह से नहीं तो काफी हद तक। 12 बजते ही भारत आजाद होगा। ऐसे पवित्र क्षण में हम अपने आपको भारत और उसके लोगों तथा उससे भी अधिक मानवता की सेवा में समर्पित करें, यही हमारे लिए उचित है। आजादी और सत्ता जिम्मेवारियाँ लाती हैं। भारत के संप्रभु लोगों का प्रतिनिधित्व करने वाली इस संप्रभुता सम्पन्न सभा के ऊपर अब जिम्मेवारी है। आजादी के जन्म से पूर्व हमने पूरी प्रसव पीडा झेली है और इस क्रम में हुए दुखों से हमारा दिल भारी है। इसमें कुछ दर्द अभी भी बने हुए हैं। फिर भी इतिहास अब बीत चुका है और भविष्य हमें सुनहरे संकेत दे रहा है।</p>
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		<title>Bihar Board Class 9 Political Science Solutions Chapter 2 लोकतन्त्र क्या और क्यों?</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Priyanshu]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 12 Aug 2020 12:32:14 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uncategorized]]></category>
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					<description><![CDATA[Bihar Board Class 9 Social Science Solutions Political Science राजनीति विज्ञान : लोकतांत्रिक राजनीति भाग 1 Chapter 2 लोकतन्त्र क्या और क्यों? Text Book Questions and Answers, Additional Important Questions, Notes. BSEB Bihar Board Class 9 Social Science Political Science Solutions Chapter 2 लोकतन्त्र क्या और क्यों? Bihar Board Class 9 Political Science लोकतन्त्र क्या ... <a title="Bihar Board Class 9 Political Science Solutions Chapter 2 लोकतन्त्र क्या और क्यों?" class="read-more" href="https://biharboard.guru/bihar-board-class-9-political-science-solutions-chapter-2/" aria-label="Read more about Bihar Board Class 9 Political Science Solutions Chapter 2 लोकतन्त्र क्या और क्यों?">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><a href="https://biharboard.guru/bihar-board-class-9th-social-science-solutions/">Bihar Board Class 9 Social Science Solutions</a> Political Science राजनीति विज्ञान : लोकतांत्रिक राजनीति भाग 1 Chapter 2 लोकतन्त्र क्या और क्यों? Text Book Questions and Answers, Additional Important Questions, Notes.</p>
<h2>BSEB Bihar Board Class 9 Social Science Political Science Solutions Chapter 2 लोकतन्त्र क्या और क्यों?</h2>
<h3>Bihar Board Class 9 Political Science लोकतन्त्र क्या और क्यों? Text Book Questions and Answers</h3>
<p><span style="color: #0000ff;">वस्तुनिष्ठ प्रश्न</span></p>
<p>बहुविकल्पीय प्रश्न :</p>
<p>प्रश्न 1.<br />
किस प्रकार के शासन प्रणाली में सरकार के अधिकारी अपने हित में शासन करते हैं ?<br />
(क) लोकतंत्र में<br />
(ख) गैर-लोकतांत्रिक<br />
(ग) दोनों<br />
(घ) इनमें से कोई नहीं<br />
उत्तर-<br />
(ख) गैर-लोकतांत्रिक</p>
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<p>प्रश्न 2.<br />
पाकिस्तान में परवेज मुशर्रफ ने किस वर्ष सैनिक तख्त पलट की अगुवाई की?<br />
(क) 1990 ई. में<br />
(ख) 1999 ई. में<br />
(ग) 2000 ई. में<br />
(घ) 2002 ई. में<br />
उत्तर-<br />
(ख) 1999 ई. में</p>
<p>प्रश्न 3.<br />
किस वर्ष परवेज मुशर्रफ ने पाकिस्तान का संविधान बदल डाला?<br />
(क) 1999 ई. में<br />
(ख) 2000 ई. में .<br />
(ग) 2001 ई. में.<br />
(घ) 2002 ई. में<br />
उत्तर-<br />
(घ) 2002 ई. में</p>
<p>प्रश्न 4.<br />
चीन की संसद के लिए कितने वर्षों बाद नियमित रूप से चुनाव होती है ?<br />
(क) 5 वर्ष<br />
(ख) 6 वर्ष<br />
(ग) 8 वर्ष<br />
(घ) 10 वर्ष<br />
उत्तर-<br />
(क) 5 वर्ष</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://biharboard.guru/wp-content/uploads/2020/04/Bihar-Board-Solutions.png" alt="Bihar Board Class 9 Political Science Solutions Chapter 2 लोकतन्त्र क्या और क्यों?" width="222" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 5.<br />
चीन में चुनाव लड़ने से पहले किससे मंजूरी लेनी पड़ती है ?<br />
(क) सरकार से.<br />
(ख) संयुक्त राष्ट्र संघ से<br />
(ग) चीनी कम्युनिस्ट पार्टी से<br />
(घ) किसी से भी नहीं<br />
उत्तर-<br />
(ग) चीनी कम्युनिस्ट पार्टी से</p>
<p>प्रश्न 6.<br />
&#8220;लोकतंत्र ऐसा शासन है जिसमें लोगों का, लोगों के लिए और लोगों द्वारा शासन किया जाता है-&#8221; निम्नलिखित में से किसका कथन<br />
(क) जॉर्ज वाशिंगटन का<br />
(ख) महात्मा गाँधी का<br />
(ग) रूजवेल्ट का<br />
(घ) अब्राहम लिंकन का<br />
उत्तर-<br />
(क) जॉर्ज वाशिंगटन का</p>
<p>प्रश्न 7.<br />
किस शासन व्यवस्था में राज परिवार में जन्म लेने वाला व्यक्ति शासक बन जाता है ?<br />
(क) लोकतंत्र में<br />
(ख) सैनिक शासन में<br />
(ग) राजशाही में<br />
(घ) गणतात्रिक शासन में<br />
उत्तर-<br />
(ग) राजशाही में</p>
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<p>प्रश्न 8.<br />
किस देश में प्रत्यक्ष लोकतंत्र है ?<br />
(क) चीन में<br />
