Bihar Board Class 12th Geography Notes Chapter 14 मानव बस्तियाँ

Bihar Board Class 12th Geography Notes Chapter 14 मानव बस्तियाँ → मानव बस्ती ‘मानव बस्ती’ से आशय है किसी भी प्रकार और आकार के घरों का संकुल जिसमें मनुष्य रहते हैं। इस उद्देश्य के लिए लोग मकानों व इमारतों का निर्माण करते हैं। बस्तियाँ, आकार और प्रकार में भिन्न होती हैं। ये पल्ली से लेकर … Read more

Bihar Board Class 12th Geography Notes Chapter 13 मानव विकास

Bihar Board Class 12th Geography Notes Chapter 13 मानव विकास → परिचय नगरों में विकास का विकृत चेहरा है—गन्दी बस्तियाँ, ट्रैफिक जाम, भीड़, अपराध, निर्धनता, भीख माँगना, फुटपाथ पर सोना, प्रदूषित जल व वायु आदि। अल्पावधि में कुछ प्रदेशों और व्यक्तियों के लिए किया गया विकास बड़े पैमाने पर पारिस्थितिक निम्नीकरण के साथ कई लोगों … Read more

Bihar Board Class 12th Geography Notes Chapter 12 प्रवास-प्रकार, कारण और परिणाम

Bihar Board Class 12th Geography Notes Chapter 12 प्रवास-प्रकार, कारण और परिणाम →  प्रवास प्रवास दिक् और काल दोनों के सन्दर्भ में जनसंख्या के पुनर्वितरण का अभिन्न अंग और एक महत्त्वपूर्ण कारक है। भारत से भी बड़ी संख्या में लोग उत्तम अवसरों की तलाश में विभिन्न स्थानों विशेष रूप से मध्य-पूर्व और पश्चिमी यूरोप के … Read more

Bihar Board Class 12th Geography Notes Chapter 11 जनसंख्या: वितरण, घनत्व, वृद्धि एवं संघटन

Bihar Board Class 12th Geography Notes Chapter 11 जनसंख्या: वितरण, घनत्व, वृद्धि एवं संघटन → जनसंख्या की दृष्टि से चीन के बाद भारत का विश्व में द्वितीय स्थान है। → 2011 की जनगणना के अनुसार देश की जनसंख्या 121.02 करोड़ थी। → भारत में प्रथम जनगणना सन् 1872 में हुई थी, लेकिन पहली सम्पूर्ण जनगणना … Read more

Bihar Board Class 12th Geography Notes Chapter 10 मानव बस्तियाँ

Bihar Board Class 12th Geography Notes Chapter 10 मानव बस्तियाँ → मानव बस्ती मानव बस्ती का अध्ययन मानव भूगोल का मूल है क्योंकि किसी भी क्षेत्र में बस्तियों का रूप उस क्षेत्र के वातावरण से मानव का सम्बन्ध दर्शाता है। एक स्थान जो साधारणतया स्थायी रूप से बसा हुआ हो, उसे ‘मानव बस्ती’ कहते हैं। … Read more

Bihar Board Class 12th Geography Notes Chapter 9 अंतर्राष्ट्रीय व्यापार

Bihar Board Class 12th Geography Notes Chapter 9 अंतर्राष्ट्रीय व्यापार → व्यापार व्यापार, तृतीयक क्रियाकलाप है। व्यापार का तात्पर्य वस्तुओं और सेवाओं के स्वैच्छिक आदान-प्रदान से है। व्यापार के दो स्तर – (1) अन्तर्राष्ट्रीय एवं (2) राष्ट्रीय व्यापार। अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार–विभिन्न राष्ट्रों के बीच वस्तुओं व सेवाओं के आदान-प्रदान को कहते हैं। राष्ट्रीय व्यापार-देश के आन्तरिक … Read more

Bihar Board Class 12th Geography Notes Chapter 8 परिवहन एवं संचार

Bihar Board Class 12th Geography Notes Chapter 8 परिवहन एवं संचार → परिवहन, संचार एवं व्यापार, उत्पादन केन्द्रों और उपभोग केन्द्रों को जोड़ते हैं। → प्रत्येक प्रदेश उन्हीं वस्तुओं का उत्पादन करता है, जिसके लिए वहाँ आदर्श दशाएँ उपलब्ध होती हैं। → परिवहन व्यक्तियों और वस्तुओं को एक स्थान से दूसरे स्थान तक वहन करने … Read more

Bihar Board Class 12th Geography Notes Chapter 7 तृतीयक और चतुर्थ क्रियाकलाप

Bihar Board Class 12th Geography Notes Chapter 7 तृतीयक और चतुर्थ क्रियाकलाप → तृतीयक क्रियाकलाप तृतीयक क्रियाकलाप बुद्धि और कुशलता से जुड़ी सेवाएँ हैं। इसमें मिस्त्री, प्लम्बर, डॉक्टर, शिक्षक, वकील, केटरर आदि की सेवाएँ आती हैं। तृतीयक सेवाओं में वस्तुओं का उत्पादन नहीं होता। ये सेवाएँ विनिर्माण उद्योग से अलग होती हैं, क्योंकि विनिर्माण में … Read more

Bihar Board Class 12th Geography Notes Chapter 6 द्वितीयक क्रियाएँ

Bihar Board Class 12th Geography Notes Chapter 6 द्वितीयक क्रियाएँ → द्वितीयक क्रियाएँ द्वितीयक क्रियाओं द्वारा प्राकृतिक संसाधनों के मूल्य में वृद्धि होती है। इसमें प्रकृति में पाए जाने वाले कच्चे माल का रूप बदलकर उन्हें मूल्यवान बनाया जाता है। उदाहरण-कपास के द्वारा सूती वस्त्र का निर्माण आदि। → विनिर्माण विनिर्माण का अर्थ किसी भी … Read more

Bihar Board Class 12th Geography Notes Chapter 5 प्राथमिक क्रियाएँ

Bihar Board Class 12th Geography Notes Chapter 5 प्राथमिक क्रियाएँ → आर्थिक क्रिया मानव के वह क्रियाकलाप जिनसे आय प्राप्त होती है उन्हें ‘आर्थिक . क्रिया’ कहा जाता है। आर्थिक क्रियाओं को मुख्यत: चार वर्गों में विभक्त किया जाता है (1) प्राथमिक, (2) द्वितीयक, (3) तृतीयक एवं (4) चतुर्थक क्रियाएँ। प्राथमिक क्रियाएँ प्रत्यक्ष रूप से … Read more

Bihar Board Class 12th Geography Notes Chapter 4 मानव विकास

Bihar Board Class 12th Geography Notes Chapter 4 मानव विकास → वृद्धि और विकास वृद्धि-वृद्धि मात्रात्मक और मूल्यनिरपेक्ष है। वृद्धि में परिवर्तन धनात्मक अथवा ऋणात्मक हो सकता है। विकास-विकास गुणात्मक और मूल्य सापेक्ष है। विकास सकारात्मक वृद्धि (धनात्मक) के समय होता है। विकास उस समय होता है जब गुणवत्ता में सकारात्मक परिवर्तन होता है। उदाहरण-किसी … Read more