(ख) म्यांमार में<br />
(ग) जापान में<br />
(घ) स्विट्जरलैंड में<br />
उत्तर-<br />
(घ) स्विट्जरलैंड में</p>
<p>प्रश्न 9.<br />
निम्नलिखित में से कौन-सा तथ्य लोकतंत्र के लिए जरूरी है ?<br />
(क) सैनिक अधिकारी ही शासन चलाते हैं<br />
(ख) जनता द्वारा चुने हुए प्रतिनिधि ही शासन चलाते हैं<br />
(ग) लोग स्वयं शासन करते हैं<br />
(घ) राजपरिवार को कोई संतान<br />
उत्तर-<br />
(ख) जनता द्वारा चुने हुए प्रतिनिधि ही शासन चलाते हैं</p>
<p>प्रश्न 10.<br />
निम्नलिखित में से किस देश में महिलाओं को अभी भी वोट देने का अधिकार नहीं है ?<br />
(क) पाकिस्तान में<br />
(ख) चीन में<br />
(ग) जापान में<br />
(घ) सऊदी अरब में<br />
उत्तर-<br />
(घ) सऊदी अरब में</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://biharboard.guru/wp-content/uploads/2020/04/Bihar-Board-Solutions.png" alt="Bihar Board Class 9 Political Science Solutions Chapter 2 लोकतन्त्र क्या और क्यों?" width="222" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 11.<br />
लोकतंत्र के लिए क्या आवश्यक है ?<br />
(क) सरकार संवैधानिक कानूनों के भीतर ही काम करती है।<br />
(ख) सरकार मनमाने ढंग से काम करती है।<br />
(ग) सरकार कोई भी फैसला अपने मन से करती है।<br />
(घ) सरकार के लिए संविधान जानना आवश्यक नहीं।<br />
उत्तर-<br />
(क) सरकार संवैधानिक कानूनों के भीतर ही काम करती है।</p>
<p>प्रश्न 12.<br />
लोकतंत्र शासन का ऐसा रूप है जिसमें- .<br />
(क) चुनाव स्वतंत्र नहीं होते हैं<br />
(ख) चुनाव में एक ही दल भाग लेता है<br />
(ग) चुनाव पक्षपातपूर्ण होता है<br />
(घ) जनता के पास शासकों को बदलने का विकल्प और अवसर उपलब्ध होते हैं<br />
उत्तर-<br />
(घ) जनता के पास शासकों को बदलने का विकल्प और अवसर उपलब्ध होते हैं</p>
<p>प्रश्न 13.<br />
लोकतंत्र का मुख्य दोष है<br />
(क) गैर जिम्मेदार लोगों का<br />
(ख) विद्वानों का<br />
(ग) देशभक्तों का<br />
(घ) सच्चे सेवकों का<br />
उत्तर-<br />
(क) गैर जिम्मेदार लोगों का</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://biharboard.guru/wp-content/uploads/2020/04/Bihar-Board-Solutions.png" alt="Bihar Board Class 9 Political Science Solutions Chapter 2 लोकतन्त्र क्या और क्यों?" width="222" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 14.<br />
चीन में भयंकर अकाल कब पड़ा था ?<br />
(क) 1958-61 ई. के दौरान<br />
(ख) 1965 ई. में<br />
(ग) 1965-70 ई. के दौरान<br />
(घ) 1980 ई० में<br />
उत्तर-<br />
(क) 1958-61 ई. के दौरान</p>
<p>प्रश्न 15.<br />
किसके शासन काल में भारत में 1975 ई० में आपातकाल लागू किया गया?<br />
(क) श्री लालबहादुर शास्त्री<br />
(ख) श्रीमती इंदिरा गाँधी<br />
(ग) डॉ. मनमोहन सिंह<br />
(घ) श्री देवगोड़ा<br />
उत्तर-<br />
(ख) श्रीमती इंदिरा गाँधी</p>
<p>प्रश्न 16.<br />
लोकतंत्र में अकाल भुखमरी की संभावना कम रहती है । यह तर्क देने में कौन-सा कारण सही है ?<br />
(क) सरकार की आलोचना कर सकने वाला स्वतंत्र मीडिया होता<br />
(ख) विपक्षी दल कमजोर होते हैं<br />
(ग) एक दलीय चुनावी व्यवस्था होती है<br />
(घ) अधिकारी मनमानी करते हैं<br />
उत्तर-<br />
(क) सरकार की आलोचना कर सकने वाला स्वतंत्र मीडिया होता</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://biharboard.guru/wp-content/uploads/2020/04/Bihar-Board-Solutions.png" alt="Bihar Board Class 9 Political Science Solutions Chapter 2 लोकतन्त्र क्या और क्यों?" width="222" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 17.<br />
निम्नलिखित में से कहाँ का शासन लोकतांत्रिक होता है ?<br />
(क) जहाँ सैनिक पदाधिकारी शासक हो<br />
(ख) जहाँ का शासक राजा का पुत्र हो<br />
(ग) जहाँ का शासक एक तानाशाह हो<br />
(घ) जहाँ लोगों द्वारा चुने गए प्रतिनिधि ही शासन करते हैं।<br />
उत्तर-<br />
(घ) जहाँ लोगों द्वारा चुने गए प्रतिनिधि ही शासन करते हैं।</p>
<p>प्रश्न 18.<br />
&#8216;मूरों का शासन&#8217;-किस शासन का अवगुण है।<br />
(क) राजतंत्र का<br />
(ख) सैनिक शासन में<br />
(ग) लोकतंत्र में<br />
(घ) इनमें से कोई नही<br />
उत्तर-<br />
(ग) लोकतंत्र में</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://biharboard.guru/wp-content/uploads/2020/04/Bihar-Board-Solutions.png" alt="Bihar Board Class 9 Political Science Solutions Chapter 2 लोकतन्त्र क्या और क्यों?" width="222" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 19.<br />
किस शासन प्रणाली में चुनाव में अनेक दलों की भागीदारी होती<br />
(क) सैनिक शासन में<br />
(ख) राजतंत्र में ।<br />
(ग) लोकतंत्र में<br />
(घ) तानाशाही में<br />
उत्तर-<br />
(ग) लोकतंत्र में</p>
<p>प्रश्न 20.<br />
लोकतंत्र शासन का प्रमुख दोष है।<br />
(क) संविधान के अनुसार काम करना<br />
(ख) जनता की बातों पर ध्यान देना<br />
(ग) भ्रष्ट नेताओं के हाथ का खिलौना बन जाना<br />
(घ) इनमें से कोई नहीं<br />
उत्तर-<br />
(ग) भ्रष्ट नेताओं के हाथ का खिलौना बन जाना</p>
<p><span style="color: #0000ff;">रिक्त स्थान की पूर्ति करें :</span></p>
<p>प्रश्न 1.<br />
परवेज मुशर्रफ ने पाकिस्तान में सैनिक तख्तापलट कर खुद देश का &#8230;&#8230; घोषित कर दिया।<br />
उत्तर-<br />
मुख्य कार्यकारी</p>
<p>प्रश्न 2.<br />
फरवरी &#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230; में पाकिस्तान में आम चुनाव हुए।<br />
उत्तर-<br />
2008 ई.</p>
<p>प्रश्न 3.<br />
पाकिस्तान के राष्ट्रपति &#8230;. हैं।<br />
उत्तर-<br />
अशिफ अली जरदारी</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://biharboard.guru/wp-content/uploads/2020/04/Bihar-Board-Solutions.png" alt="Bihar Board Class 9 Political Science Solutions Chapter 2 लोकतन्त्र क्या और क्यों?" width="222" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 4.<br />
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री &#8230;&#8230;&#8230;&#8230;.. हैं।<br />
उत्तर-<br />
युसूफ</p>
<p>प्रश्न 5.<br />
संसदीय प्रणाली में मतदान द्वारा चुनाव में जीते हुए प्रत्याशी कहलाते हैं।<br />
उत्तर-<br />
प्रतिनिधि</p>
<p>प्रश्न 6.<br />
लोकतंत्र में बिना किसी डर, भय एवं &#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230; के इच्छानुसार वोट डाला जाता है।<br />
उत्तर-<br />
प्रलोभन</p>
<p>प्रश्न 7.<br />
फिजी देश के मूलवासियों के वोट का महत्व भारतीय मूल के &#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230; के. वोट से ज्यादा है।<br />
उत्तर-<br />
फिजी नागरिक</p>
<p>प्रश्न 8.<br />
लोकतंत्र में सरकार &#8230;&#8230;&#8230;&#8230;.. नहीं कर सकती।<br />
उत्तर-<br />
मनमानी</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://biharboard.guru/wp-content/uploads/2020/04/Bihar-Board-Solutions.png" alt="Bihar Board Class 9 Political Science Solutions Chapter 2 लोकतन्त्र क्या और क्यों?" width="222" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 9.<br />
लोकतंत्र में सरकार उसी की बनती है जिसका विधानसभा या लोकसभा में &#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;. प्राप्त हो।<br />
उत्तर-<br />
बहुमत</p>
<p>प्रश्न 10.<br />
लोकतंत्र में सरकार लोगों के अधिकारों को &#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;. रखती है।<br />
उत्तर-<br />
सुरक्षित</p>
<p>प्रश्न 11.<br />
लोकतंत्र में नेता सिर्फ &#8230;&#8230;&#8230;. के प्रयास में रहते हैं।<br />
उत्तर-<br />
सत्ता हथियाने</p>
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<p>प्रश्न 12.<br />
अर्थशास्त्रियों के अनुसार लोकतांत्रिक देश में कही भी बड़ी &#8230;&#8230;&#8230;&#8230;. नहीं हुई।<br />
उत्तर-<br />
त्रासदी</p>
<p>प्रश्न 13.<br />
लोकतंत्र में &#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230; चुनावी व्यवस्था होती है।<br />
उत्तर-<br />
बहुदलीय</p>
<p>प्रश्न 14.<br />
लोकतांत्रिक सरकार &#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230; के लिए सबसे उत्तम शासन है।<br />
उत्तर-<br />
लोककल्याण</p>
<p>प्रश्न 15.<br />
लोकतंत्र में &#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;.. निरंतर व्यवस्थापिका एवं कार्यपालिका पर नजर रखे रहती है।<br />
उत्तर-<br />
न्यायपालिका</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://biharboard.guru/wp-content/uploads/2020/04/Bihar-Board-Solutions.png" alt="Bihar Board Class 9 Political Science Solutions Chapter 2 लोकतन्त्र क्या और क्यों?" width="222" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 16.<br />
लोकतंत्र में लोगों की गरिमा एवं इच्छाओं का &#8230;&#8230;&#8230;. किए जाने की ज्यादा संभावना है<br />
उत्तर-<br />
सम्मान</p>
<p>प्रश्न 17.<br />
लोकतंत्र में केवल प्रतिनिधि ही &#8230;&#8230;&#8230;&#8230; में भाग लेते हैं।<br />
उत्तर-<br />
शासन-संचालन</p>
<p>प्रश्न 18.<br />
लोकतंत्र केवल सरकार तक ही सीमित नहीं है बल्कि उसकी पहुँच संगठन, गाँव एवं &#8230;&#8230;&#8230;&#8230;. तक है।<br />
उत्तर-<br />
परिवार</p>
<p>प्रश्न 19.<br />
लोकतंत्र शासन व्यवस्था एक &#8230;&#8230;. है।<br />
उत्तर-<br />
आदर्श</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://biharboard.guru/wp-content/uploads/2020/04/Bihar-Board-Solutions.png" alt="Bihar Board Class 9 Political Science Solutions Chapter 2 लोकतन्त्र क्या और क्यों?" width="222" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 20.<br />
लोकतंत्र सामान्य मनुष्य में &#8230;&#8230; पैदा करती है।<br />
उत्तर-<br />
निष्ठा</p>
<p><span style="color: #0000ff;">अतिलघु उत्तरीय प्रश्न</span></p>
<p>प्रश्न 1.<br />
लोकतंत्र में किस प्रकार की सरकार होती है ?<br />
उत्तर-<br />
लोकतंत्र में ऐसी सरकार होती है जहाँ जनता अपने शासक का स्वयं चुनाव करती है।</p>
<p>प्रश्न 2.<br />
जनरल परवेज मुशर्रफ पाकिस्तान में किस प्रकार के शासक थे ?<br />
उत्तर-<br />
सैनिक शासक ।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://biharboard.guru/wp-content/uploads/2020/04/Bihar-Board-Solutions.png" alt="Bihar Board Class 9 Political Science Solutions Chapter 2 लोकतन्त्र क्या और क्यों?" width="222" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 3.<br />
जनरल परवेज मुशर्रफ ने धोखाधड़ी का सहारा लेकर क्या किया?<br />
उत्तर-<br />
अपना कार्यकाल पांच वर्षों के लिए बढ़वा लिया।</p>
<p>प्रश्न 4.<br />
2002 ई० में परवेज मुशर्रफ ने क्या किया?<br />
उत्तर-<br />
उन्होंने संविधान को बदल डाला। ।</p>
<p>प्रश्न 5.<br />
पाकिस्तान में 2008 के आम चुनाव में राष्ट्रपति कौन बने ?<br />
उत्तर-<br />
आसिफ अली जरदारी।</p>
<p>प्रश्न 6.<br />
राजशाही शासन व्यवस्था में शासन कौन चलाता है?<br />
उत्तर-<br />
राजा।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://biharboard.guru/wp-content/uploads/2020/04/Bihar-Board-Solutions.png" alt="Bihar Board Class 9 Political Science Solutions Chapter 2 लोकतन्त्र क्या और क्यों?" width="222" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 7.<br />
चीन में सदस्यों का चुनाव कौन करता है ?<br />
उत्तर-सेना करती है।</p>
<p>प्रश्न 8.<br />
अब्राहम लिंकन कहाँ के राष्ट्रपति थे?<br />
उत्तर-<br />
संयुक्त राज्य अमेरिका के।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://biharboard.guru/wp-content/uploads/2020/04/Bihar-Board-Solutions.png" alt="Bihar Board Class 9 Political Science Solutions Chapter 2 लोकतन्त्र क्या और क्यों?" width="222" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 9.<br />
लोकतंत्र में अन्तिम शक्ति कहां निवास करती है?<br />
उत्तर-<br />
जनता में।</p>
<p>प्रश्न 10.<br />
लोकतांत्रिक शासन प्रणाली का एकण लिखें।<br />
उत्तर-<br />
नागरिकों को मताधिकार एवं स्वतंत्रता प्राप्त है</p>
<p>प्रश्न 11.<br />
लोकतंत्र की एक महत्वपूर्ण विशेषता लिखें।.<br />
उत्तर-<br />
लोकतंत्र स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव पर आधारित होता है।</p>
<p>प्रश्न 12.<br />
वर्ष 2005 में बिहार के मुख्यमंत्री कान बने ।<br />
उत्तर-<br />
श्री नीतिश कुमार ।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://biharboard.guru/wp-content/uploads/2020/04/Bihar-Board-Solutions.png" alt="Bihar Board Class 9 Political Science Solutions Chapter 2 लोकतन्त्र क्या और क्यों?" width="222" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 13.<br />
भारतीय जनता पार्टी का चुनाव चिह्न क्या है ?<br />
उत्तर-<br />
कमल छाप।</p>
<p>प्रश्न 14.<br />
लोकतंत्र का पहला गुण क्या है ?<br />
उत्तर-<br />
लोकतंत्र में शासक को जनता के प्रति अधिक जवाबदेही होती है।</p>
<p>प्रश्न 15.<br />
लोकतंत्र शासन कैसी व्यवस्था है ?<br />
उत्तर-<br />
लोकतंत्र शासन एक ऐसी व्यवस्था है जिसका प्रयोग जीवन के किसी भी क्षेत्र में हो सकता है।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://biharboard.guru/wp-content/uploads/2020/04/Bihar-Board-Solutions.png" alt="Bihar Board Class 9 Political Science Solutions Chapter 2 लोकतन्त्र क्या और क्यों?" width="222" height="17" /></p>
<p><span style="color: #0000ff;">लघु उत्तरीय प्रश्न</span></p>
<p>प्रश्न 1.<br />
लोकतंत्र क्या है?<br />
उत्तर-<br />
एक ऐसी शासन-व्यवस्था जो लोगों द्वारा चुनी जाती है और लोगों के हित में शासन करती है। लोकतंत्र कहलाती है। इसमें समानता, स्वतंत्रता जैसे लोकतांत्रिक सिद्धान्तों पर विशेष बल दिया जाता है। वर्तमान समय में यह शासन व्यवस्था सबसे लोकप्रिय है।</p>
<p>प्रश्न 2.<br />
लोकतंत्र की एक प्रसिद्ध परिभाषा दें।<br />
उत्तर-<br />
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन ने लोकतंत्र की जो व्याख्या दी वह सबसे प्रसिद्ध परिभाषा सिद्ध हुई । उनके अनुसार &#8216;लोकतंत्र ऐसा शासन है जिसमें लोगों का, लोगों के लिए और लोगों द्वारा शासन किया जाता है।&#8217;</p>
<p>(“Democracy is a government of the people, by the people and for the people.&#8221;)<br />
-Abraham Lincoln.</p>
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<p>प्रश्न 3.<br />
गैर-लोकतांत्रिक शासन क्या है ?<br />
उत्तर-<br />
कुछ सरकारें ऐसी होती हैं जो लोगों द्वारा निर्वाचित न होकर अन्य माध्यमों जैसे तख्तापलट, पारिवारिक परम्परा आदि से स्थापित होती हैं ऐसी सरकारों के अधिकारी अपने हित में शासन करते हैं। ऐसी शासन-व्यवस्था को गैर-लोकतांत्रिक शासन कहा जाता है। जैसे6 अक्टूबर 1999 ई. से लगभग.दिसम्बर 2007 ई. तक पाकिस्तान का<br />
शासन सैनिक तख्तापलट के कारण जनरल मुशर्रफ के हाथ में रहा । .</p>
<p>प्रश्न 4.<br />
प्रत्यक्ष लोकतंत्र और अप्रत्यक्ष लोकतंत्र में क्या अन्तर है ?<br />
उत्तर-<br />
प्रत्यक्ष लोकतंत्र- प्रत्यक्ष लोकतंत्र शासन व्यवस्था का वह रूप है जिसमें जनता प्रत्यक्ष रूप से शासन संचालन में भाग लेती है, एवं कानून का निर्माण भी स्वयं करती है। प्राचीन काल में भारत में लिच्छवी, विदेह आदि जनपदों में प्रत्यक्ष लोकतंत्र था। आज स्विट्जरलैंड में यह शासन प्रणाली वर्तमान है।</p>
<p>अप्रत्यक्ष लोकतंत्र-अप्रत्यक्ष लोकतंत्र शासन-व्यवस्था का वह रूप है जहाँ लोग अपने प्रतिनिधि का चुनाव करते हैं और चुने हुए प्रतिनिधि &#8211; के द्वारा शासन में स्वयं भाग लेते हैं । भारत, अमेरिका, वर्तमान पाकिस्तान में इस प्रकार का लोकतंत्र कायम हैं।</p>
<p>प्रश्न 5.<br />
लोकतांत्रिक और गैर-लोकतांत्रिक सरकार का एक-एक लक्षण लिखें।<br />
उत्तर-<br />
लोकतांत्रिक सरकार-लोकतंत्र में लोग अपने-अपने वोट के माध्यम से अपने प्रतिनिधि का चुनाव करते हैं। ये चुने हुए प्रतिनिधि ही शासन का संचालन करते हैं, सरकार के लिए फैसले लेते हैं और कानूनों का निर्माण करते हैं।</p>
<p>गैर-लोकतांत्रिक सरकार-वैसी सरकारें जो लोगों द्वारा निर्वाचित न । होकर अन्य माध्यमों जैसे तख्तापलट, पारिवारिक परम्परा आदि से स्थापित होती हैं के अधिकारी अपने हित में शासन करते हैं। ऐसी शासन-व्यवस्था को गैर-लोकतांत्रिक शासन कहा जाता है। जैसेम्यांमार में अभी भी सैनिक शासन है जो कि गैर-लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था है।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://biharboard.guru/wp-content/uploads/2020/04/Bihar-Board-Solutions.png" alt="Bihar Board Class 9 Political Science Solutions Chapter 2 लोकतन्त्र क्या और क्यों?" width="222" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 6.<br />
लोकतंत्र, राजतंत्र और सैनिक शासन से किस प्रकार भिन्न है ?<br />
उत्तर-<br />
लोकतंत्र-लोकतंत्र वह शासन प्रणाली है जिसमें राज्य की &#8216;सना जनता के हाथ में होती है और सरकार जनता द्वारा चुने गए &#8211; प्रतिनिधियों द्वारा चलाई जाती है।</p>
<p>राजतक राजतंत्र में शासन का कार्य राजा द्वारा चलाया जाता है। राजा निर्वाचित नहीं होता बल्कि पैतृक आधार पर राज्य का अधिकारी बन जाता है।</p>
<p>सैनिक शासन-सैनिक शासन में सेना का शासन होता है। सेना तानाशाही या मनमाने ढंग से अपनी भलाई के लिए शासन करती है। यह शासन किसी के प्रति उत्तरदायी नहीं होती । इस प्रकार के शासन में चुनावों का कोई स्थान नहीं होता है। विरोध करने वाले को जेल में डाल दिया जाता है या फिर मौत के घाट उतार दिया जाता है।</p>
<p>इस प्रकार राजतंत्र और सैनिक शासन दोनों ही गैर-लोकतांत्रिक शासन हैं।</p>
<p>प्रश्न 7.<br />
लोकतांत्रिक सरकार की किन्हीं चार आवश्यक तथ्यों का वर्णन<br />
करें।<br />
उत्तर-</p>
<ul>
<li>शासकों का चुनाव जनता के द्वारा होता है ।</li>
<li>चुनाव निष्पक्ष और स्वतंत्र होते हैं ।</li>
<li>चुनाव में अनेक दलों की भागीदारी होती है, जिसके कारण लोगों के पास शासकों को बदलने का विकल्प और अवसर उपलब्ध होते हैं।</li>
<li>चुनाव में बनी सरकार संविधान द्वारा निर्धारित तौर-तरीकों एवं नियमों के अन्दर ही कार्य करत. है और सरकार लोगों के अधिकारों को सुरक्षित रखती है।</li>
</ul>
<p>प्रश्न 8.<br />
लोकतांत्रिक शासन में नागरिकों को प्राप्त (पाठ के आधार पर) किन्हीं चार अधिकारों का वर्णन करें।<br />
उत्तर-</p>
<ul>
<li>जनता को मताधिकार प्राप्त होता है, जिससे वह बिना किसी डर, भय एवं प्रलोभन के अपनी इच्छानुसार वोट डालता है।</li>
<li>लोगों को मत प्रयोग के लिए अपना विचार रखने व विचारों की अभिव्यक्ति का अधिकार होता है।</li>
<li>लोग राजनीतिक संस्थाओं के लिए चुनावों में भाग ले सकते हैं तथा स्वयं चुनाव में भाग भी ले सकते हैं।</li>
<li>हर नागरिक को चुनाव लड़ने का अधिकार होता है।</li>
</ul>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://biharboard.guru/wp-content/uploads/2020/04/Bihar-Board-Solutions.png" alt="Bihar Board Class 9 Political Science Solutions Chapter 2 लोकतन्त्र क्या और क्यों?" width="222" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 9.<br />
क्या सेना के हाथों में शासन देना उचित होगा? तर्कपूर्ण उत्तर दें।<br />
उत्तर-<br />
यद्यपि सेना देश का सबसे अनुशासित और भ्रष्टाचार मुक्त संगठन है तथापि देश का शासन सेना को सौंपना लोकतंत्र के विरुद्ध है। सेना के अधिकार निर्वाचित नहीं होते। अत: वे जो कार्य करेंगे अपने हितों के लिए ही करेंगे। जनता के हितों पर उचित ध्यान नहीं देंगे । उनका शासन अधिकतर निरंकुश होता है। सैन्य विरोधियों को आसानी से कुचल डालते हैं।</p>
<p>प्रश्न 10.<br />
मानवाधिकार क्या है ? संक्षेप में लिखें।<br />
उत्तर-<br />
व्यक्ति एवं समाज को राज्य द्वारा विभिन्न प्रकार के अधिकार प्रदान किए जाते हैं। इसके अतिरिक्त प्रकृति ने भी हमें कुछ अधिकार प्रदान किए हैं। इन अधिकारों का उपयोग कर व्यक्ति अपने व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास कर सकता है। जैसे—स्वतंत्रता का अधिकार, समानता का अधिकार, जीवन जीने का अधिकार आदि । ये सब अधिकार मानवाधिकार कहलाते हैं। इन अधिकारों की प्राप्ति केवल लोकतंत्र में ही नागरिकों को प्रदान किए जाते हैं।</p>
<p>प्रश्न 11.<br />
लोकतांत्रिक चुनाव किस तरह के होते हैं ?<br />
उत्तर-<br />
लोकसभा और विधानसभा चुनाव विभिन्न तरह के झंडे एवं बैनर लेकर लोग चुनाव प्रचार करते हैं। ये विभिन्न तरह के झंडे विभिन्न दलों के होते हैं। जैसे-पंजा छाप काँग्रेस पार्टी का, कमल छाप भारतीय जनता पार्टी का, लालटेन छाप राष्ट्रीय जनता दल का, तीर छाप जनता दल यूनाइटेड का आदि । ये सभी दल मतदाता को अपनी ओर लामबंद करने और अपने पक्ष में मतदान करने के लिए लोगों को आकर्षित करते हैं । विभिन्न दलों के नेता अपने-अपने चुनावी कार्यक्रमों एवं भाषणों के माध्यम से अपनी-अपनी नीतियों को लोगों के सामने रखते हैं। देश के लोग उनके भाषण एवं विचारों को सुनकर अपनी इच्छानुसार मतदान करते हैं। उस समय मतदाता के समक्ष विभिन्न दलों का विकल्प होता है । जहाँ कहीं भी बहुदलीय व्यवस्था नहीं है वहाँ लोकतंत्र नहीं हो सकता। इस प्रकार लोकतंत्र सरकार का ऐसा रूप है जिसमें शासकों का चुनाव लोग करते हैं।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://biharboard.guru/wp-content/uploads/2020/04/Bihar-Board-Solutions.png" alt="Bihar Board Class 9 Political Science Solutions Chapter 2 लोकतन्त्र क्या और क्यों?" width="222" height="17" /></p>
<p><span style="color: #0000ff;">दीर्घ उत्तरीय प्रश्न</span></p>
<p>प्रश्न 1.<br />
लोकतंत्र का शासक कौन होता है, शासकों का चुनाव कैसे होता है? शासकों के चुनाव में कौन लोग भाग लेते हैं ? किस तरह की सरकार को हम लोकतांत्रिक सरकार कहेंगे? या, लोकतंत्र की विशेषताओं का वर्णन करें।<br />
उत्तर-</p>
<p>(i) शासक कौन-लोकतंत्रीय व्यवस्थायें जो वयस्क हैं वोट डालने जाते हैं। ये लोग अपने-अपने वोट के माध्यम से अपने प्रतिनिधि का चुनाव करते हैं । ये चुने हुए प्रतिनिधि शासन का संचालन करते हैं। इस प्रकार अन्तिम शक्ति जनता के हाथों में निवास करती है। अतः लोकतंत्र में जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधि देश का शासक होता है। निर्वाचित सरकार जनता के लिए फैसले लेती है और कानून का निर्माण करती है।<br />
इस प्रकार लोकतंत्र में अन्तिम शक्ति जनता में निवास करती है जो लोकतंत्र की एक विशेषता है।</p>
<p>(ii) शासकों का चुनाव कैसे होता है ?-लोकतंत्र में बिना किसी डर, भय एवं प्रलोभन के अपनी इच्छानुसार वोट डाला जाता है। अतः हम कह सकते हैं कि लोकतंत्र में चुनाव निष्पक्ष एवं स्वतंत्र होता है जो इसकी प्रमुख विशेषता है।</p>
<p>(iii) शासकों के चुनाव में कौन लोग भाग लेते हैं- शासकों के चुनाव में सभी वयस्क लोग अपना-अपना वोट डालने जाते हैं । लोकतंत्र का सीधा संबंध मताधिकार से जुड़ा हुआ है। लोकतंत्र के लिए आवश्यक है कि सभी वयस्क लोगों को समान रूप से वोट देने का अधिकार मिले तथा सभी लोगों के वोट का महत्व बराबर हो । यह भी लोकतंत्र की एक महत्वपूर्ण विशेषता है।</p>
<p>(iv) किस तरह की सरकार को हम लोकतांत्रिक सरकार कहेंगे?लोकतंत्र में संविधान के अनुसार देश का शासन चलता है न कि किसी खास व्यक्ति या संस्था के अनुसार ।<br />
लोकतंत्र में लोगों की बुनियादी अधिकारों की गारंटी होती है। लोगों को सोचने का, अपना विचार देने का, संगठन बनाने का, विरोध करने का, राजनैतिक गतिविधियों में स्वतंत्र रूप से भाग लेने आदि की स्वतंत्रता होती है। कानून की नजर में सभी समान होते हैं। लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए न्यायपालिका होती है।</p>
<p>इस प्रकार लोकतंत्र की एक विशेषता यह भी है कि लोकतंत्र में शासन कानून के अनुसार चलता है।<br />
लोकतंत्र की मुख्य विशेषताओं का संक्षिप्त रूप इस प्रकार है &#8211;</p>
<ul>
<li>लोकतंत्र की अन्तिम शक्ति जनता में निवास करती है।</li>
<li>लोकतंत्र में चुनाव निष्पक्ष एवं स्वतंत्र होते हैं ।</li>
<li>सभी वयस्क लाग को समान रूप से वोट देने का अधिकार प्राप्त है।</li>
<li>लोकतंत्र में शासन “कानून के अनुसार चलता है।</li>
<li>लोगों के अधिकारों की गारंटी होती है।</li>
</ul>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://biharboard.guru/wp-content/uploads/2020/04/Bihar-Board-Solutions.png" alt="Bihar Board Class 9 Political Science Solutions Chapter 2 लोकतन्त्र क्या और क्यों?" width="222" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 2.<br />
लोकतंत्र के पक्ष में तर्क प्रस्तुत करें।<br />
अथवा, लोकतंत्र शासन अन्य शासनों से बेहतर क्यों है ?<br />
अथवा, लोकतंत्र के कौन-कौन से गुण हैं ?<br />
अथवा, लोकतंत्र शासन सर्वोत्तम शासन प्रणाली है। कैसे?<br />
उत्तर-<br />
(i) शासन के प्रति जवाबदेही-लोकतंत्र का पहला गुण है कि लोकतंत्र में शासन अधिक जवाबदेही वाला होता है। ऐसा देखा जाता है कि लोकतांत्रिक देशों में सरकार लोगों की जरूरत के अनुसार अपना आचरण करती है। चीन में 1958-61 ई. के दौरान भयंकर अकाल पड़ा। इसमें करोड़ों लोग भूख से मर गए । ठीक ऐसी ही तरह की भयावह स्थिति वर्ष 2008 ई. के अगस्त-सितम्बर महीने में उत्तरी बिहार में बाढ़ से उत्पन्ना प्रलय की थी जिसमें करोड़ों-अरबों की संपत्ति का नुकसान हुआ लाखों लोग बेघर एवं तबाह हो गए। भारत में लोकतांत्रिक व्यवस्था होने के कारण बिहार ने उससे जल्द ही निजात पा लिया; जबकि चीन को उस अकाल से निजात पाने में काफी समय लगा। इस संबंध में अर्थशास्त्रियों का कहना है कि किसी भी स्वतंत्र और लोकतांत्रिक देश में कभी भी बड़ी त्रासदी नहीं हुई क्योंकि लोकतांत्रिक देशों में बहुदलीय चुनावी व्यवस्था है वहाँ मजबूत विपक्षी दल होते हैं और सरकार की आलोचना के लिए स्वतंत्र मीडिया होती है।</p>
<p>(ii) लोकतंत्र में सरकार लोक कल्याण के लिए कार्य करती हैगैर-लोकतांत्रिक सरकारों की तुलना में लोकतांत्रिक सरकार लोककल्याण के लिए सबसे उत्तम शासन-व्यवस्था है। लोकतंत्र में जनता अपने प्रतिनिधियों के माध्यम से शासन करती है। प्रतिनिधि जनता की इच्छाओं, भावनाओं और आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर शासन करते हैं। जैसे- चीन में गैर-लोकतांत्रिक शासन के कारण शासन व्यवस्था में लोक कल्याण की भावना की कमी थी फलस्वरूप भयानक त्रासदी हो गयी।</p>
<p>(iii) लोकतंत्र में न्यायपालिका निरंतर व्यवस्थापिका एवं कार्यपालिका पर नजर रखे रहती है-मानव को प्रकृति प्रदत्त कुछ अधिकार प्राप्त हैं, जैसे-स्वतंत्रता का अधिकार, समानता का अधिकार, जीवन जीने का अधिकार आदि। जिसे मानवाधिकार भी कहा जाता है। इन अधिकारों का उपयोग कर व्यक्ति अपने व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास कर सकता है। इस तरह के अधिकार केवल लोकतंत्र में ही नागरिकों को प्रदान किए जाते हैं। गैर-लोकतांत्रिक प्रशासन में नहीं। मानवाधिकारों की रक्षा हेतु ही न्यायपालिका की व्यवस्था होती है।</p>
<p>(iv) लोकतंत्र में सरकार को अपनी गलती सुधारने का मौका मिलता है-यदि सरकार जल्दीबाजी में कोई फैसला कर लेती है तो जनता भी उसे गलत कहकर पद से हटा देती है । जैसे- वर्ष 1975 ई. में श्रीमती इंदिरा गाँधी ने भारत में आपातकाल लागू की थी, जो लोगों के विचार में गलत फैसला था। इस फैसले के कारण श्रीमती इंदिरा गाँधी को 1977 ई० के चुनाव में लोगों ने मतदान नहीं किया और श्रीमती गाँधी को सत्ता से हटना पड़ा । इस तरह की व्यवस्था गैर-लोकतांत्रिक सरकारों में संभव नहीं है। अत: लोकतंत्र में सरकार को अपनी गलती सुधारने का मौका रहता है।</p>
<p>(v) लोकतंत्र में लोगों की गरिमा एवं इच्छाओं को सम्मान मिलता है-लोकतंत्र न ही सभी समस्याओं का समाधान कर सकता है और न ही सभी चीजों को उपलब्ध कर सकता है जो जीवन के लिए आवश्यक है। फिर भी यह कहा जा सकता है कि लोकतंत्र उन सभी दूसरी शासन व्यवस्था से बेहतर है जिन्हें हम जानते हैं और दुनिया के लोगों को जिनका अनुभव है। यह अच्छे फैसलों के लिए बेहतर सेवा उपलब्ध कराता है। इससे लोगों की गरिमा बनी रहती है। इसी कारण से लोकतंत्र को सबसे अच्छा शासन व्यवस्था मानी जाती है।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://biharboard.guru/wp-content/uploads/2020/04/Bihar-Board-Solutions.png" alt="Bihar Board Class 9 Political Science Solutions Chapter 2 लोकतन्त्र क्या और क्यों?" width="222" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 3.<br />
लोकतंत्र के विपक्ष में तर्क प्रस्तुत करें।<br />
अथवा, लोकतंत्र के अवगुणों की चर्चा करें।<br />
अथवा, लोकतंत्र को मूरों का शासन कहा जाता है । क्यों ?<br />
उत्तर-<br />
यद्यपि लोकतंत्र शासन की सर्वाधिक सर्वोत्तम प्रणाली है तथापि इस प्रणाली में कई दोष हैं। इनके दोष निम्नलिखित हैं-</p>
<ul>
<li>मूल् का शासन-लोकतंत्र के विरोधी यह तर्क देते हैं कि लोकतांत्रिक देशों में अनपढ़ एवं गैर जिम्मेदार लोगों की संख्या ज्यादा होती है । अत: चुने हुए प्रतिनिधि अनपढ़ और मूर्ख होते हैं । इसलिए इसे मूरों का शासन कहा जाता है।</li>
<li>नैतिकता की कोई जगह नहीं लोकतंत्र में सत्ता की लड़ाई और सत्ता का खेल चलता है। इसमें नैतिकता की कोई जगह नहीं रह जाती है और इसके अन्तर्गत सिर्फ सत्ता हथियाने का प्रयास किया जाता है। इससे लोगों के साथ-साथ देश को काफी क्षति पहुँचती है।</li>
<li>फैसला की प्रक्रिया में विलंब-लोकतंत्र में फैसला लेने की प्रक्रिया बड़ी कठिन होती है । फैसला लेने के पहले काफी वाद-विवाद, बहस एवं चर्चा होती है जिससे किसी भी निर्णय पर पहुँचने में दिक्कत होती है। .</li>
<li>यह काफी खर्चीला शासन है-क्योंकि इसमें होने वाले चुनावों &#8211; में काफी खर्च आता है। देश की बहुत बड़ी राशि चुनावों में पानी की तरह बहता है।</li>
<li>लोकतंत्र भ्रष्ट नेताओं के हाथ का खिलौना है ऐसा भी कहा जाता है कि लोकतंत्र घोटालों की सरकार होती है। जैसे बिहार में चारा घोटाला 600 करोड़ का तथा झारखंड में 400 करोड़ का घोटाला हुआ । ये सभी भ्रष्ट नेताओं के ही करतूत हैं।</li>
<li>लोकतंत्र न तो आशंका समाप्त कर पाया और न गरीबी मिटाई है-लोकतंत्र अभी तक समस्याओं को समाप्त करने संबंधी कोई तौर-तरीका विकसित नहीं कर पाया है। लोकतंत्र में लोगों की भागीदारी होती है पर फैसला लेने में काफी देर होती है। इसलिए जनता में असंतोष की भावना बढ़ती जाती है।</li>
</ul>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://biharboard.guru/wp-content/uploads/2020/04/Bihar-Board-Solutions.png" alt="Bihar Board Class 9 Political Science Solutions Chapter 2 लोकतन्त्र क्या और क्यों?" width="222" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 4.<br />
लोकतांत्रिक और गैर-लोकतांत्रिक सरकार में अन्तर स्पष्ट करें।<br />
उत्तर-<br />
शासन व्यवस्था के स्वरूप कई तरह के हो सकते हैंलोकतांत्रिक और गैर-लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था । इन दोनों में निम्नलिखित अन्तर है</p>
<p>(क) लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था-(i) एक ऐसी शासन व्यवस्था होती है जो लोगों द्वारा चुनी जाती है और लोगों के हित में शासन करती है। (ii) इसमें लोगों की भागीदारी होती है। (iii) चुनाव के द्वारा प्रतिनिधि चुने जाते हैं । चुनाव में देश के वयस्क लोग अर्थात् जिनकी उम्र 18 वर्ष से अधिक है, वोट डालते हैं और योग्य व्यक्ति को अपना प्रतिनिधि चुनकर शासन का संचालन करते हैं । (iv) इस शासन में संप्रभुता जनता के हाथों में रहती है । (v) लोकतंत्र में चुनाव निष्पक्ष एवं स्वतंत्र होते हैं । (vi) यहाँ हर व्यक्ति के वोट का एक समान महत्व होता है। (vii) लोकतंत्र में लोगों के बुनियादी अधिकारों की गारंटी होती है। (viii) कानून की नजर में सभी लोगों की समानता होनी चाहिए । (ix) लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए न्यायपालिका होती है। (x) लोकतंत्र में बहुमत प्राप्त दल का ही शासन होता है। (xi) सरकार संविधान द्वारा निर्धारित तौर-तरीकों व नियमों के अंदर ही कार्य करती है। (xii) चुनाव में अनेक दलों की भागीदारी होती है जिसके कारण लोगों के पास शासकों को बदलने का विकल्प और अवसर उपलब्ध होते हैं । चुनाव एक नियत समय पर होती है। (xiii) इस प्रकार के शासन की कुछ बुराइयाँ हैं जैसे—मूखों का शासन, काफी खर्चीला शासन, नैतिकता का अभाव आदि । बावजूद इसके आज दुनियाँ भर के देशों में लोकतंत्रीय शासन अपनाने की होड़ मची हुई है। यह विश्व स्तर पर सर्वश्रेष्ठ शासन प्रतीत होता है।</p>
<p>(ख) गैर-लोकतांत्रिक शासन-(i) कुछ ऐसी सरकारें भी हैं जो लोगों द्वारा निर्वाचित न होकर अन्य माध्यमों जैसे तख्तापलट, पारिवारिक . परम्परा आदि द्वारा स्थापित होती हैं। ऐसी सरकारों के अधिकारी अपने हित में शासन करते हैं। ऐसी शासन-व्यवस्था को गैर-लोकतांत्रिक शासन कहा जाता है । (ii) गैर-लोकतांत्रिक सरकार में अधिकारी अपनी भलाई के अनसार काम करते हैं। (ii) चनाव होने पर भी व्यापक पैमाने पर धोखाधड़ी व गड़बड़ियाँ की जाती हैं । (iv) सरकार जनता द्वारा वैधानिक ढंग से चनी हई नहीं होती । (v) चनाव नियत समय पर नहीं होते । (vi) स्वतंत्र एवं निष्पक्ष न्यायपालिका का अभाव होता है । (vii) अंतिम निर्णय लेने की शक्ति जनता के पास नहीं होती है। (viii) शासन संचालन में आम लोगों की भागीदारी नहीं होती। (ix) लोगों के अधिकारों की गारंटी नहीं होती है। (x) सरकार किसी संवैधानिक कानन के अन्दर काम नहीं करती। सच माने में उनका कोई संविधान ही नहीं होता। (xi) गैर-लोकतांत्रिक शासन प्रणाली एक आलोचित शासन प्रणाली है, जिससे जनता दूर भागती है।</p>
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<p>प्रश्न 5.<br />
सामान्य लोकतंत्र और एक बेहतर लोकतंत्र कौन है ? क्या सरकार<br />
की परिधि से बाहर भी लोकतंत्र है ?<br />
उत्तर-<br />
लोकतंत्र सबसे अच्छी शासन व्यवस्था है। सामान्य और बेहतर लोकतंत्र कौन है ? क्या सरकार की परिधि से बाहर भी लोकतंत्र है ? आदि कई ऐसे प्रश्न हैं, जिनका ज्ञान हमें होना चाहिए।</p>
<p>किसी समस्या के समाधान के लिए घर के सभी सदस्य एक जगह पर मिल-जुल कर विचार-विमर्श के द्वारा फैसला करते हैं। अन्त में . फैसला सभी लोगों के विचार के अनुसार होता है।</p>
<p>मिल-जुल कर किया गया फैसला बुनियादी तौर-तरीके को उजागर करता है । इससे स्पष्ट होता है कि लोकतंत्र केवल सरकार तक ही सीमित नहीं है बल्कि इसकी पहुँच संगठन, गाँव एवं परिवार तक है । इस प्रकार लोकतंत्र एक ऐसी व्यवस्था है जिसका प्रयोम जीवन के किसी भी क्षेत्र में हो सकता है।</p>
<p>एक बेहतर लोकतंत्र तभी होगा जब वहाँ का लोकतंत्र आदर्श लोकतंत्र के रूप में जाना जाए। जिसे पाने के लिए सभी देश प्रयासरत हैं। एक आदर्श के रूप में लोकतंत्र तभी आयेगा जब देश का कोई भी व्यक्ति भूखे पेट नहीं सोयेगा, सभी को वोट का समान अधिकार मिलेगा, सभी को समान रूप से सूचनाएँ उपलब्ध होगी, बुनियादी शिक्षा सभी को समान रूप से मिलेगा। अगर हम इस आदर्श पर लोकतंत्र को परखेंगे तो लगेगा कि दुनिया में कहीं भी लोकतंत्र नहीं आ पायेगा । लोकतंत्र में इन्हीं बुनियादी समस्याओं का समाधान करने का प्रयास किया जाता है, जो लोकतंत्र का आदर्श है । अतः जहाँ निष्ठा से इन बुनियादी समस्याओं के समाधान का प्रयास किया जाता है वहाँ अच्छा लोकतंत्र है।</p>
<p>अतः लोकतंत्र मात्र राजनीतिक व्यवस्था है जो सामान्य रूप से जनहित में लगा है तथा काम चलाऊ है पर व्यापक अर्थ में लोकतंत्र एक राजनीतिक व्यवस्था ही नहीं वरन एक नैतिक धारणा तथा सामाजिक परिस्थिति भी है । लोकतंत्र एक सामान्य मनुष्य में निष्ठा पैदा करती है। यह जीवन जीने का एक ढंग प्रस्तुत करती है।</p>
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